आसनसोल: रक्षा बंधन का त्योहार केवल भाई की कलाई पर राखी बांधने और बहन की रक्षा का वचन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास, अपनापन और सामाजिक रिश्तों को मजबूत करने का संदेश भी देता है। आसनसोल के रवीन्द्र भवन में आयोजित एक विशेष राखी उत्सव में इसी भावना की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली, जब किन्नर समाज की बहनों ने आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक कृषनेदु मुखर्जी की कलाई पर राखी बांधी।
रक्षा बंधन के इस विशेष आयोजन में किन्नर समाज की बहनों ने पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ हिस्सा लिया। उन्होंने विधायक की कलाई पर राखी बांधकर उनके स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की। राखी बंधवाने के बाद विधायक कृषनेदु मुखर्जी भावुक नजर आए और उन्होंने किन्नर समाज की बहनों को अपनी बहन बताते हुए उनकी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए हमेशा साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।
किन्नर बहनों से राखी बंधवाकर भावुक हुए विधायक
रवीन्द्र भवन में आयोजित राखी उत्सव के दौरान जब किन्नर समाज की बहनें विधायक कृषनेदु मुखर्जी के पास पहुंचीं और उनकी कलाई पर राखी बांधी, तो माहौल भावनात्मक हो गया। राखी बांधने के बाद विधायक ने बहनों से आशीर्वाद लिया और उन्हें विश्वास दिलाया कि वे स्वयं को समाज से अलग या उपेक्षित महसूस न करें।
विधायक ने कहा कि रक्षा बंधन का रिश्ता केवल खून के रिश्ते तक सीमित नहीं है। जहां विश्वास, स्नेह और अपनापन होता है, वहां भाई-बहन का रिश्ता अपने आप बन जाता है। उन्होंने किन्नर समाज की बहनों को अपनी बहन बताते हुए उनकी सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी निभाने का भरोसा दिया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज में किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी पहचान के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है और किन्नर समाज भी हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा है।
‘सुरक्षा और सम्मान का भरोसा’
राखी बंधवाने के बाद कृषनेदु मुखर्जी ने कहा कि रक्षा बंधन हमें एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी निभाने की सीख देता है। उन्होंने किन्नर समाज की बहनों से कहा कि वे किसी भी परिस्थिति में स्वयं को अकेला न समझें।
विधायक के इस संदेश से कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी सकारात्मक माहौल बना। उन्होंने कहा कि समाज में बराबरी और सम्मान की भावना मजबूत करना केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि किन्नर समुदाय के लोगों को शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और सामाजिक सम्मान के क्षेत्र में बराबरी का अवसर मिलना चाहिए। समाज में उनके प्रति मौजूद पूर्वाग्रहों को दूर करने के लिए जागरूकता और संवेदनशीलता जरूरी है।
लेना शाहा भट्टाचार्य ने जताई खुशी
कार्यक्रम में शामिल किन्नर समाज की सदस्य लेना शाहा भट्टाचार्य ने विधायक को राखी बांधने के बाद अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह अवसर बेहद खास रहा। उन्होंने बताया कि विधायक को राखी बांधने के दौरान उन्हें भाई-बहन के रिश्ते जैसी आत्मीयता महसूस हुई।
लेना शाहा भट्टाचार्य ने कहा कि किन्नर समाज भी इसी समाज का हिस्सा है। ऐसे आयोजनों से उन्हें सम्मान, अपनापन और सामाजिक स्वीकार्यता का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि जब समाज के जनप्रतिनिधि उनके साथ खड़े होते हैं और सम्मान देते हैं, तो इससे समुदाय के लोगों का आत्मविश्वास बढ़ता है।
उन्होंने विधायक द्वारा सुरक्षा और सम्मान का भरोसा दिए जाने पर भी खुशी जताई। उनके अनुसार, ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सामाजिक समानता का संदेश
रक्षा बंधन के इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि यहां धार्मिक और पारंपरिक त्योहार को सामाजिक समानता के संदेश के साथ जोड़ा गया। आम तौर पर रक्षा बंधन भाई-बहन के पारंपरिक रिश्ते से जुड़ा त्योहार माना जाता है, लेकिन इस आयोजन ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि स्नेह और सम्मान के रिश्ते समाज की किसी सीमा में बंधे नहीं होते।
किन्नर समाज की बहनों द्वारा विधायक को राखी बांधना और विधायक द्वारा उन्हें बहन के रूप में स्वीकार करते हुए सुरक्षा का भरोसा देना सामाजिक समावेश की भावना को सामने लाता है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी इस पहल को सकारात्मक बताया। उनका कहना था कि समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच आपसी सम्मान और संवाद बढ़ने से भेदभाव कम करने में मदद मिल सकती है।
‘किन्नर समाज भी हमारा अभिन्न हिस्सा’
कृषनेदु मुखर्जी ने कहा कि किन्नर समुदाय को समाज में बराबरी का सम्मान मिलना चाहिए। उनके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान उसे समाज के अधिकारों और सम्मान से वंचित करने का आधार नहीं हो सकती।
उन्होंने किन्नर समाज के सुख-दुख में साथ खड़े रहने की बात दोहराई। विधायक के अनुसार, जनप्रतिनिधि होने के नाते उनकी जिम्मेदारी केवल राजनीतिक या प्रशासनिक मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ संवाद बनाए रखना भी आवश्यक है।
रवीन्द्र भवन में आयोजित यह राखी उत्सव इसी वजह से सामान्य राखी कार्यक्रमों से अलग नजर आया। एक तरफ जहां कलाई पर राखी बांधकर भाई-बहन के रिश्ते की भावना मजबूत हुई, वहीं दूसरी तरफ सामाजिक बराबरी, सम्मान और समावेश का संदेश भी सामने आया।
रक्षा बंधन के अवसर पर हुई यह आत्मीय मुलाकात आसनसोल में सामाजिक सौहार्द और मानवीय रिश्तों की एक अलग तस्वीर पेश कर गई। किन्नर समाज की बहनों और विधायक के बीच दिखाई दी आत्मीयता ने यह संदेश दिया कि सम्मान और अपनापन किसी पहचान की सीमा में नहीं बंधते। समाज तभी मजबूत बनता है, जब हर वर्ग को बराबरी का स्थान और सम्मान मिले।





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