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आसनसोल-दुर्गापुर

आसनसोल में फूड विभाग की बड़ी छापेमारी, रेस्टोरेंट में मचा हड़कंप; संदिग्ध सामग्री के नमूने जब्त

Moutushi · 29 August 2026, 10:30 AM

आसनसोल: शहर में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को राज्य सरकार के फूड विभाग की ओर से व्यापक खाद्य सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान भगत सिंह मोड़ से लेकर जुबली मोड़ तक स्थित कई रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों में अधिकारियों की टीम अचानक पहुंची। टीम के अचानक पहुंचने से कई खाद्य प्रतिष्ठानों में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली।

फूड विभाग की टीम ने अलग-अलग रेस्टोरेंट में पहुंचकर वहां तैयार किए जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, रसोई की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के रखरखाव और इस्तेमाल किए जा रहे पदार्थों की जांच की। अधिकारियों ने यह भी देखा कि खाद्य सामग्री को किस तरह रखा जा रहा है और भोजन तैयार करने के दौरान स्वच्छता के निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।

अचानक हुई जांच से रेस्टोरेंट संचालकों में हलचल

शुक्रवार को चलाए गए इस अभियान का सबसे खास पहलू यह रहा कि कई प्रतिष्ठानों में टीम बिना पूर्व सूचना के पहुंची। अचानक जांच के लिए अधिकारियों के पहुंचने के बाद रेस्टोरेंट संचालकों और कर्मचारियों में हलचल मच गई।

अधिकारियों ने रसोई और खाद्य सामग्री रखने वाले स्थानों का निरीक्षण किया। तैयार भोजन के साथ-साथ भोजन बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की भी जांच की गई। टीम ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनके रखरखाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर ध्यान दिया।

फूड विभाग का यह अभियान केवल भोजन की गुणवत्ता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रेस्टोरेंट परिसर में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा से जुड़े अन्य मानकों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने संचालकों को साफ-सफाई बनाए रखने तथा खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

कुछ खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंग और संदिग्ध रसायन की आशंका

जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में तैयार खाद्य पदार्थों को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ। प्रारंभिक निरीक्षण में कुछ खाद्य सामग्री में अत्यधिक कृत्रिम रंग या संदिग्ध रसायन के इस्तेमाल की आशंका सामने आने की बात कही गई।

इसके बाद फूड विभाग की टीम ने कुछ खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए। इन नमूनों की आगे प्रयोगशाला जांच कराई जाएगी, जिसके बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित खाद्य पदार्थों में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल हुआ था या नहीं।

वहीं, जिन खाद्य सामग्रियों को अधिकारियों ने खराब या संदिग्ध पाया, उनमें से कुछ को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई का उद्देश्य ऐसी खाद्य सामग्री को ग्राहकों तक पहुंचने से रोकना बताया गया।

रेस्टोरेंट संचालकों को सख्त चेतावनी

अभियान के दौरान फूड विभाग के अधिकारियों ने रेस्टोरेंट संचालकों और कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अधिकारियों ने कहा कि भोजन तैयार करने में प्रतिबंधित अथवा स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक रसायनों, अत्यधिक या अनुचित कृत्रिम रंगों तथा निम्न गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री का इस्तेमाल पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

फूड विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि ग्राहकों को भोजन उपलब्ध कराने वाले प्रत्येक प्रतिष्ठान की जिम्मेदारी है कि वह खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के नियमों का पालन करे। केवल स्वाद और आकर्षक रंग के लिए ऐसी सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकती है।

ग्राहकों की सेहत पर विभाग की नजर

रेस्टोरेंट और होटल में भोजन करने वाले लोगों के लिए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता बेहद महत्वपूर्ण होती है। विशेष रूप से शहरों में बाहर खाना खाने का चलन बढ़ने के कारण खाद्य सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन और भी जरूरी हो जाता है।

कई बार ग्राहकों को यह जानकारी नहीं होती कि उनके द्वारा खाया जा रहा भोजन किस तरह तैयार किया गया है या उसमें किस प्रकार की सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले औचक निरीक्षण को महत्वपूर्ण माना जाता है।

आसनसोल में शुक्रवार को हुई कार्रवाई के दौरान भी विभाग ने इसी तरह खाद्य प्रतिष्ठानों के अंदर की व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने खाद्य सामग्री की स्थिति, साफ-सफाई और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया को करीब से देखा।

नमूनों की जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक तस्वीर

जिन खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए हैं, उनकी प्रयोगशाला जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उनमें किसी प्रतिबंधित या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। इसलिए फिलहाल संदिग्ध खाद्य सामग्री को लेकर सामने आई बातों को प्रारंभिक जांच की आशंका के रूप में ही देखा जा रहा है।

प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी खाद्य पदार्थ में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि खाद्य विभाग केवल शिकायत मिलने के बाद ही कार्रवाई नहीं कर रहा, बल्कि बाजार और खाद्य प्रतिष्ठानों पर नियमित निगरानी भी रखी जा रही है।

आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा अभियान

फूड विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शहरवासियों के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आने वाले दिनों में भी इस प्रकार के औचक जांच अभियान जारी रहेंगे। विशेष रूप से ऐसे खाद्य प्रतिष्ठानों पर निगरानी बढ़ाई जा सकती है, जहां खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता या साफ-सफाई को लेकर शिकायतें सामने आती हैं।

अधिकारियों की इस कार्रवाई के बाद रेस्टोरेंट संचालकों के बीच भी सतर्कता बढ़ने की संभावना है। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखने, रसोई की नियमित सफाई करने और भोजन तैयार करने में निर्धारित मानकों का पालन करने पर जोर दिया जा रहा है।

शुक्रवार के अभियान ने एक बार फिर साफ कर दिया कि ग्राहकों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना केवल व्यवसायिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। आसनसोल में भगत सिंह मोड़ से जुबली मोड़ तक चले इस जांच अभियान के दौरान लिए गए नमूनों की रिपोर्ट पर अब नजर रहेगी। रिपोर्ट में यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों पर विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल फूड विभाग की इस औचक कार्रवाई को शहर में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना के बीच रेस्टोरेंट संचालकों को भी खाद्य गुणवत्ता, स्वच्छता और उपभोक्ता सुरक्षा के नियमों का पूरी तरह पालन करने की चेतावनी दी गई है।

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