Friday, 9 October 2026
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दुर्गापुर में सड़क निर्माण की खुली पोल! ढलाई के अगले ही दिन आईं दरारें, लोगों ने रुकवाया काम

Moutushi · 9 October 2026, 4:21 PM

दुर्गापुर: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दुर्गापुर नगर निगम के वार्ड नंबर 2 के बिजड़ा इलाके में कंक्रीट सड़क की ढलाई पूरी होने के अगले ही दिन कई स्थानों पर दरारें दिखाई देने से स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई। लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए काम रुकवा दिया और विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि सरकारी धन से सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, इसलिए काम की गुणवत्ता और मजबूती सुनिश्चित करना संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है।

स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद मामले में भाजपा के स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी हस्तक्षेप किया। भाजपा बूथ अध्यक्ष अजय बाउरी के मुताबिक, ठेकेदार को सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत करने और आगे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान देने के लिए कहा गया। इसके बाद निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया गया। हालांकि, इस घटना ने सड़क निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री और काम करने के तरीके को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ढलाई के अगले दिन दिखीं सड़क पर दरारें

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बिजड़ा इलाके में गुरुवार को कंक्रीट सड़क की ढलाई का काम कराया गया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शुक्रवार सुबह जब स्थानीय लोगों ने सड़क का निरीक्षण किया, तो उन्हें कई हिस्सों में दरारें दिखाई दीं। नई बनी सड़क पर इतनी जल्दी दरारें नजर आने से लोगों को आशंका हुई कि निर्माण कार्य में कहीं न कहीं गुणवत्ता संबंधी कमी रह गई है।

लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण पूरा होने के तुरंत बाद उसमें दरारें दिखाई देना सामान्य बात मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इससे सड़क की मजबूती और लंबे समय तक टिके रहने की क्षमता को लेकर सवाल उठते हैं। इसी नाराजगी के चलते स्थानीय निवासियों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया और संबंधित लोगों से जवाब मांगा।

हालांकि, सड़क पर दरारें पड़ने के वास्तविक कारण की अभी तकनीकी पुष्टि नहीं हुई है। इसके लिए निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री, ढलाई की प्रक्रिया, कंक्रीट के जमने की स्थिति और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच जरूरी होगी।

सरकारी धन से निर्माण, फिर गुणवत्ता में कमी क्यों?

विरोध कर रहे स्थानीय लोगों का मुख्य सवाल यह है कि जब सड़क निर्माण पर सरकारी धन खर्च किया जा रहा है, तो काम निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप क्यों नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि सड़क बनाने का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य पूरा करना नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसी सड़क तैयार करना भी जरूरी है जो लंबे समय तक लोगों के इस्तेमाल के योग्य बनी रहे।

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, यदि निर्माण के अगले ही दिन दरारें दिखाई देने लगें, तो सड़क की गुणवत्ता की जांच की जानी चाहिए। लोगों को आशंका है कि यदि समस्या को शुरुआत में ठीक नहीं किया गया, तो आगे चलकर सड़क का नुकसान बढ़ सकता है और मरम्मत पर दोबारा खर्च करना पड़ सकता है।

लोगों ने मांग की कि सड़क के फटे हिस्सों की उचित मरम्मत कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि मरम्मत के बाद वही समस्या फिर सामने न आए। उनका कहना है कि सार्वजनिक धन से होने वाले निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है।

तुफज्जल मिद्या ने उठाए निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल

स्थानीय निवासी तुफज्जल मिद्या ने सड़क निर्माण के तरीके पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इलाके के लोग अच्छी गुणवत्ता वाली सड़क चाहते हैं। जब सरकार निर्माण कार्य के लिए धन उपलब्ध करा रही है, तो काम इस तरह क्यों किया जा रहा है कि ढलाई के अगले ही दिन सड़क पर दरारें दिखाई देने लगें?

तुफज्जल मिद्या ने आशंका जताई कि यदि सड़क की मौजूदा स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया, तो कुछ ही दिनों में ढलाई उखड़ने जैसी समस्या भी सामने आ सकती है। उनके मुताबिक, स्थानीय लोगों का विरोध इसी बात को लेकर है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए।

स्थानीय निवासियों की मांग है कि संबंधित विभाग और निर्माण से जुड़े जिम्मेदार लोग सड़क की स्थिति का निरीक्षण करें। यदि तकनीकी खामी पाई जाती है, तो उसे दूर करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। लोगों का कहना है कि केवल दरारों को ऊपर से भर देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि समस्या की वजह का पता लगाकर स्थायी समाधान करना जरूरी है।

भाजपा बूथ अध्यक्ष ने किया हस्तक्षेप

मामले की जानकारी मिलने के बाद भाजपा ने भी हस्तक्षेप किया। इलाके के भाजपा बूथ अध्यक्ष अजय बाउरी ने बताया कि ठेकेदार को सड़क के फटे हिस्सों की मरम्मत करने के लिए कहा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आगे निर्माण कार्य इस तरह किया जाना चाहिए कि सड़क पर दोबारा ऐसी दरारें नहीं पड़ें।

स्थानीय लोगों के विरोध और हस्तक्षेप के बाद सड़क निर्माण का काम फिर से शुरू कर दिया गया। हालांकि, काम दोबारा शुरू होने से यह अपने आप साबित नहीं होता कि सड़क की गुणवत्ता से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान हो गया है। सड़क की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तकनीकी जांच और मरम्मत की गुणवत्ता पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल, इस मामले में नगर निगम या संबंधित तकनीकी अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालने के लिए तकनीकी निरीक्षण और संबंधित दस्तावेजों की जांच जरूरी है।

सड़क की मजबूती और टिकाऊपन पर टिकी लोगों की नजर

बिजड़ा की इस घटना ने स्थानीय स्तर पर सड़क निर्माण की निगरानी और गुणवत्ता जांच को लेकर चर्चा तेज कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण जनता की सुविधा के लिए किया जाता है। इसलिए यह जरूरी है कि काम तय मानकों के अनुसार हो और किसी भी कमी को समय रहते दूर किया जाए।

कंक्रीट सड़क में दरार आने के पीछे कई तकनीकी कारण हो सकते हैं। ऐसे में केवल दरारें देखकर निर्माण में गड़बड़ी की अंतिम पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए कंक्रीट की गुणवत्ता, ढलाई के बाद उसकी देखभाल और निर्माण प्रक्रिया का विशेषज्ञों द्वारा निरीक्षण किया जाना चाहिए।

अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि सड़क के प्रभावित हिस्सों की मरम्मत किस तरह की जाती है और आगे निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। लोगों की मांग स्पष्ट है—उन्हें ऐसी सड़क चाहिए जो मजबूत हो, लंबे समय तक टिके और सार्वजनिक धन का सही उपयोग सुनिश्चित करे। यदि संबंधित पक्ष समय रहते समस्या की जांच कर उसका स्थायी समाधान करते हैं, तो भविष्य में इस तरह के विवादों से बचने में मदद मिल सकती है।

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