आसनसोल:
धार्मिक आस्था और परंपरा का एक भव्य संगम एक बार फिर आसनसोल में देखने को मिलेगा। 40वीं फलहारनी श्री श्री कालीका पूजा को लेकर धर्मचक्र मंदिर प्रांगण में एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें इस वर्ष के भव्य कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा की गई।
🛕 मां घाघर बूढ़ी मंदिर में होगा आयोजन
इस वर्ष यह पावन पूजा मां घाघर बूढ़ी मंदिर में आयोजित की जाएगी। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
📅 16 मई 2026 को होंगे विशेष कार्यक्रम
आयोजकों ने बताया कि 16 मई को पूरे दिन विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे—
👉 फलहारनी काली पूजा
👉 कुमारी पूजा
👉 गण आरती
👉 बाउल संगीत कार्यक्रम
👉 चंडी यात्रा
👉 महाप्रसाद वितरण
यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी बेहद खास होगा।
🙏 छोटी शुरुआत, आज विशाल आयोजन
इस पूजा की शुरुआत सिर्फ 11 लोगों के छोटे समूह से हुई थी। आज यह आयोजन एक बड़े धार्मिक उत्सव का रूप ले चुका है, जिसे धर्मचक्र सेवा समिति द्वारा संचालित किया जा रहा है।
इस अवसर पर फाउंडर मेंबर राधा गोबिंद सिंह और रूपेश साव भी उपस्थित रहे।
🍛 श्रद्धालुओं के लिए खास व्यवस्था
👉 महाप्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था
👉 भक्तों के लिए सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था
👉 सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष टीम
आयोजकों ने बताया कि सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर योजना बनाई गई है।
🌟 आस्था और संस्कृति का संगम
फलहारनी कालीका पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति, संगीत और परंपरा का भी उत्सव है।
👉 बाउल संगीत कार्यक्रम इस आयोजन का खास आकर्षण रहेगा
👉 चंडी यात्रा में बड़ी संख्या में भक्त शामिल होंगे
🔍 निष्कर्ष
आसनसोल में आयोजित होने वाली 40वीं फलहारनी कालीका पूजा इस बार और भी भव्य और आकर्षक होने जा रही है।
👉 यह आयोजन शहर की धार्मिक पहचान को और मजबूत करेगा
👉 हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा माहौल भक्तिमय हो जाएगा
❗ अब सभी की नजर 16 मई पर है, जब मां काली की आराधना के साथ यह भव्य उत्सव अपने चरम पर होगा।















