दुर्गापुर: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में सोमवार सुबह प्रशासनिक सख्ती देखने को मिली, जब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने भिरिंगी मोड़ स्थित जीटी रोड किनारे अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। इस कार्रवाई में सड़क किनारे लगी कई अस्थायी हॉकर दुकानों को हटाया गया, जिससे इलाके में हलचल मच गई।
🚧 कैसे चला अभियान?
सुबह के समय शुरू हुए इस अभियान में NHAI के अधिकारियों के साथ स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल भी मौजूद रहा। बुलडोज़र और अन्य संसाधनों की मदद से सड़क किनारे बने अवैध ढांचों को हटाया गया। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और कहीं से किसी बड़े विरोध या हिंसा की खबर नहीं आई।
😟 हॉकरों की नाराज़गी
इस कार्रवाई से प्रभावित हॉकरों ने अपनी नाराज़गी जाहिर की। उनका कहना है कि दुर्गापूजा से ठीक पहले दुकानें हटाए जाने से उनके व्यापार पर गंभीर असर पड़ेगा। कई छोटे दुकानदारों ने बताया कि त्योहार का समय ही उनके लिए साल का सबसे बड़ा कमाई का मौका होता है, और ऐसे में यह कदम उनके परिवार की आजीविका पर सीधा असर डालेगा।

🗣️ प्रशासन का पक्ष
NHAI अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई। करीब एक महीने पहले ही अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, कई हॉकरों ने नोटिस मिलने के बाद खुद ही अपनी दुकानें हटा ली थीं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग को अतिक्रमण मुक्त रखना, यातायात को सुरक्षित बनाना और जाम की समस्या को कम करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
⚠️ ट्रैफिक और सुरक्षा पर फोकस
स्थानीय लोगों के अनुसार, भिरिंगी मोड़ पर लंबे समय से ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की समस्या बनी हुई थी। सड़क किनारे अवैध दुकानों के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी होती थी। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
📌 आगे क्या?
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में दुर्गापुर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह के अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाए जा सकते हैं। प्रशासन ने संकेत दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


