कोलकाता:
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। पूर्व अग्निशमन मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सुजीत बसु को नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है।
👉 सोमवार रात लंबी पूछताछ के बाद यह कार्रवाई की गई, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
⏱️ 10 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तारी
सूत्रों के मुताबिक—
👉 सुजीत बसु सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे कोलकाता के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे थे।
👉 करीब साढ़े 10 घंटे की मैराथन पूछताछ के बाद रात में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद मंगलवार सुबह उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया और फिर उन्हें अदालत के लिए रवाना किया गया।
⚖️ आज विशेष सीबीआई कोर्ट में पेशी
ईडी अधिकारियों ने उन्हें बैंकशाल कोर्ट में पेश करने की तैयारी की है, जहां विशेष सीबीआई अदालत में सुनवाई होगी।
👉 मीडिया के सवालों पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
📋 क्या है पूरा मामला?
ईडी की जांच के अनुसार—
👉 दक्षिण दमदम नगरपालिका में अवैध नियुक्तियों का बड़ा नेटवर्क सामने आया है।
👉 आरोप है कि करीब 150 उम्मीदवारों के नाम सिफारिश के जरिए नौकरी दिलाने की कोशिश की गई।
ईडी को शक है कि—
👉 इस प्रक्रिया में भारी मात्रा में भ्रष्टाचार हुआ
👉 अवैध पैसे को अलग-अलग बैंक खातों में जमा किया गया
इसी कड़ी में कई बैंक खातों की जांच भी की जा रही है।
🏠 पहले भी हो चुकी है छापेमारी
इस मामले में ईडी पहले भी एक्शन ले चुकी है—
- सुजीत बसु के घर पर छापा
- उनके कार्यालय की तलाशी
- उनके ढाबे पर भी जांच एजेंसी की कार्रवाई
👉 इससे साफ है कि एजेंसी लंबे समय से इस मामले पर नजर बनाए हुए थी।
🗳️ चुनाव के बाद तेज हुई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार—
👉 विधानसभा चुनाव से पहले ईडी ने कई बार उन्हें तलब किया था
👉 लेकिन चुनावी व्यस्तता के कारण वह पेश नहीं हो सके
चुनाव परिणाम आने के बाद पहली बार सोमवार को वह ईडी के सामने पेश हुए और उसी दिन गिरफ्तारी हो गई।
⚠️ राजनीतिक असर भी संभव
विशेषज्ञों का मानना है कि—
👉 यह मामला आने वाले समय में राजनीतिक विवाद को और बढ़ा सकता है
👉 राज्य में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सियासी टकराव तेज हो सकता है
🚨 बड़ा संदेश
ईडी की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि—
👉 भ्रष्टाचार के मामलों में जांच एजेंसियां अब और सख्त रुख अपना रही हैं।
अब सबकी नजर कोर्ट की कार्यवाही और आगे होने वाले खुलासों पर टिकी हुई है, जो इस मामले को और बड़ा मोड़ दे सकते हैं।















