दुर्गापुर में डोला सेन को भाजपा ने दिखाया काला झंडा, सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा

दुर्गापुर: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। राज्यसभा सांसद डोला सेन को भाजपा कार्यकर्ताओं ने काला झंडा दिखाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह घटना दुर्गापुर हाउस के बाहर हुई, जहां कुछ समय के लिए हालात तनावपूर्ण हो गए और सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

🚨 कैसे शुरू हुआ विवाद?

जानकारी के मुताबिक, इस्पात नगरी दुर्गापुर स्थित दुर्गापुर हाउस में केंद्रीय इस्पात मंत्री से मुलाकात के बाद जैसे ही डोला सेन बाहर निकलीं, पहले से मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी को घेरने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे लहराते हुए जोर-जोर से “चोर-चोर” के नारे लगाए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

👮 पुलिस की त्वरित कार्रवाई

स्थिति बिगड़ती देख पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस की तत्परता के कारण किसी बड़ी अप्रिय घटना की खबर नहीं है, लेकिन कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा और इलाके में तनाव का माहौल बना रहा।

🗣️ भाजपा का आरोप

भाजपा कार्यकर्ता जयदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि यह विरोध तृणमूल श्रमिक संगठन से जुड़े कथित भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे नेता भाजपा के करीब आने की कोशिश कर रहे हैं और डोला सेन उनसे जुड़ी हुई हैं, इसलिए उनके खिलाफ यह प्रदर्शन किया गया।

🔍 राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि डोला सेन तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेताओं में गिनी जाती हैं और उन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी माना जाता है। पिछले कई वर्षों से वह पार्टी की सक्रिय और प्रभावशाली नेता रही हैं, खासकर श्रमिक संगठनों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

⚡ बढ़ता राजनीतिक टकराव

विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनावी माहौल नजदीक आ रहा है, राज्य में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच टकराव और तेज हो सकता है। दुर्गापुर की यह घटना उसी बढ़ते राजनीतिक संघर्ष का संकेत मानी जा रही है।

❗ अब तक तृणमूल की चुप्पी

इस पूरे मामले पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

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