दुर्गापुर: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। इस बार कथित ठगों ने गैस कनेक्शन अपडेट कराने के नाम पर एक व्यक्ति को निशाना बनाया और उनके बैंक खाते से कुल 56 हजार 600 रुपये निकाल लिए। घटना दुर्गापुर के विधाननगर स्थित सेक्टर टू-ए इलाके की है, जहां रहने वाले समीरन विश्वास के साथ यह मामला सामने आया है। पीड़ित के अनुसार, 4 अक्टूबर को उनके पास गैस कनेक्शन अपडेट कराने के नाम पर फोन आया था। आरोप है कि फोन करने वाले व्यक्ति ने उन्हें अपनी बातों में उलझाकर बैंक से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उनके मोबाइल पर खाते से रुपये कटने के लगातार संदेश आने लगे।
घटना की जानकारी मिलते ही समीरन विश्वास ने साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया। उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा, बैंक अधिकारियों से संपर्क कर अपना डेबिट कार्ड बंद करवाने की कार्रवाई की। पीड़ित ने दुर्गापुर के न्यू टाउनशिप थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है। मामले ने एक बार फिर अनजान फोन कॉल पर भरोसा करने और बैंकिंग जानकारी साझा करने के जोखिम को सामने ला दिया है।
गैस कनेक्शन अपडेट के नाम पर आया फोन
जानकारी के अनुसार, समीरन विश्वास को 4 अक्टूबर को एक फोन कॉल आया था। फोन करने वाले ने कथित तौर पर गैस कनेक्शन अपडेट कराने की बात कही। गैस कनेक्शन से संबंधित जानकारी को जरूरी बताकर बातचीत आगे बढ़ाई गई। आरोप है कि इसी दौरान फोन करने वाले ने समीरन विश्वास को अपनी बातों में उलझाया और बैंक से संबंधित गोपनीय जानकारी हासिल कर ली।
इस तरह की धोखाधड़ी में ठग अक्सर किसी जरूरी सेवा, दस्तावेज या खाते को अपडेट करने का बहाना बनाते हैं। वे फोन करने वाले व्यक्ति को यह विश्वास दिलाने की कोशिश करते हैं कि तत्काल कार्रवाई नहीं करने पर सेवा में परेशानी हो सकती है। इसी दबाव में कोई व्यक्ति अपनी निजी जानकारी साझा कर सकता है।
हालांकि, इस मामले में फोन करने वाले व्यक्ति ने वास्तव में किस तरीके से जानकारी हासिल की और ठगी को अंजाम दिया, इसका विस्तृत विवरण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल, पीड़ित की शिकायत के आधार पर घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पहले 55 हजार, फिर 1,600 रुपये निकाले गए
समीरन विश्वास के मुताबिक, फोन पर बातचीत के बाद उनके मोबाइल पर बैंक खाते से रुपये कटने के लगातार संदेश आने लगे। जब उन्होंने संदेशों पर ध्यान दिया, तो पता चला कि उनके खाते से बड़ी रकम निकाल ली गई है।
बताया गया है कि पहले उनके केनरा बैंक खाते से 55 हजार रुपये निकाले गए। इसके बाद 1 हजार 600 रुपये की एक और निकासी हुई। इस तरह उनके खाते से कुल 56 हजार 600 रुपये निकल गए।
अचानक खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित और उनका परिवार चिंतित हो गया। बैंक खाते में जमा धनराशि का इस तरह निकल जाना किसी भी व्यक्ति के लिए गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है। खासकर तब, जब निकासी की जानकारी बिना किसी अपेक्षित लेनदेन के मोबाइल पर आने लगे।
इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि ठगों ने बैंकिंग जानकारी का इस्तेमाल किस प्रकार किया और रकम किन खातों में स्थानांतरित हुई। इन सवालों का जवाब बैंकिंग लेनदेन के विवरण और संबंधित जांच से मिल सकता है।
तुरंत 1930 पर किया संपर्क
