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आसनसोल-दुर्गापुर

छह महीने से वेतन नहीं मिला तो श्रमिकों का धरना, पूजा से पहले भुगतान की मांग

Moutushi · 30 September 2026, 3:29 PM

आसनसोल: दुर्गापूजा का त्योहार नजदीक आते ही बकाया वेतन को लेकर श्रमिकों की परेशानी सामने आने लगी है। आसनसोल के कल्याणपुर स्थित श्रमिक भवन में संविदा श्रमिकों की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू किया गया है। श्रमिकों का दावा है कि पिछले करीब छह महीने से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। त्योहार के समय भी अगर बकाया राशि नहीं मिली तो परिवार चलाने और पूजा की आवश्यक खरीदारी करने में उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक और उप श्रम आयुक्त के कार्यालय में लिखित शिकायत भी की है। श्रमिकों की मुख्य मांग है कि उनके लंबे समय से बकाया वेतन का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए, ताकि पूजा से पहले उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।

छह महीने से वेतन नहीं मिलने का दावा

धरने पर बैठे संविदा श्रमिकों का कहना है कि वे नियमित रूप से अपने काम की जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पिछले छह महीने का वेतन बकाया है। लंबे समय तक वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने घर का खर्च चलाने से लेकर बच्चों की जरूरतों तक कई तरह की परेशानियां खड़ी हो गई हैं।

श्रमिकों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में भी लगातार कई महीनों तक वेतन का इंतजार करना मुश्किल होता है। लेकिन दुर्गापूजा जैसे बड़े त्योहार के समय खर्च बढ़ जाने के कारण समस्या और गंभीर हो जाती है। कपड़े, बच्चों की पढ़ाई, घर का राशन और अन्य जरूरी खर्चों के लिए श्रमिकों को बकाया वेतन मिलने का इंतजार है।

पूजा से पहले भुगतान की मांग

धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि दुर्गापूजा अब बेहद करीब है। ऐसे में अगर बकाया वेतन का भुगतान समय पर नहीं किया गया तो उनके परिवार त्योहार की खुशियों से वंचित रह सकते हैं। श्रमिकों ने मांग की है कि संबंधित विभाग और ठेकेदार मिलकर बकाया भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी करें।

उनका कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्या के समाधान का इंतजार कर रहे हैं। अब उन्होंने धरने के माध्यम से अपनी मांग प्रशासन और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का फैसला किया है।

विधायक और श्रम विभाग को दी लिखित शिकायत

बकाया वेतन को लेकर श्रमिकों ने आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक के पास भी लिखित शिकायत दी है। इसके अलावा उप श्रम आयुक्त के कार्यालय में भी अपनी समस्याओं से संबंधित शिकायत दर्ज कराई गई है।

श्रमिकों का कहना है कि उन्होंने कई स्तरों पर अपनी समस्या रखने की कोशिश की है। उनका उद्देश्य किसी तरह का विवाद पैदा करना नहीं, बल्कि लंबे समय से रुके वेतन का भुगतान हासिल करना है। श्रमिकों के अनुसार, उन्हें उम्मीद है कि प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद उनकी समस्या का समाधान निकलेगा।

श्रम विभाग ने शुरू की पहल

इस मामले में उप श्रम आयुक्त कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, श्रमिकों की मांगों को लेकर एक अधिकारी कोलकाता स्थित श्रम आयुक्त से बातचीत करने के लिए गए हैं। इससे संकेत मिल रहा है कि मामले को विभागीय स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, फिलहाल ठेकेदार को तत्काल अप्रैल महीने से संबंधित दो महीने के बकाया भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, श्रमिकों का कहना है कि उनका दावा छह महीने के बकाया वेतन का है। इसलिए केवल कुछ महीनों का भुगतान उनकी पूरी समस्या का समाधान नहीं करेगा।

पूरा भुगतान होने तक धरना जारी रखने की बात

श्रमिकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनके पूरे बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उनका कहना है कि वे लंबे समय से आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं और अब उन्हें अपने मेहनत के पैसे के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

धरने पर बैठे श्रमिकों का कहना है कि त्योहार के समय परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में यदि समय पर वेतन नहीं मिलता है तो आर्थिक दबाव और बढ़ेगा। इसी वजह से उन्होंने भुगतान की समयसीमा को लेकर भी स्पष्टता की मांग की है।

ठेकेदार और विभाग के बीच भुगतान प्रक्रिया पर नजर

पूरे मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण भूमिका बकाया वेतन के भुगतान की प्रक्रिया की होगी। श्रम विभाग की ओर से तत्काल दो महीने के भुगतान का निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि श्रमिक छह महीने की पूरी बकाया राशि की मांग कर रहे हैं।

ऐसे में श्रमिकों और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालना महत्वपूर्ण होगा। यदि भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो धरना समाप्त होने की संभावना बन सकती है। वहीं यदि श्रमिकों की पूरी मांग पर जल्द कोई निर्णय नहीं होता है, तो उनका आंदोलन आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।

पूजा से पहले समाधान की उम्मीद

दुर्गापूजा से पहले श्रमिकों का यह आंदोलन सामने आने से अब उनकी आर्थिक परेशानी चर्चा में है। त्योहार के समय मजदूर और संविदा कर्मचारी अपने वेतन पर विशेष रूप से निर्भर रहते हैं। लंबे समय से भुगतान नहीं होने की स्थिति में त्योहार की तैयारी करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

फिलहाल श्रमिक कल्याणपुर स्थित श्रमिक भवन में धरने पर बैठे हैं और अपने पूरे बकाया वेतन की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, श्रम विभाग की ओर से मामले को लेकर बातचीत और शुरुआती भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात सामने आई है।

अब निगाह इस बात पर है कि क्या पूजा से पहले श्रमिकों के बकाया वेतन का पूरा भुगतान हो पाता है या नहीं। फिलहाल श्रमिकों ने साफ कर दिया है कि उनकी पूरी बकाया राशि मिलने तक धरना जारी रहेगा। आने वाले दिनों में श्रम विभाग, ठेकेदार और श्रमिकों के बीच होने वाली बातचीत से इस विवाद के समाधान की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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