आसनसोल: सावन माह और कांवड़ यात्रा की शुरुआत से पहले पश्चिम बर्धमान के आसनसोल में एक नया मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। आसनसोल बाईपास और ज्योतिनगर स्थित वेबल आईटी पार्क के पास स्थित ‘गीतांजलि ढाबा’ को लेकर स्थानीय स्तर पर बहस शुरू हो गई है।
शनिवार को ‘मुख्य मार्ग’ नामक संगठन के कुछ सदस्य उक्त ढाबे पर पहुंचे और होटल प्रबंधन के सामने एक विशेष मांग रखी। संगठन के प्रतिनिधियों का कहना था कि सावन के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री इस मार्ग से गुजरते हैं, ऐसे में होटल और भोजनालयों के बारे में स्पष्ट जानकारी होना आवश्यक है।
संगठन का तर्क है कि ‘गीतांजलि’ जैसे नाम से कई लोग इसे पारंपरिक या किसी विशेष सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देख सकते हैं। उनका कहना है कि ग्राहकों को पूरी जानकारी के साथ निर्णय लेने का अवसर मिलना चाहिए। इसी के तहत उन्होंने होटल के बाहर मालिक का नाम स्पष्ट और बड़े अक्षरों में लिखने की मांग की।
संगठन के सदस्यों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी एक समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह पारदर्शिता और जानकारी उपलब्ध कराने से जुड़ा विषय है, जिसे सभी होटल और भोजनालयों पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।
वहीं, होटल से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि संगठन के सदस्य वहां आए थे और उन्होंने मालिक का नाम प्रमुखता से प्रदर्शित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि होटल प्रबंधन को इस पर कोई आपत्ति नहीं है और जल्द ही इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
गौरतलब है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति या तनाव की सूचना नहीं मिली है। बातचीत के माध्यम से मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझता नजर आया। स्थानीय स्तर पर इसे पारदर्शिता और आपसी समझ का उदाहरण भी माना जा रहा है।
अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में इस तरह की मांग अन्य क्षेत्रों में भी उठती है या नहीं, और प्रशासन इस विषय पर क्या दिशा-निर्देश जारी करता है। फिलहाल, सावन से पहले आसनसोल में यह मुद्दा चर्चा के केंद्र में बना हुआ है।

