दुर्गापुर, 29 अगस्त: राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के अवसर पर दुर्गापुर में खेल संस्कृति को नई दिशा देने की एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। शनिवार को शहीद भगत सिंह स्टेडियम में राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह समिति 2026 की ओर से उत्साहपूर्ण प्रमोशनल रैली का आयोजन किया गया। रैली के साथ ही शहर में खेल को जन-जन तक पहुंचाने, युवाओं को खेलों से जोड़ने और उभरती खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के व्यापक अभियान का आगाज हुआ।
इस आयोजन का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टर और स्वर्ण पदक विजेता सीमा दत्ता चटर्जी ने किया। उनके प्रयासों का उद्देश्य दुर्गापुर के अलग-अलग हिस्सों से खेल प्रतिभाओं को सामने लाना और विभिन्न खेल विधाओं से जुड़े खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों तथा आम नागरिकों को एक मंच पर जोड़ना है। आयोजन के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि खेल केवल प्रतियोगिता या पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ और सक्रिय समाज के निर्माण का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार के उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम विभाग की राज्य मंत्री मौमिता बिस्वास मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार के लोक निर्माण विभाग और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कैबिनेट मंत्री तथा कुल्टी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. अजय कुमार पोद्दार विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। चिकित्सक और जनप्रतिनिधि के रूप में डॉ. पोद्दार की मौजूदगी ने आयोजन को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया।
कार्यक्रम में सचिंद्र नाथ राय, फॉस्बेसी के अध्यक्ष, आसनसोल नॉर्थ प्वाइंट स्कूल एवं पारबती शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष, सुभाष अग्रवाल, कैट के अध्यक्ष, तथा स्वपन चौधरी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इनके अलावा विभिन्न खेलों से जुड़े खिलाड़ी, खेल व्यक्तित्व, आयोजक, खेल प्रेमी और शुभचिंतक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
रैली ने दिया खेल को जनआंदोलन बनाने का संदेश
प्रमोशनल रैली का मुख्य संदेश स्पष्ट था कि दुर्गापुर में खेल को केवल कुछ खिलाड़ियों या विशेष वर्ग तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। समाज के हर वर्ग को किसी न किसी रूप में खेल और खेल गतिविधियों से जुड़ना चाहिए। आयोजकों ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं खेलों से जुड़ें, बच्चों और युवाओं को प्रोत्साहित करें तथा शहर में उभर रही खेल प्रतिभाओं का समर्थन करें।
आयोजकों का मानना है कि यदि बच्चों और युवाओं को शुरुआती स्तर पर सही प्रोत्साहन, प्रशिक्षण और अवसर मिले, तो दुर्गापुर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं। इसी सोच के साथ अलग-अलग खेल विधाओं को एक मंच पर लाने और उनके विकास के लिए वातावरण तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
हर इलाके से प्रतिभा खोजने का लक्ष्य
राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह 2026 की इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य दुर्गापुर के प्रत्येक हिस्से से खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। कई बार प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों की कमी, उचित मार्गदर्शन के अभाव या पर्याप्त मंच नहीं मिलने के कारण आगे नहीं बढ़ पाते। आयोजकों की कोशिश है कि ऐसी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें प्रोत्साहन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
खेलों में प्रतिभा केवल बड़े मैदानों या प्रतिष्ठित संस्थानों तक सीमित नहीं होती। शहर के विभिन्न मोहल्लों, स्कूलों और स्थानीय खेल मैदानों में भी ऐसे युवा मौजूद हो सकते हैं जिनमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की क्षमता है। इस अभियान के जरिए ऐसी प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें उचित दिशा देने की परिकल्पना की गई है।
दुर्गापुर के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का सपना
आयोजकों ने इस पहल को केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखने का लक्ष्य रखा है। उनका दीर्घकालिक उद्देश्य ऐसा खेल वातावरण तैयार करना है, जहां दुर्गापुर के खिलाड़ी लगातार आगे बढ़ सकें और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकें।
आयोजकों का कहना है कि दुर्गापुर के खिलाड़ियों की उपलब्धियां और पदक केवल शहर तक सीमित नहीं रहने चाहिए। उनकी सफलता देश और दुनिया के खेल मंच तक पहुंचनी चाहिए। इसके लिए लगातार प्रतिभा खोज, प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता होगी।
युवाओं को खेल से जोड़ने पर विशेष जोर
आज के समय में बच्चों और युवाओं का खेलों से जुड़ना कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। नियमित खेल गतिविधियां शारीरिक सक्रियता बढ़ाने के साथ अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण जैसी आदतों को भी मजबूत करने में मदद करती हैं। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित इस अभियान में युवाओं को खेलों को गंभीरता से अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
आयोजकों ने कहा कि खेल में जीत और हार दोनों सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। किसी प्रतियोगिता में पदक जीतना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी है कि युवा खेल भावना, अनुशासन और निरंतर प्रयास को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
विभिन्न खेल विधाओं को एक मंच पर लाने की पहल
इस पहल में अलग-अलग खेलों को साथ लेकर चलने की योजना पर भी जोर दिया गया है। आयोजकों का उद्देश्य किसी एक खेल को प्राथमिकता देने के बजाय विभिन्न खेल विधाओं के विकास के लिए वातावरण तैयार करना है। इससे खिलाड़ियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार खेल चुनने का अवसर मिल सकेगा।
कार्यक्रम में मौजूद खेल व्यक्तित्वों और प्रतिभागियों के बीच इस बात को लेकर उत्साह दिखाई दिया कि दुर्गापुर को आने वाले समय में अधिक खेल-केंद्रित शहर के रूप में विकसित किया जाए।
‘खेलबे दुर्गापुर, जीतबे दुर्गापुर’ बना अभियान का संदेश
राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 की प्रमोशनल रैली केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रही, बल्कि इसे सामूहिक भागीदारी के आह्वान के रूप में प्रस्तुत किया गया। आयोजकों ने नागरिकों से इस खेल आंदोलन का हिस्सा बनने की अपील की।
कार्यक्रम का जोशीला संदेश “खेलबे दुर्गापुर, जीतबे दुर्गापुर” पूरे अभियान की भावना को सामने रखता है। इसका उद्देश्य दुर्गापुर के लोगों में खेल के प्रति उत्साह पैदा करना और शहर की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक वातावरण तैयार करना है।
राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर शुरू हुई यह पहल अब आने वाले दिनों में किस तरह आगे बढ़ती है और दुर्गापुर से कितनी नई खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचती हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी। फिलहाल शहीद भगत सिंह स्टेडियम से शुरू हुई यह पहल दुर्गापुर में खेल को लेकर नई उम्मीद और उत्साह जरूर पैदा कर गई है।





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