दुर्गापुर: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक सनसनीखेज घटना ने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने और फिर पैसे वापस मांगने पर हमला किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। इस घटना में भाजपा कार्यकर्ता ओमप्रकाश प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तुरंत दुर्गापुर महकमा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
⚠️ पैसे मांगने पर हुआ हमला
मिली जानकारी के अनुसार, ओमप्रकाश प्रसाद ने आरोप लगाया है कि उन्हें दुर्गापुर इस्पात कारखाने में नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर भाजपा नेत्री मौसुमी दत्ता ने उनसे 50 हजार रुपये लिए थे।
काफी समय बीत जाने के बावजूद जब नौकरी नहीं मिली, तो उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और उन पर हमला कर दिया गया।
👊 भाई को बचाने गया, वह भी हुआ घायल
घटना के दौरान जब ओमप्रकाश प्रसाद के भाई उन्हें बचाने पहुंचे, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा।
दोनों घायल भाइयों का इलाज फिलहाल दुर्गापुर महकमा अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी हालत पर डॉक्टरों की नजर बनी हुई है।
🗣️ “मौजूदगी में हुआ हमला” – पीड़ित का दावा
ओमप्रकाश प्रसाद का दावा है कि मौसुमी दत्ता की मौजूदगी में ही उनके समर्थकों ने उन पर हमला किया।
हालांकि, इस पूरे मामले पर मौसुमी दत्ता ने फिलहाल कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है, जिससे विवाद और गहरा गया है।

📝 थाने में शिकायत, जांच शुरू
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने दुर्गापुर थाने में मौसुमी दत्ता और उनके करीबी लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि इस मामले की जानकारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी दी जाएगी।
🏛️ भाजपा में भी मतभेद के संकेत
इस मामले को लेकर भाजपा के भीतर भी अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं।
भाजपा नेता सुमंत मंडल ने कहा कि इस घटना का पार्टी से कोई सीधा संबंध नहीं है, साथ ही उन्होंने आरोप की उंगली कुछ स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर उठाई है।
🚨 इलाके में तनाव, पुलिस सतर्क
घटना के बाद से दुर्गापुर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और अधिकारियों का कहना है कि आरोपों की सत्यता की जांच कर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
❗ सवालों के घेरे में पूरा मामला
👉 क्या नौकरी के नाम पर वाकई पैसे लिए गए थे?
👉 क्या हमला सुनियोजित था या विवाद का परिणाम?
दुर्गापुर की यह घटना अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तर पर बड़ा मुद्दा बनती जा रही है, और सभी की नजर पुलिस जांच के नतीजों पर टिकी है।


