Thursday, 1 October 2026
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आसनसोल-दुर्गापुर

मेनधुमा में वर्चस्व की जंग ने लिया हिंसक रूप, गोलीबारी-मारपीट मामले में 7 गिरफ्तार

Moutushi · 1 October 2026, 3:26 PM

आसनसोल, पश्चिम बर्धमान: आसनसोल दक्षिण थाना क्षेत्र के मेनधुमा इलाके में वर्चस्व को लेकर दो पक्षों के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर हिंसक रूप लेता दिखाई दिया। दुर्गा पूजा पंडाल और मेले के आयोजन को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट और गोलीबारी के आरोपों तक पहुंच गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। मामले में पुलिस ने अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि इस मामले में कुछ अन्य लोग अब भी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

मेनधुमा में लंबे समय से स्थानीय स्तर पर वर्चस्व को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव और टकराव की बातें सामने आती रही हैं। इस विवाद में पूर्व टीएमसी पार्षद रोहित नोनिया, संजय नोनिया और भाजपा नेता बिरजू यादव के नाम भी चर्चा में रहे हैं। हालांकि, किसी भी व्यक्ति की भूमिका और आरोपों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होनी है। फिलहाल पुलिस का ध्यान ताजा घटना में शामिल लोगों की पहचान, गिरफ्तारी और इलाके में शांति बनाए रखने पर है।

दुर्गा पूजा पंडाल और मेले के आयोजन को लेकर बढ़ा विवाद

जानकारी के अनुसार, मेनधुमा इलाके में दुर्गा पूजा पंडाल और मेले के आयोजन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था। स्थानीय स्तर पर धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर पहले भी दोनों पक्षों के बीच मतभेद की बातें सामने आती रही हैं। इस बार पूजा और मेले से जुड़ा विवाद बढ़ने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

स्थानीय स्तर पर सामने आए आरोपों के मुताबिक, विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट तक पहुंच गई। इसके साथ ही गोली चलने की घटना भी सामने आई। इस घटना के बाद इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बन गया। मेनधुमा में हुई फायरिंग को लेकर भाजपा नेता बिरजू यादव की ओर से भी आरोप लगाए गए हैं। एक स्थानीय समाचार रिपोर्ट में उनके हवाले से करीब आठ से नौ राउंड गोली चलने का दावा किया गया है। हालांकि, गोलीबारी की पूरी परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

पहले भी सामने आते रहे हैं टकराव के आरोप

मेनधुमा में वर्चस्व को लेकर विवाद का मामला केवल मौजूदा घटना तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार तनाव और मारपीट की घटनाओं की चर्चा रही है। धार्मिक कार्यक्रमों, सामाजिक आयोजनों और इलाके में प्रभाव बनाए रखने को लेकर मतभेद होने की बातें सामने आती रही हैं।

इन विवादों के दौरान मारपीट, गोलीबारी और बमबाजी तक के आरोप लगाए जाते रहे हैं। हालांकि, अलग-अलग घटनाओं की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों की पहचान संबंधित मामलों की जांच पर निर्भर करती है। ऐसे में सभी आरोपों को जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति के खिलाफ प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।

स्थानीय लोगों के बीच इस तरह की घटनाओं को लेकर चिंता बनी हुई है। पूजा जैसे सार्वजनिक आयोजन के समय इलाके में तनाव पैदा होने से आम लोगों, दुकानदारों और मेले में आने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते हैं। किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को एक साथ जोड़ना और उत्सव का माहौल बनाना होता है। लेकिन आयोजन को लेकर विवाद बढ़ने पर इसका असर पूरे क्षेत्र के सामान्य जनजीवन पर पड़ सकता है।

सात लोगों की गिरफ्तारी, फरार आरोपियों की तलाश जारी

मेनधुमा में गोलीबारी और मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, घटना के संबंध में मिली शिकायतों के आधार पर गिरफ्तारी की गई है।

आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस कमिश्नर डॉ. प्रणव कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि इलाके में लगातार पुलिस पिकेट तैनात की गई है और पुलिस की कार्रवाई जारी है। उनके मुताबिक, मामले में कई लोग अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस प्रयास कर रही है।

पुलिस की ओर से इलाके में निगरानी बढ़ाने और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। लगातार पुलिस पिकेट की तैनाती का उद्देश्य इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखना और विवाद को दोबारा हिंसक रूप लेने से रोकना है।

पुलिस के सामने शांति व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती

मेनधुमा में लगातार सामने आ रहे विवादों के बीच पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इलाके में सामान्य स्थिति बनाए रखना है। दुर्गा पूजा और मेले के आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोग एकत्रित होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह का तनाव सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज से गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।

स्थानीय स्तर पर वर्चस्व को लेकर होने वाले विवादों का असर केवल संबंधित पक्षों तक सीमित नहीं रहता। इसका प्रभाव आसपास के परिवारों, व्यापारियों और आम नागरिकों पर भी पड़ता है। खासकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को ऐसे माहौल में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण हो जाती है।

फिलहाल सात लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। मामले की जांच के दौरान यह स्पष्ट होना बाकी है कि विवाद किस परिस्थिति में शुरू हुआ, गोलीबारी किसने की और मारपीट में किन लोगों की भूमिका रही। पुलिस कमिश्नर ने कार्रवाई जारी रहने की बात कही है। अब सबकी नजर पुलिस की आगे की जांच और फरार लोगों की गिरफ्तारी पर है। मेनधुमा के लोगों को उम्मीद है कि पुलिस की सख्ती से इलाके में तनाव कम होगा और पूजा तथा मेले से जुड़े सार्वजनिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सकेंगे।

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