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आसनसोल-दुर्गापुर

चोरबागान हादसे के बाद कोलकाता पुलिस अलर्ट, दुर्गापूजा की सुरक्षा के लिए 9 अनुभवी आईपीएस अधिकारियों की वापसी

Moutushi · 20 October 2026, 11:00 AM

कोलकाता,बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़ : चोरबागान की घटना के बाद दुर्गापूजा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार ने विशेष कदम उठाया है। शहर में दुर्गापूजा के अंतिम दिनों के दौरान भीड़ प्रबंधन और पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से कोलकाता पुलिस में फिलहाल तैनात नहीं होने के बावजूद, पहले शहर में काम कर चुके नौ अनुभवी भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों को विशेष ड्यूटी के लिए बुलाया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन सभी अधिकारियों को सोमवार शाम लालबाजार में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें 20 अक्टूबर तक विशेष जिम्मेदारी निभानी है। अधिकारियों के पुराने अनुभव का इस्तेमाल भीड़ को नियंत्रित करने, संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखने और पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।

लालबाजार ने क्यों लिया विशेष कदम?

दुर्गापूजा के दौरान कोलकाता के विभिन्न इलाकों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा मंडपों में पहुंचते हैं। लोकप्रिय पंडालों में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगती हैं और प्रमुख सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे समय में यातायात प्रबंधन, भीड़ की दिशा नियंत्रित करना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है।

चोरबागान की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाने के उद्देश्य से लालबाजार ने अनुभवी अधिकारियों की सेवाएं लेने का फैसला किया है। इन अधिकारियों को कोलकाता में पहले काम करने का अनुभव है। ऐसे में शहर के प्रमुख इलाकों, पूजा आयोजनों और भीड़ प्रबंधन की परिस्थितियों से उनकी परिचितता सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों में सहायक हो सकती है।

इस विशेष व्यवस्था का उद्देश्य केवल पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि उपलब्ध अनुभव का बेहतर उपयोग करना भी है। दुर्गापूजा के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में भीड़ की स्थिति तेजी से बदल सकती है। ऐसे में अनुभवी अधिकारियों की निगरानी और समन्वय व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

इन नौ आईपीएस अधिकारियों को मिली विशेष जिम्मेदारी

दुर्गापूजा की सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग के लिए जिन नौ अनुभवी आईपीएस अधिकारियों को बुलाया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  1. शुभंकर भट्टाचार्य
  2. मिराज खालिद
  3. रूपेश कुमार
  4. तरुण हलदर
  5. सौम्य रॉय
  6. प्रियब्रत रॉय
  7. दीपक सरकार
  8. सुमनजीत रॉय
  9. महमूद अख्तर

इन अधिकारियों को सोमवार शाम लालबाजार में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। वे 20 अक्टूबर तक विशेष जिम्मेदारी निभाएंगे। उनकी तैनाती का मुख्य उद्देश्य दुर्गापूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और भीड़ नियंत्रण से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने में पुलिस प्रशासन की मदद करना है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रत्येक अधिकारी को अलग-अलग कौन-सा क्षेत्र या पूजा मंडप सौंपा गया है, इसका विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। इसलिए उनकी व्यक्तिगत तैनाती के बारे में कोई अपुष्ट जानकारी देना उचित नहीं होगा।

लोकप्रिय पूजा पंडालों का निरीक्षण करेगी विशेष टीम

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। चोरबागान की घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी एक विशेष टीम गठित की है। इस टीम को लोकप्रिय दुर्गापूजा पंडालों का दौरा करके वहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने की जिम्मेदारी दी गई है।

दी गई जानकारी के अनुसार, इस विशेष टीम में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव राजेश सिन्हा, अग्निशमन विभाग के महानिदेशक अनुज शर्मा और विशेष कार्य बल के अतिरिक्त महानिदेशक जावेद शमीम शामिल हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, यह टीम प्रमुख पूजा पंडालों का निरीक्षण करेगी और वहां मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं का आकलन करेगी। निरीक्षण के बाद टीम अपनी रिपोर्ट गृह सचिव को सौंपेगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से पूजा आयोजनों से जुड़े सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करने और आवश्यक सुधारों की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा।

सुरक्षा जांच में किन बातों पर रहेगा ध्यान?

दुर्गापूजा के दौरान किसी भी बड़े आयोजन में भीड़ प्रबंधन एक महत्वपूर्ण पहलू होता है। पूजा मंडपों के प्रवेश और निकास मार्ग, श्रद्धालुओं की कतारें, आपातकालीन रास्ते तथा पुलिसकर्मियों की तैनाती जैसे विषय सुरक्षा व्यवस्था के लिए अहम होते हैं।

प्रमुख पूजा पंडालों का निरीक्षण करते समय इन पहलुओं की समीक्षा उपयोगी हो सकती है। विशेष रूप से अत्यधिक भीड़ वाले स्थानों पर लोगों की आवाजाही व्यवस्थित रखना और आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करना आवश्यक है। हालांकि, विशेष टीम की ओर से जांच के लिए तय किए गए विस्तृत बिंदुओं की आधिकारिक सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है।

पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय भी त्योहार के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। किसी भी अप्रिय स्थिति में सूचना का तेजी से आदान-प्रदान और समय पर निर्णय लेना लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी होता है। अनुभवी आईपीएस अधिकारियों की विशेष ड्यूटी और पूजा पंडालों के निरीक्षण की योजना इसी व्यापक सुरक्षा प्रयास का हिस्सा है।

दुर्गापूजा के अंतिम दिनों तक सुरक्षा पर रहेगी नजर

कोलकाता में दुर्गापूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस दौरान स्थानीय निवासियों के साथ दूसरे क्षेत्रों से आने वाले लोग भी प्रमुख पूजा पंडालों में दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने त्योहार का उत्साह बनाए रखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी रहती है।

लालबाजार की ओर से नौ अनुभवी आईपीएस अधिकारियों को बुलाने और विशेष टीम के जरिए लोकप्रिय पूजा पंडालों का निरीक्षण कराने की योजना को इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन कदमों का उद्देश्य भीड़ नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़े प्रबंधों को मजबूत करना है।

फिलहाल अधिकारियों की विशेष ड्यूटी 20 अक्टूबर तक निर्धारित की गई है। निरीक्षण के बाद विशेष टीम अपनी रिपोर्ट गृह सचिव को सौंपेगी। आगे सुरक्षा व्यवस्था में किसी अतिरिक्त बदलाव की आवश्यकता है या नहीं, यह संबंधित अधिकारियों की समीक्षा और प्रशासनिक निर्णयों पर निर्भर करेगा। चोरबागान की घटना के बाद दुर्गापूजा के शेष दिनों में कोलकाता की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर बनी रहने की उम्मीद है।

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