कुल्टी: अधिकारों की जानकारी किसी भी नागरिक को अपने हितों की रक्षा करने के लिए सशक्त बनाती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कुल्टी गर्ल्स हाई स्कूल में इंटरनेशनल इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स सोशल काउंसिल की ओर से मानवाधिकार और उपभोक्ता अधिकार जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों, जिम्मेदारियों, उत्पादों की गुणवत्ता तथा मानकीकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को केवल मानवाधिकारों के प्रति जागरूक करना ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में उपभोक्ता के तौर पर मिलने वाले अधिकारों की जानकारी देना भी था। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बाजार में किसी वस्तु या सेवा को खरीदते समय ग्राहक को उसकी गुणवत्ता, प्रमाणिकता, पैकेजिंग, मानक चिह्न और आवश्यक जानकारी की जांच अवश्य करनी चाहिए। जागरूक उपभोक्ता न केवल खुद को नुकसान से बचा सकता है, बल्कि बाजार में बेहतर गुणवत्ता की व्यवस्था बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
संजय सिन्हा ने उपभोक्ता जागरूकता को बताया जरूरी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंटरनेशनल इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स सोशल काउंसिल के चेयरमैन संजय सिन्हा रहे। अपने संबोधन में उन्होंने मानवाधिकारों के साथ-साथ उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि एक जागरूक और सशक्त उपभोक्ता ही अपने अधिकारों के लिए सही तरीके से आवाज उठा सकता है।
संजय सिन्हा ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए संस्थाओं, उद्योगों, विक्रेताओं और स्वयं उपभोक्ताओं की संयुक्त भूमिका आवश्यक है। यदि ग्राहक किसी उत्पाद की गुणवत्ता और प्रमाणिकता को लेकर सजग रहेगा तथा जरूरत पड़ने पर उचित माध्यम से शिकायत दर्ज करेगा, तो इससे बाजार में जवाबदेही बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की जानकारी लोगों को सम्मान और न्याय के लिए आवाज उठाने की शक्ति देती है, वहीं उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी आर्थिक हितों की रक्षा करने में मदद करती है। इसलिए दोनों विषयों को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में लगातार जागरूकता फैलाना आवश्यक है।
बीआईएस की भूमिका पर डाला गया प्रकाश
कार्यक्रम के दौरान भारतीय मानक ब्यूरो की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई। संजय सिन्हा ने कहा कि उत्पादों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के पालन को सुनिश्चित करने में भारतीय मानक ब्यूरो की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने उपभोक्ताओं से किसी भी सामान की खरीदारी करते समय संबंधित मानकों और प्रमाणिकता की जानकारी लेने की अपील की।
उन्होंने प्रतिभागियों को बीआईएस केयर ऐप के बारे में भी जानकारी दी। बताया गया कि उपभोक्ता इस माध्यम से प्रमाणित उत्पादों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने और आवश्यक होने पर शिकायत दर्ज करने जैसी सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं। कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक होने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी उपभोक्ता अधिकारों के बारे में जानकारी दें।
‘मानक मंथन’ तकनीकी सत्र में हुई चर्चा
जागरूकता कार्यक्रम के साथ ‘मानक मंथन’ नामक तकनीकी सत्र का भी आयोजन किया गया। इस सत्र में सामान्य उपभोक्ता उत्पादों की पैकेजिंग से जुड़े विषय पर चर्चा हुई। विशेष रूप से पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले लेपित मुड़ने वाले बॉक्स बोर्ड के विनिर्देश से संबंधित विषय को समझाया गया।
वक्ताओं ने बताया कि किसी उत्पाद की गुणवत्ता केवल उसके अंदर मौजूद सामग्री तक सीमित नहीं होती। उसकी पैकेजिंग, उस पर दी गई जानकारी और निर्धारित मानकों का पालन भी उपभोक्ता सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सही पैकेजिंग उत्पाद को सुरक्षित रखने के साथ ग्राहक तक आवश्यक जानकारी पहुंचाने में भी मदद करती है।
120 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ उपभोक्ताओं ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में 120 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। विद्यार्थियों को विशेष रूप से यह समझाने का प्रयास किया गया कि वे भविष्य के जागरूक नागरिक और उपभोक्ता हैं, इसलिए उन्हें अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों की जानकारी अभी से होनी चाहिए।
कार्यक्रम में प्रखंड अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ माला माजी, प्रखंड उपाध्यक्ष हीरा पाठक, जिला संयोजक अमित सिंह तथा स्कूल की प्रधानाध्यापिका नीलांजना मुखर्जी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों और वक्ताओं ने उपभोक्ता संरक्षण के लिए जागरूकता, गुणवत्ता आश्वासन और निर्धारित मानकों के पालन को महत्वपूर्ण बताया।
प्रतिभागियों को दिए गए प्रमाण पत्र
कार्यक्रम के समापन पर इसमें भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इससे विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभागियों में उत्साह देखने को मिला। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल एक दिन तक जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि लोगों में लंबे समय तक अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की आदत विकसित करना है।
कुल्टी गर्ल्स हाई स्कूल में आयोजित यह कार्यक्रम मानवाधिकार और उपभोक्ता अधिकारों को एक साथ जोड़कर जागरूकता फैलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अधिकारों की जानकारी जितनी अधिक होगी, नागरिक उतना ही सशक्त होगा।
बाजार में रोजाना होने वाली खरीदारी से लेकर किसी सेवा का इस्तेमाल करने तक उपभोक्ता के अधिकार जुड़े हुए हैं। ऐसे में गुणवत्ता, प्रमाणिकता और मानकों की जानकारी रखना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में दिए गए संदेश का सार यही रहा कि जागरूक उपभोक्ता ही सुरक्षित उपभोक्ता है और अपने अधिकारों के प्रति सजग नागरिक ही मजबूत समाज की नींव रखता है।





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