कोलकाता:
पश्चिम बंगाल में नई सरकार ने सत्ता संभालते ही महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान कर राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने घोषणा की है कि—
👉 1 जून से ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना के तहत महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने ₹3000 भेजे जाएंगे।
💰 चुनावी वादा हुआ पूरा
चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस योजना का वादा किया था।
सरकार ने अपने पहले ही कार्यदिवस पर इस वादे को लागू करने की घोषणा कर दी।
🚌 महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा
सरकार ने महिलाओं को एक और बड़ी राहत देते हुए ऐलान किया—
👉 1 जून से महिलाएं सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी।
इस फैसले से कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
🔄 ‘लक्ष्मी भंडार’ से ‘अन्नपूर्णा भंडार’ तक
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2021 में ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना शुरू की थी—
- शुरुआत: ₹500 प्रति माह
- बाद में बढ़कर: ₹1500 प्रति माह
- अनुसूचित जाति/जनजाति महिलाओं के लिए: ₹1700 प्रति माह
अब नई सरकार ने इसे और आगे बढ़ाते हुए ₹3000 प्रति माह देने का फैसला किया है।
📌 बिना आवेदन मिलेगा लाभ
सरकारी सूत्रों के मुताबिक—
👉 जो महिलाएं पहले ‘लक्ष्मी भंडार’ का लाभ ले रही थीं, उन्हें स्वतः ही ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना में शामिल किया जाएगा।
👉 फिलहाल नई आवेदन प्रक्रिया की जरूरत नहीं है।
👉 भविष्य में किसी दस्तावेज की आवश्यकता होने पर सरकार सूचना देगी।
🤔 क्या बंद होंगी पुरानी योजनाएं?
सत्ता परिवर्तन के बाद यह सवाल उठ रहा था कि क्या पुरानी सामाजिक योजनाएं जारी रहेंगी।
इस पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ किया—
👉 “जनता को सभी योजनाओं का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा।”
🎯 महिला सशक्तिकरण पर फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि—
👉 यह योजना महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगी
👉 परिवारों की आय में सीधा इजाफा होगा
👉 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी
यह कदम 2026 के चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा संकेत भी माना जा रहा है।
🔜 आगे और बड़े फैसले संभव
नवान्न सूत्रों के अनुसार—
👉 अगले सोमवार को फिर कैबिनेट बैठक होगी
👉 कई अन्य चुनावी वादों को लागू करने पर फैसला लिया जा सकता है
🚨 बड़ा संदेश
नई सरकार ने पहले ही दिन यह स्पष्ट कर दिया है कि—
👉 महिलाओं का सशक्तिकरण और आर्थिक सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
अब पूरे राज्य की नजर इस बात पर है कि यह योजना कितनी तेजी से लागू होती है और महिलाओं के जीवन में कितना बड़ा बदलाव लाती है।















