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आसनसोल-दुर्गापुर

आसनसोल स्टेशन पर बिहार के बड़े नेताओं से मुलाकात, बंगाल में भाजपा का जनसंपर्क अभियान तेज

Moutushi · 29 August 2026, 2:18 PM

आसनसोल: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक गतिविधियों के बीच भारतीय जनता पार्टी की ओर से आम लोगों तक पहुंच बनाने और जनसंपर्क को मजबूत करने का अभियान तेज किए जाने की बात सामने आ रही है। इसी क्रम में शनिवार को बिहार से पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे राजनीतिक नेताओं की आसनसोल रेलवे स्टेशन पर स्थानीय स्तर पर मुलाकात और स्वागत चर्चा का विषय बना रहा। इस दौरान बिहार और उत्तर प्रदेश से जुड़े लोगों के साथ संपर्क बढ़ाने तथा उनके बीच संवाद स्थापित करने पर जोर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर राउत तथा बिहार के पूर्व मंत्री और जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता अरविंद कुमार सिंह पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे थे। ट्रेन से यात्रा के दौरान आसनसोल रेलवे स्टेशन पर उनकी मुलाकात आसनसोल निवासी राजकुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह से हुई। उन्होंने स्टेशन पर दोनों नेताओं का स्वागत किया और कुछ समय तक उनके साथ बातचीत की।

इस दौरान ट्रेन में अरविंद सिंह उर्फ छोटू सिंह, पूर्व मंत्री, नागरिक परिषद एवं जनता दल यूनाइटेड के बिहार महासचिव, राहुल पांडेय, जनता दल यूनाइटेड नेता तथा एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क के सीएमडी मदन सिंह सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे। रेलवे स्टेशन पर हुई इस मुलाकात में राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों के साथ-साथ बिहार तथा पश्चिम बंगाल से जुड़े विभिन्न विषयों पर बातचीत होने की जानकारी सामने आई।

बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों तक पहुंच बनाने पर जोर

आसनसोल एक महत्वपूर्ण औद्योगिक शहर है, जहां बिहार और उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। औद्योगिक प्रतिष्ठानों, व्यापारिक गतिविधियों और रोजगार के कारण लंबे समय से विभिन्न राज्यों के लोगों का यहां आना-जाना और निवास रहा है। ऐसे में बिहार और उत्तर प्रदेश से जुड़े लोगों के बीच राजनीतिक संपर्क बढ़ाने की कोशिश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पश्चिम बंगाल के दौरे पर आए बिहार के पूर्व मंत्री अरविंद कुमार सिंह ने लोगों के साथ संवाद के दौरान जनसंपर्क को महत्वपूर्ण बताया। बताया गया कि अभियान का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक पहुंच बनाना और उनके साथ सीधा संवाद स्थापित करना है।

राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो आसनसोल जैसे औद्योगिक क्षेत्र में प्रवासी आबादी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बिहार और उत्तर प्रदेश से जुड़ा हुआ है। ऐसे में दूसरे राज्यों के नेताओं का यहां आना और स्थानीय लोगों से मुलाकात करना आने वाले समय में राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

आसनसोल स्टेशन पर राजनीतिक चर्चा के साथ आपदा का मुद्दा भी उठा

आसनसोल रेलवे स्टेशन पर हुई बातचीत के दौरान राजनीतिक और जनसंपर्क से जुड़े विषयों के अलावा नेपाल में हाल में सामने आई भयावह आपदा तथा बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई। बिहार के पूर्व मंत्री अरविंद कुमार सिंह ने लोगों से सतर्क और सावधान रहने की अपील की।

उन्होंने कहा कि नेपाल में हुई त्रासदी बेहद गंभीर है और बिहार में भी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से प्रशासन और सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी आपात स्थिति में सतर्क रहने का आह्वान किया।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आपदा की परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। लोगों को अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई।

बंगाल में राजनीतिक संपर्क को लेकर बढ़ी सक्रियता

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक दलों की ओर से संगठन को मजबूत करने और आम लोगों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। भाजपा की ओर से भी अलग-अलग क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ाने पर जोर दिए जाने की बात कही जा रही है।

इसी कड़ी में दूसरे राज्यों के भाजपा और सहयोगी राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं का बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचना स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन रहा है। नेताओं की ओर से आम लोगों के साथ संवाद, सामाजिक मुद्दों पर चर्चा और स्थानीय समस्याओं को समझने की कोशिश की जा रही है।

शनिवार को आसनसोल रेलवे स्टेशन पर हुई मुलाकात को भी इसी व्यापक जनसंपर्क गतिविधि से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर किसी बड़े राजनीतिक निर्णय या आगामी चुनाव से संबंधित आधिकारिक घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है।

आसनसोल में बढ़ सकती है राजनीतिक हलचल

आसनसोल और आसपास का क्षेत्र पश्चिम बर्दवान जिले की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां विभिन्न राज्यों और समुदायों के लोग लंबे समय से रहते आए हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए अलग-अलग सामाजिक और भाषाई समूहों के साथ संवाद बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।

बिहार से आए नेताओं की स्थानीय लोगों के साथ मुलाकात के बाद आने वाले दिनों में इस तरह की जनसंपर्क गतिविधियां और बढ़ने की संभावना को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। विशेष रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश से जुड़े मतदाताओं तथा स्थानीय निवासियों के साथ संवाद राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

फिलहाल शनिवार की यह मुलाकात किसी औपचारिक राजनीतिक कार्यक्रम के रूप में सामने नहीं आई है, लेकिन आसनसोल रेलवे स्टेशन पर हुई बातचीत ने क्षेत्र की राजनीतिक हलचल को जरूर चर्चा में ला दिया है। एक ओर जहां जनसंपर्क अभियान के जरिए लोगों से जुड़ने की कोशिश दिखाई दी, वहीं दूसरी ओर नेपाल की त्रासदी और बिहार की बाढ़ को लेकर सतर्कता का संदेश भी दिया गया।

अब आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल के अन्य क्षेत्रों में ऐसे जनसंपर्क कार्यक्रम कितनी तेजी से आगे बढ़ते हैं और उनका स्थानीय राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।

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