Saturday, 12 September 2026
Advertisement
ब्रेकिंग न्यूज़
आसनसोल के वार्ड 58 में टीएमसी नेत्री पर हमले का आरोप, घर पर भी हमला; पुलिस में शिकायत आसनसोल में ऑटो-टोटो को लेकर बस मालिकों की बड़ी बैठक, रोजगार पर मंडराया संकट! आसनसोल में सफाई व्यवस्था पर निगम कमिश्नर की सख्ती, डस्टबिन के बाहर कूड़ा फेंकने वालों को दिया बड़ा संदेश अतनु दास की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस का हल्लाबोल, आसनसोल कोर्ट के बाहर जोरदार प्रदर्शन आसनसोल में बीजेपी का बड़ा ‘सेवा संकल्प अभियान’, पत्रकार सम्मेलन में जिला नेतृत्व ने बताई पूरी रणनीति नूनी पंचायत में बदला सियासी समीकरण! बीजेपी की ऋतु बाउरी बनीं प्रधान, कार्यकर्ताओं ने खेला अबीर आसनसोल के वार्ड 58 में टीएमसी नेत्री पर हमले का आरोप, घर पर भी हमला; पुलिस में शिकायत आसनसोल में ऑटो-टोटो को लेकर बस मालिकों की बड़ी बैठक, रोजगार पर मंडराया संकट! आसनसोल में सफाई व्यवस्था पर निगम कमिश्नर की सख्ती, डस्टबिन के बाहर कूड़ा फेंकने वालों को दिया बड़ा संदेश अतनु दास की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस का हल्लाबोल, आसनसोल कोर्ट के बाहर जोरदार प्रदर्शन आसनसोल में बीजेपी का बड़ा ‘सेवा संकल्प अभियान’, पत्रकार सम्मेलन में जिला नेतृत्व ने बताई पूरी रणनीति नूनी पंचायत में बदला सियासी समीकरण! बीजेपी की ऋतु बाउरी बनीं प्रधान, कार्यकर्ताओं ने खेला अबीर
आसनसोल-दुर्गापुर

दुकानें टूटीं, सत्ता बदली… फिर भी हट्टन रोड पर जाम! आसनसोल पूछ रहा—कब मिलेगी मुक्ति?

Moutushi · 13 August 2026, 3:27 PM

आसनसोल: आसनसोल के व्यस्त हट्टन रोड पर यातायात जाम की समस्या एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। सड़क किनारे दुकानों को हटाने के बाद उम्मीद जगी थी कि इलाके में यातायात व्यवस्था सुधरेगी और लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। लेकिन मौजूदा स्थिति में तस्वीर कुछ अलग ही नजर आ रही है।

सड़क पर टोटो और ऑटो की मौजूदगी के कारण कई बार यातायात की रफ्तार धीमी हो जाती है। व्यस्त समय में स्थिति और गंभीर होने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बावजूद यदि जाम की समस्या बनी हुई है, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर समस्या का स्थायी समाधान कब होगा?

दुकानें टूटीं, उम्मीद जगी थी—लेकिन जाम जस का तस

हट्टन रोड मोड़ के आसपास सड़क किनारे मौजूद दुकानों को हटाए जाने के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि सड़क चौड़ी होगी और वाहनों की आवाजाही आसान होगी। लोगों को लगा था कि अतिक्रमण हटने के बाद इलाके में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।

लेकिन वर्तमान तस्वीरों में सड़क पर टोटो और ऑटो के कारण यातायात बाधित होने का दृश्य सामने आ रहा है। इससे स्थानीय लोगों के बीच फिर से सवाल उठने लगे हैं कि केवल सड़क किनारे निर्माण या दुकानें हटाने से क्या जाम की समस्या का समाधान संभव है?

टोटो-ऑटो पर नियंत्रण को लेकर सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क के महत्वपूर्ण हिस्सों में टोटो और ऑटो की आवाजाही तथा रुकने की वजह से कई बार যানজট তৈরি হয়। বিশেষ করে ব্যস্ত সময়ে পরিস্থিতি আরও জটিল হয়ে ওঠে।

लोगों का सवाल है कि यदि किसी इलाके में लगातार यातायात जाम की शिकायत सामने आ रही है, तो वहां टोटो और ऑटो के लिए निर्धारित स्थान, रूट व्यवस्था और निगरानी को प्रभावी तरीके से लागू क्यों नहीं किया जा रहा है?

स्कूली बच्चों से लेकर स्टेशन जाने वाले यात्रियों तक परेशानी

हट्टन रोड का जाम केवल स्थानीय दुकानदारों या राहगीरों की समस्या नहीं है। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में आम लोग, स्कूली छात्र और रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले यात्री आवागमन करते हैं।

जाम लगने पर लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगता है। स्कूली छात्रों को समय पर स्कूल पहुंचने में परेशानी होती है, वहीं ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन जाने वाले यात्रियों के सामने समय पर पहुंचने की चिंता बनी रहती है।

सत्ता बदली, क्या व्यवस्था भी बदलेगी?

स्थानीय लोगों के बीच राजनीतिक चर्चा भी तेज है। उनका कहना है कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में भी हट्टन रोड पर जाम की समस्या आम थी। अब सत्ता परिवर्तन के बाद लोगों को उम्मीद थी कि नई व्यवस्था में इस समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा।

लेकिन अगर सड़क किनारे की तस्वीर में केवल राजनीतिक परिस्थिति बदली हुई नजर आए और यातायात की समस्या पहले जैसी ही बनी रहे, तो जनता के सवाल उठना स्वाभाविक है।

लोगों की मांग है कि केवल अभियान चलाकर सड़क खाली कराने के बजाय टोटो-ऑटो के लिए व्यवस्थित यातायात योजना, पार्किंग व्यवस्था और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि हट्टन रोड को वास्तव में जाम मुक्त बनाया जा सके।

अब जनता का सीधा सवाल—कब होगा समाधान?

हट्टन रोड के लोगों के लिए जाम अब रोजमर्रा की परेशानी बनता जा रहा है। सड़क किनारे की बाधाएं हटाने के बावजूद यदि यातायात सामान्य नहीं होता, तो प्रशासन के सामने चुनौती केवल अतिक्रमण हटाने की नहीं, बल्कि पूरी यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने की है।

आसनसोल की जनता अब यही पूछ रही है—सड़क बदली, दुकानें हटीं, सत्ता बदली… लेकिन जाम क्यों नहीं बदला? आखिर आसनसोल कब होगा जाम मुक्त?

Advertisement