आसनसोल: बर्नपुर क्षेत्र में सेल आईएसपी द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन द्वारा अवैध कब्जे वाली जमीन पर बने घरों को हटाने की कार्रवाई तेज कर दी गई है, जिससे कई परिवारों के सामने आवास संकट खड़ा हो गया है।
इसी क्रम में बर्नपुर की सुविपर कॉलोनी के निवासियों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने घर खाली करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि तय समय तक जगह खाली नहीं करने पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस मिलने के बाद कॉलोनी के लोगों में भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। वर्षों से बसे अपने आशियाने को छोड़ने की चिंता ने लोगों को आंदोलन के लिए मजबूर कर दिया है।
मंगलवार को बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी बर्नपुर टाउन कार्यालय के सामने इकट्ठा हुए और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि बिना पुनर्वास के उन्हें बेघर करना अन्याय है।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि जिन परिवारों को हटाया जा रहा है, उनके लिए पहले वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि वे विकास कार्यों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उन्हें सम्मानजनक पुनर्वास का अधिकार मिलना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कई परिवार दशकों से यहां रह रहे हैं और उनके पास बिजली, पानी जैसे बुनियादी सुविधाओं के कनेक्शन भी हैं, फिर भी उन्हें अवैध बताकर हटाया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं और समाधान की मांग की। प्रशासन की ओर से फिलहाल बातचीत के जरिए स्थिति को संभालने की कोशिश की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना बेहद जरूरी है, ताकि विकास और जनहित के बीच संतुलन बनाया जा सके।
बर्नपुर में चल रहे इस अतिक्रमण हटाओ अभियान और उसके खिलाफ उठ रहे विरोध ने अब राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और भी बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।
फिलहाल, लोगों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं कि क्या उनकी पुनर्वास की मांग पूरी होगी या उन्हें अपने घरों से बेघर होना पड़ेगा।

