आसनसोल: रक्षा बंधन के पावन अवसर पर आसनसोल के रवीन्द्र भवन में पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से विशेष राखी उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में त्योहार की पारंपरिक भावना के साथ सामाजिक सौहार्द, स्नेह और आपसी भाईचारे का संदेश भी देखने को मिला। विभिन्न स्कूलों से पहुंची छात्राओं ने कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य गणमान्य अतिथियों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दीं।
रवीन्द्र भवन में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही उत्साह का माहौल देखने को मिला। छात्राओं के पहुंचने के बाद कार्यक्रम स्थल पर रक्षा बंधन के रंग और अधिक गहरे हो गए। छात्राओं ने पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ अतिथियों की कलाई पर राखी बांधी। अतिथियों ने भी छात्राओं का उत्साह बढ़ाया और उन्हें स्नेह एवं आशीर्वाद दिया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने लिया हिस्सा
सरकार की ओर से आयोजित राखी उत्सव में आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी, बाराबनी के विधायक अरिजीत राय, पश्चिम बर्दवान के जिलाधिकारी एस. पन्नाबालम, आसनसोल नगर निगम के कमिश्नर सहित कई अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने इसे विशेष बना दिया। छात्राओं ने एक-एक कर अतिथियों को राखी बांधी और रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दीं। राखी बंधवाने के दौरान अतिथियों के चेहरे पर भी खुशी साफ दिखाई दी।
रक्षा बंधन के इस आयोजन में किसी औपचारिक कार्यक्रम के बजाय रिश्तों और भावनाओं को प्राथमिकता मिलती नजर आई। छात्राओं और अतिथियों के बीच बातचीत तथा आत्मीय माहौल ने पूरे आयोजन को खास बना दिया।
छात्राओं ने बांधी राखी, अतिथियों ने दिया आशीर्वाद
विभिन्न स्कूलों से आई छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। सजी हुई राखियों के साथ छात्राएं अतिथियों के पास पहुंचीं और उनकी कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद उन्होंने सभी को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दीं।
राखी बंधवाने के बाद अतिथियों ने छात्राओं को आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। कई छात्राओं के लिए यह अवसर इसलिए भी खास रहा, क्योंकि उन्हें जिले के प्रमुख जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ रक्षा बंधन मनाने का मौका मिला।
रक्षा बंधन के अवसर पर इस तरह का आयोजन बच्चों और युवाओं को त्योहार के सामाजिक महत्व से जोड़ने का भी माध्यम बन सकता है। इससे उनमें आपसी सम्मान, स्नेह और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में मदद मिलती है।
भाई-बहन के रिश्ते से आगे सामाजिक सद्भाव का संदेश
रक्षा बंधन भारतीय संस्कृति के प्रमुख त्योहारों में से एक है। आमतौर पर इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई उसकी सुरक्षा तथा सम्मान का संकल्प लेता है। हालांकि, समय के साथ इस त्योहार का सामाजिक अर्थ भी व्यापक हुआ है।
रवीन्द्र भवन में आयोजित राखी उत्सव में भी इसी व्यापक भावना की झलक देखने को मिली। यहां छात्राओं ने अलग-अलग क्षेत्र से जुड़े अतिथियों को राखी बांधी। इससे यह संदेश सामने आया कि रक्षा बंधन केवल पारिवारिक रिश्तों का त्योहार नहीं, बल्कि समाज में स्नेह, सम्मान और विश्वास मजबूत करने का अवसर भी है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों के अनुसार, ऐसे आयोजनों से विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और आत्मीयता बढ़ती है। खासकर विद्यार्थियों को सामाजिक आयोजनों से जोड़ने से उनमें समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो सकती है।
रवीन्द्र भवन में दिखा उत्सव का माहौल
रवीन्द्र भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा। छात्राओं की मौजूदगी और राखी बांधने की प्रक्रिया ने कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया। अतिथियों ने छात्राओं के साथ बातचीत की और उनके साथ रक्षा बंधन की खुशियां साझा कीं।
कार्यक्रम में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी छात्राओं की भावनाओं का सम्मान किया। राखी बंधवाने के दौरान कई अतिथियों ने छात्राओं को प्रोत्साहित किया और उनके बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
रक्षा बंधन जैसे अवसरों पर सरकारी स्तर पर आयोजित सामाजिक कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को त्योहार की सांस्कृतिक भावना से जोड़ने के साथ-साथ आपसी एकजुटता को बढ़ावा देना भी हो सकता है। रवीन्द्र भवन का आयोजन इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया।
छात्राओं के लिए यादगार बना आयोजन
विभिन्न स्कूलों से आई छात्राओं के लिए यह आयोजन एक यादगार अनुभव रहा। उन्होंने न केवल अतिथियों की कलाई पर राखी बांधी, बल्कि एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम का हिस्सा भी बनीं। इससे उनमें आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता की भावना को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं और अतिथियों के बीच दिखाई दी आत्मीयता ने रक्षा बंधन की मूल भावना को सामने रखा। राखी की डोर ने कुछ समय के लिए सभी को एक साझा भावनात्मक रिश्ते से जोड़ दिया।
आसनसोल के रवीन्द्र भवन में आयोजित यह राखी उत्सव इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि त्योहारों की खुशी तभी और बढ़ जाती है, जब उसे समाज के अधिक से अधिक लोगों के साथ साझा किया जाए। छात्राओं द्वारा जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की कलाई पर बांधी गई राखी ने स्नेह और सम्मान का वातावरण बनाया।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से आयोजित इस विशेष राखी उत्सव में परंपरा और सामाजिक सौहार्द का सुंदर मेल देखने को मिला। छात्राओं की मासूम मुस्कान, अतिथियों की आत्मीयता और राखी बांधने की रस्म ने रवीन्द्र भवन को कुछ समय के लिए भाई-बहन के स्नेह से भर दिया। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि सम्मान, विश्वास और अपनापन समाज को जोड़ने वाली ऐसी डोर हैं, जो किसी एक परिवार तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि पूरे समाज को एक साथ बांध सकती हैं।




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