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आसनसोल-दुर्गापुर

हज यात्रा पर निकले गुलाम मुस्तफा से मारपीट मामले में आरोपी गिरफ्तार, दानिश अज़ीज़ बोले—संविधान से ऊपर कोई नहीं

Moutushi · 28 August 2026, 8:23 PM

आसनसोल, 28 अगस्त 2026: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के जलंगी विधानसभा क्षेत्र के निवासी गुलाम मुस्तफा पैदल हज यात्रा के उद्देश्य से लंबी यात्रा पर निकले हैं। इसी यात्रा के दौरान 26 अगस्त को आसनसोल से गुजरते समय उनके साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा में आ गया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए कथित रूप से मारपीट करने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, गुलाम मुस्तफा 26 अगस्त को आसनसोल के हाईवे बाईपास इलाके से गुजर रहे थे। इसी दौरान विघ्नेश्वरा मार्बल्स के पास एक युवक के साथ उनका विवाद हुआ और आरोप है कि युवक ने उनके साथ मारपीट की। शिकायत के मुताबिक, इस दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उनकी धार्मिक पहचान को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल भी किया गया।

घटना के बाद मामले की जानकारी एआईएमआईएम नेता दानिश अज़ीज़ तक पहुंची। इसके बाद उनके नेतृत्व में पार्टी की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और प्रशासन से संपर्क किया। टीम की ओर से मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। एआईएमआईएम की ओर से दावा किया गया कि पूरे मामले को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से पुलिस के समक्ष रखा गया तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या उकसावे का सहारा नहीं लिया गया।

लगातार प्रयास के बाद पुलिस की कार्रवाई

मामले में पुलिस से लगातार संपर्क किए जाने के बाद 27 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे एआईएमआईएम टीम को पुलिस की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई। पुलिस के अनुसार, कथित आरोपी युवक को काली पहाड़ी स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया।

आरोपी की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद मामले ने एक बार फिर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी, घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सच्चाई क्या है।

इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी। फिलहाल शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को ही मामले की मौजूदा स्थिति के रूप में देखा जा रहा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दानिश अज़ीज़ ने रखा अपना पक्ष

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद 28 अगस्त को एआईएमआईएम नेता दानिश अज़ीज़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले को लेकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में संविधान सर्वोच्च है और किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक दल को संविधान से ऊपर नहीं माना जा सकता।

दानिश अज़ीज़ ने कहा कि देश में किसी भी दल की सरकार हो, शासन और प्रशासन को संविधान तथा कानून के अनुसार ही काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, सम्मान और न्याय का अधिकार देता है।

उन्होंने इस घटना को व्यापक सामाजिक संदर्भ से जोड़ते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी धार्मिक पहचान, पहनावे, आस्था या यात्रा के आधार पर दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, विवाद की स्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस और न्यायिक व्यवस्था के माध्यम से समाधान की कोशिश होनी चाहिए।

‘कानून की नजर में सभी बराबर’

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दानिश अज़ीज़ ने कहा कि चाहे कोई हिंदू हो, मुसलमान हो, कांवड़िया हो, हज यात्री हो या किसी अन्य धर्म और समुदाय से संबंधित व्यक्ति—कानून की नजर में सभी नागरिक बराबर हैं।

उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान के कारण उसके साथ मारपीट या अपमान की घटना स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी आस्था और धार्मिक यात्रा के दौरान सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए।

दानिश अज़ीज़ ने कहा कि उनकी पार्टी की टीम ने इस मामले को सड़क पर किसी टकराव का रूप देने के बजाय पुलिस और प्रशासन के सामने संवैधानिक तरीके से उठाया। उनके अनुसार, पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि किसी मामले में कानून के रास्ते से भी प्रभावी तरीके से न्याय की मांग की जा सकती है।

उन्होंने कहा, “इस देश में संविधान से बड़ा कोई नहीं है और संविधान से ऊपर कोई नहीं है। कानून सबके लिए बराबर है। चाहे कोई हिंदू हो, मुसलमान हो, कांवड़िया हो या हज यात्री—हर नागरिक को सम्मान, सुरक्षा और समान न्याय मिलना चाहिए।”

निष्पक्ष जांच की मांग

दानिश अज़ीज़ ने पुलिस और प्रशासन से अपील की कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पूरी जांच होनी चाहिए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए।

वहीं, इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी यह चर्चा तेज हो गई है कि धार्मिक यात्रा पर निकलने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। खासकर लंबी दूरी की पैदल यात्राओं के दौरान यात्रियों को अलग-अलग इलाकों से गुजरना पड़ता है, ऐसे में स्थानीय प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण हो जाती है।

गुलाम मुस्तफा की यात्रा का उद्देश्य पैदल हज यात्रा करना बताया गया है। आसनसोल से गुजरने के दौरान सामने आई इस घटना के बाद अब पुलिस जांच पर सभी की निगाहें टिकी हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है और जांच में घटना को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

फिलहाल इस पूरे मामले ने एक बार फिर नागरिक सुरक्षा, धार्मिक सम्मान, कानून के समान अनुपालन और संवैधानिक अधिकारों को लेकर बहस छेड़ दी है। पुलिस कार्रवाई के बाद शिकायतकर्ता पक्ष ने राहत व्यक्त की है, जबकि प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।

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