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आसनसोल-दुर्गापुर

पंचगछिया में पुराने बैंक से टकराया कोयला लदा ट्रक, चालक फरार; अवैध ढुलाई की आशंका से उठे सवाल

Moutushi · 11 October 2026, 2:21 PM

आसनसोल: पश्चिम बर्दवान जिले के पंचगछिया स्थित जुबली इलाके में कोयला लदे एक ट्रक के पुराने बैंक की इमारत से टकराने की घटना के बाद इलाके में हलचल मच गई। जानकारी के अनुसार, झारखंड की ओर से आ रहे इस ट्रक को बराकर के डिबुडीह चेकपोस्ट पर रोकने की कोशिश की गई थी। आरोप है कि चालक ट्रक रोकने के बजाय उसे लेकर भागने लगा। इसके बाद पुलिस ने उसका पीछा शुरू किया। इसी दौरान पंचगछिया के बैंक मोड़ के पास ट्रक पुराने बैंक की इमारत से टकरा गया। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया।

घटना ने एक बार फिर कोयले की ढुलाई, वाहनों की जांच और पुलिस की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, ट्रक में लदे कोयले के अवैध होने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

डिबुडीह चेकपोस्ट पर रोकने की कोशिश, फिर शुरू हुआ पीछा

मिली जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत बराकर के डिबुडीह चेकपोस्ट के पास हुई। बताया जा रहा है कि झारखंड की ओर से आ रहे कोयला लदे ट्रक को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया था। आरोप है कि चालक ने वाहन रोकने के बजाय वहां से निकलने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने ट्रक का पीछा करना शुरू कर दिया।

पुलिस द्वारा पीछा किए जाने के दौरान ट्रक पंचगछिया के जुबली इलाके की ओर पहुंच गया। बैंक मोड़ के पास पहुंचने पर ट्रक पुराने बैंक की इमारत से टकरा गया। इस टक्कर के बाद घटनास्थल पर लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ और मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई।

हालांकि, पीछा किस परिस्थिति में शुरू हुआ, ट्रक को रोकने के लिए क्या निर्देश दिए गए थे और चालक ने वाहन क्यों नहीं रोका, इन सभी सवालों के जवाब आधिकारिक जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।

पुराने बैंक की इमारत से टकराने के बाद चालक फरार

पंचगछिया के जुबली इलाके में बैंक मोड़ के पास हुई इस घटना में कोयला लदा ट्रक पुराने बैंक की इमारत से टकरा गया। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार होने में सफल रहा। फिलहाल, चालक की पहचान और उसके फरार होने के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

घटना के बाद पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। मिली जानकारी के मुताबिक, आगे की कार्रवाई के लिए वाहन को कन्यापुर फांड़ी को सौंप दिया गया है। अब जांच के दौरान ट्रक से संबंधित दस्तावेजों, चालक की पहचान, वाहन के मार्ग और उसमें लदे कोयले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।

यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि टक्कर से पुराने बैंक की इमारत को कितना नुकसान पहुंचा। हादसे में किसी व्यक्ति के घायल होने या अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आधिकारिक जानकारी भी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। इसलिए घटना से जुड़े इन पहलुओं पर पुष्टि के बिना कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

ट्रक में लदे कोयले की वैधता पर उठे सवाल

इस घटना का सबसे अहम पहलू ट्रक में लदे कोयले की वैधता है। स्थानीय स्तर पर इसे अवैध कोयले की ढुलाई से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, केवल ट्रक में कोयला लदा होने या पुलिस द्वारा उसे रोकने की कोशिश किए जाने से यह साबित नहीं होता कि कोयले का परिवहन गैरकानूनी था।

कोयले की वैधता का पता लगाने के लिए संबंधित परिवहन और खनन दस्तावेजों की जांच जरूरी होगी। इसमें यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कोयला कहां से लाया जा रहा था, उसके परिवहन की अनुमति थी या नहीं और वाहन के पास आवश्यक कागजात मौजूद थे या नहीं।

यदि जांच में अवैध परिवहन की पुष्टि होती है, तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। दूसरी ओर, यदि दस्तावेज वैध पाए जाते हैं, तो मामले को उसी आधार पर देखा जाना चाहिए। फिलहाल, जांच के नतीजों का इंतजार है।

रात में कोयले की ढुलाई को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा

घटना के बाद स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी सामने आई है कि रात के अंधेरे में कोयला लदे ट्रकों को जुबली इलाके से होते हुए दुर्गापुर और कोलकाता की दिशा में ले जाया जाता है। इसी चर्चा के बीच यह सवाल उठ रहा है कि संबंधित मार्गों पर वाहनों की जांच किस तरह की जाती है और संदिग्ध परिवहन को रोकने के लिए क्या व्यवस्था है।

हालांकि, रात में होने वाली कथित ढुलाई और इस ट्रक के बीच संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए स्थानीय चर्चाओं को जांच में स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता। यदि इस मार्ग से नियमित रूप से कोयले का परिवहन होता है, तो वाहनों के दस्तावेजों और निर्धारित मार्ग की जांच से स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।

कोयला परिवहन से जुड़े मामलों में निगरानी इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान यातायात सुरक्षा और स्थानीय लोगों की सुविधा का ध्यान रखना आवश्यक होता है। किसी वाहन के नियमों का उल्लंघन करने की स्थिति में समय पर कार्रवाई से दुर्घटनाओं और अन्य समस्याओं को रोकने में मदद मिल सकती है।

पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी नजरें

फिलहाल, पंचगछिया की इस घटना में ट्रक पुलिस के कब्जे में है और चालक के फरार होने के मामले की जांच महत्वपूर्ण बनी हुई है। पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया, वाहन से बरामद दस्तावेजों और कोयले की वैधता से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।

जांच में यह पता लगाना भी जरूरी होगा कि ट्रक डिबुडीह चेकपोस्ट पर क्यों नहीं रुका और पीछा किए जाने के दौरान वह पुराने बैंक की इमारत से कैसे टकराया। यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल, इस घटना ने स्थानीय स्तर पर कोयला परिवहन की निगरानी और सड़क सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अब सबकी नजर पुलिस की जांच पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि ट्रक में लदा कोयला वैध था या नहीं और हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं।

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