Wednesday, 30 September 2026
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आसनसोल-दुर्गापुर

आदिवासी स्टूडेंट यूथ फोरम का जोरदार प्रदर्शन, एसडीएम कार्यालय में सौंपा ज्ञापन

Moutushi · 30 September 2026, 3:39 PM

आसनसोल: विभिन्न मांगों को लेकर आदिवासी स्टूडेंट यूथ फोरम की ओर से बुधवार को आसनसोल महकमा शासक कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया गया। संगठन के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर जुलूस निकाला और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ महकमा शासक कार्यालय तक पहुंचे। प्रदर्शन के बाद संगठन की ओर से अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान आदिवासी समुदाय से जुड़े कई लोग और संगठन के सदस्य मौजूद रहे।

आदिवासी स्टूडेंट यूथ फोरम के सदस्य निर्धारित कार्यक्रम के तहत जुलूस के रूप में आसनसोल महकमा शासक कार्यालय पहुंचे। जुलूस में शामिल लोगों के हाथों में अपनी मांगों से संबंधित संदेश और तख्तियां दिखाई दीं। वहीं, आदिवासी समुदाय के लोग पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाते हुए जुलूस में शामिल हुए। पारंपरिक संगीत और सामूहिक नारों के बीच जुलूस जब महकमा शासक कार्यालय के पास पहुंचा तो प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।

संगठन के सदस्यों का कहना था कि आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और विकास संबंधी मुद्दों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि समुदाय के विद्यार्थियों और युवाओं से जुड़े विषयों पर प्रशासन का ध्यान जाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से संगठन की ओर से अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा गया।

प्रदर्शन के दौरान संगठन के सदस्यों ने कहा कि केवल ज्ञापन सौंपना ही उनका उद्देश्य नहीं है, बल्कि संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक कदम उठाए जाने की उम्मीद है। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों के समक्ष विस्तार से अपनी बात रखने का प्रयास किया। इसके बाद संगठन के प्रतिनिधियों ने महकमा शासक कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।

जुलूस में पारंपरिक वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल विशेष रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित करता रहा। आदिवासी समुदाय के पारंपरिक सांस्कृतिक स्वरूप के साथ निकाले गए इस जुलूस में बड़ी संख्या में संगठन से जुड़े लोग दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने पर जोर दिया। कार्यालय परिसर के सामने पहुंचने के बाद संगठन की ओर से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नारे भी लगाए गए।

संगठन की ओर से बताया गया कि आदिवासी विद्यार्थियों और युवाओं के सामने शिक्षा तथा भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। ऐसे में संबंधित विभागों और प्रशासन को इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। संगठन ने मांगों को लेकर प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखा और उम्मीद जताई कि ज्ञापन में उठाए गए विषयों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि आदिवासी समाज की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाने की जरूरत है। उनका कहना था कि समाज के विद्यार्थियों और युवाओं के हितों से जुड़े विषयों पर समय रहते पहल की जानी चाहिए। संगठन का मानना है कि प्रशासन और समुदाय के बीच संवाद के माध्यम से कई समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है।

आसनसोल महकमा शासक कार्यालय में ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान संगठन के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों के सामने अपनी मांगों को रखा। प्रतिनिधियों ने संबंधित मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया और मांगों पर विचार करने का आग्रह किया। ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शनकारी वहां से लौट गए।

इस प्रदर्शन को लेकर इलाके में कुछ समय के लिए लोगों का ध्यान भी महकमा शासक कार्यालय की ओर आकर्षित हुआ। पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ निकला जुलूस स्थानीय लोगों के लिए भी चर्चा का विषय बना रहा। संगठन की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि आदिवासी समुदाय के विद्यार्थियों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से उठाया जाना चाहिए।

आदिवासी स्टूडेंट यूथ फोरम की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में समुदाय की एकजुटता भी दिखाई दी। संगठन के सदस्यों ने सामूहिक रूप से अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाया। प्रदर्शन के बाद ज्ञापन सौंपे जाने के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

अब संगठन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी। संगठन ने उम्मीद जताई है कि संबंधित अधिकारियों की ओर से मांगों पर विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रदर्शन में शामिल लोगों ने भी कहा कि यदि उनकी समस्याओं पर सकारात्मक पहल होती है तो इससे आदिवासी विद्यार्थियों और युवाओं को लाभ मिल सकता है।

आसनसोल में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर आदिवासी समुदाय से जुड़े सामाजिक और शैक्षणिक मुद्दों को सार्वजनिक चर्चा में ला दिया है। संगठन की ओर से स्पष्ट किया गया कि अपनी मांगों को लेकर वे लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखते रहेंगे। अब आगे प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई और संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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