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आसनसोल-दुर्गापुर

भत्ता वृद्धि से वंचित आशा सुपरवाइजरों ने मेयर विधान उपाध्याय से लगाई गुहार

Moutushi · 24 June 2026, 12:04 PM

आसनसोल: पश्चिम बंगाल राज्य बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बड़े निवेश और आशा तथा आंगनबाड़ी कर्मियों के भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा के बाद अब आशा सुपरवाइजरों में नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। खुद को इस लाभ से वंचित महसूस कर रहे सुपरवाइजरों ने अपनी आवाज उठानी शुरू कर दी है।

मंगलवार को आशा सुपरवाइजरों का एक प्रतिनिधिमंडल आसनसोल नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय से मिला और अपनी समस्याओं को विस्तार से उनके सामने रखा। उन्होंने साफ कहा कि जब आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों के भत्तों में वृद्धि की जा सकती है, तो सुपरवाइजरों को इससे बाहर रखना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।

सुपरवाइजरों का आरोप है कि उन्हें पिछले कई वर्षों से मात्र 6,200 रुपये का मानदेय दिया जा रहा है, जिसमें अब तक कोई वृद्धि नहीं हुई है। उनका कहना है कि पूर्ववर्ती सरकार के समय से ही यह राशि तय है और लगातार मांग के बावजूद इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने मेयर से अनुरोध किया कि उनकी स्थिति पर गंभीरता से विचार किया जाए और जल्द से जल्द मानदेय में वृद्धि का निर्णय लिया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं, ऐसे में उनकी उपेक्षा करना उचित नहीं है।

मेयर विधान उपाध्याय ने सुपरवाइजरों को आश्वासन देते हुए कहा कि वे अपनी मांगों को लिखित रूप में सौंपें, ताकि इस मुद्दे को संबंधित विभाग और उच्च स्तर तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

आशा सुपरवाइजरों ने उम्मीद जताई है कि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। उनका कहना है कि अगर जल्द कोई समाधान नहीं निकला, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर हो सकते हैं।

यह मामला अब न सिर्फ स्वास्थ्य कर्मियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है, बल्कि आने वाले दिनों में यह एक बड़ा मुद्दा भी बन सकता है।

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