आसनसोल/कोलकाता: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसियों ने इस हाई-प्रोफाइल केस में तीन आरोपियों को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर कोलकाता लाया है, जिससे मामले की गुत्थी सुलझने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मयंक शर्मा, विक्की मौर्य और राज सिंह के रूप में हुई है। सूत्रों के अनुसार, इनमें पेशेवर शूटर भी शामिल हैं, जो इस वारदात को अंजाम देने के लिए खास तौर पर लाए गए थे। इतना ही नहीं, जांच में बिहार कनेक्शन भी सामने आया है, जिससे इस साजिश के तार और भी गहरे होते नजर आ रहे हैं।
🔍 कैसे हुई थी वारदात?
6 मई की रात मध्यग्राम में उस वक्त सनसनी फैल गई जब चंद्रनाथ रथ की गाड़ी को अचानक एक दूसरी चारपहिया वाहन ने रास्ते में रोक लिया। जैसे ही गाड़ी रुकी, दो बाइक पर सवार हमलावरों ने दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
इस हमले में चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके चालक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।
🚔 एसआईटी की बड़ी कार्रवाई
इस हत्याकांड की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी)—जिसमें एसटीएफ और राज्य पुलिस की सीआईडी के अधिकारी शामिल हैं—ने लगातार छापेमारी और तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
सूत्रों के मुताबिक, डेढ़ महीने पहले से इस हत्या की साजिश रची जा रही थी, और हर कदम बेहद योजनाबद्ध तरीके से उठाया गया।
🚗 फर्जी नंबर प्लेट और टोल से मिला सुराग
जांच में सामने आया कि हत्या में इस्तेमाल की गई गाड़ी झारखंड से लाई गई थी और उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। हालांकि, बाली टोल प्लाजा पर किए गए ऑनलाइन भुगतान ने पुलिस को अहम सुराग दिया, जिसके आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई।
पुलिस ने घटना के दिन ही संदिग्ध गाड़ी को जब्त कर लिया था। बाद में हमलावरों द्वारा इस्तेमाल की गई दो बाइक भी बरामद की गईं, जिनके नंबर प्लेट भी फर्जी पाए गए।
⚖️ आगे क्या?
तीनों आरोपियों को कोलकाता लाकर सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि हत्या के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है, और किन लोगों ने इस साजिश को अंजाम तक पहुंचाया।
जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि हाल के दिनों में चंद्रनाथ रथ का किसी के साथ कोई विवाद था या नहीं, और किन कारणों से उन्हें निशाना बनाया गया।
यह मामला अब केवल एक हत्या नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश के रूप में सामने आ रहा है। आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है, जिस पर पूरे राज्य की नजर टिकी हुई है।














