Thursday, 17 September 2026
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“अहंकार ले डूबा टीएमसी!”—वी. शिवदासन का बड़ा हमला, नेताओं पर फोड़ा हार का ठीकरा

Moutushi · 10 May 2026, 8:29 PM

राज्य सचिव वी. शिवदासन ने पार्टी की हार को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि 15 साल तक सत्ता में रहने के कारण पार्टी के कुछ नेता और जनप्रतिनिधि अहंकारी हो गए थे, जिसका सीधा असर चुनावी परिणामों पर पड़ा।

वी. शिवदासन ने बिना किसी का नाम लिए पूर्व मंत्री समेत कई बड़े नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने नेताओं के व्यवहार को बिल्कुल पसंद नहीं किया। यही वजह रही कि इस बार लोगों ने तृणमूल कांग्रेस को नकारते हुए भारतीय जनता पार्टी को समर्थन दिया।

उन्होंने कहा,
“नेताओं को यह समझना चाहिए था कि अहंकार ज्यादा दिन तक नहीं टिकता। जनता सब देखती है और समय आने पर जवाब देती है।”

बस्तिन बाजार दुर्गा मंदिर विवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने एक और बड़ा खुलासा किया। शिवदासन ने कहा कि इस मुद्दे की जानकारी ममता बनर्जी को नहीं थी, बल्कि कुछ नेताओं ने उनके नाम का इस्तेमाल कर पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने संकेत दिया कि जमीनी स्तर पर गलत फैसलों और व्यक्तिगत स्वार्थ ने पार्टी को कमजोर किया।

इतना ही नहीं, उन्होंने दल-बदल को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि पार्टी के कई नेता अब भाजपा में शामिल होने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने भाजपा को भी चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे नेताओं से सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि जो अपनी पार्टी के नहीं हो सके, वे किसी के भी सच्चे नहीं हो सकते।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान से साफ है कि तृणमूल कांग्रेस के अंदर आत्ममंथन का दौर शुरू हो चुका है। पार्टी अब हार के कारणों को समझने और संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

अंत में वी. शिवदासन ने भरोसा जताया कि
“ममता बनर्जी के आदर्शों और नीतियों पर चलकर तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर मजबूती के साथ उभरेगी और जनता का विश्वास दोबारा जीतेगी।”

अब देखना दिलचस्प होगा कि इस बयान के बाद तृणमूल कांग्रेस के अंदर क्या बदलाव होते हैं और आने वाले समय में बंगाल की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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