खाते से पैसे निकलने की जानकारी मिलते ही समीरन विश्वास ने कार्रवाई शुरू की। उन्होंने साइबर अपराध से संबंधित हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
इसके साथ ही उन्होंने कई बैंकों के अधिकारियों से संपर्क किया और अपना डेबिट कार्ड ब्लॉक करवाया, ताकि उसके माध्यम से आगे किसी अनधिकृत लेनदेन की आशंका को कम किया जा सके। इसके बाद उन्होंने दुर्गापुर के न्यू टाउनशिप थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
साइबर ठगी की घटना सामने आने पर जल्द शिकायत करना महत्वपूर्ण होता है। लेनदेन की जानकारी समय पर संबंधित एजेंसियों तक पहुंचने से रकम के प्रवाह का पता लगाने और संभावित रूप से धनराशि रोकने के प्रयास में मदद मिल सकती है। हालांकि, शिकायत दर्ज कराने के बाद रकम वापस मिलने की गारंटी नहीं होती। इसलिए शुरुआती समय में की गई कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जाती है।
गैस कनेक्शन के नाम पर होने वाली ठगी से कैसे बचें?
इस घटना के बाद लोगों के लिए यह समझना जरूरी है कि गैस कनेक्शन या किसी अन्य सेवा को अपडेट कराने के नाम पर आने वाला हर फोन विश्वसनीय नहीं होता। यदि कोई अनजान व्यक्ति फोन करके बैंक खाते की जानकारी, डेबिट कार्ड का विवरण, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी मांगता है, तो सतर्क रहना चाहिए।
गैस कनेक्शन से संबंधित किसी भी समस्या की पुष्टि के लिए संबंधित गैस कंपनी या वितरक के आधिकारिक माध्यमों का ही इस्तेमाल करना बेहतर है। फोन करने वाले व्यक्ति द्वारा भेजे गए अनजान लिंक पर क्लिक करने या किसी संदिग्ध आवेदन को डाउनलोड करने से बचना चाहिए। किसी के कहने पर स्क्रीन साझा करने वाले अनुप्रयोग का इस्तेमाल करना भी जोखिम पैदा कर सकता है।
बैंक से जुड़ी जानकारी, पासवर्ड और ओटीपी किसी अनजान व्यक्ति को नहीं बताना चाहिए। यदि फोन करने वाला व्यक्ति जल्दबाजी करने का दबाव बनाए या खाते से जुड़ी जानकारी मांगने लगे, तो बातचीत समाप्त करके आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करनी चाहिए।
साइबर ठगी होने पर तुरंत क्या करें?
यदि किसी व्यक्ति के बैंक खाते से बिना अनुमति रुपये निकल जाएं, तो सबसे पहले संबंधित बैंक को सूचित करके खाते या कार्ड को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। इसके बाद साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर जल्द संपर्क करना चाहिए और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
पीड़ित को बैंक के संदेश, लेनदेन का विवरण, फोन नंबर, कॉल का समय और उपलब्ध अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने चाहिए। शिकायत दर्ज कराने के बाद संबंधित बैंक और पुलिस के साथ आवश्यक जानकारी साझा करनी चाहिए। किसी भी स्थिति में ठगी की रकम वापस दिलाने का दावा करने वाले अनजान व्यक्ति को अतिरिक्त भुगतान नहीं करना चाहिए।
दुर्गापुर के विधाननगर स्थित सेक्टर टू-ए में समीरन विश्वास के साथ हुई कथित साइबर ठगी एक बार फिर चेतावनी देती है कि छोटी-सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। फिलहाल, पीड़ित की शिकायत के बाद मामले में आगे की जांच महत्वपूर्ण है। लोगों को भी सतर्क रहने, बैंकिंग जानकारी गोपनीय रखने और किसी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत शिकायत करने की जरूरत है।




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