कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए चुनाव प्रचार सोमवार शाम थम गया, लेकिन इसके साथ ही राज्य की सियासत और भी गर्म हो गई है। 29 अप्रैल को राज्य की बाकी 142 सीटों पर मतदान होना है, और उससे पहले कई जिलों में हुई हिंसा ने चुनाव आयोग की चिंता बढ़ा दी है।
⚠️ प्रचार खत्म, लेकिन बढ़ी बेचैनी
आखिरी दिन—
👉 कई बड़े नेताओं ने पूरी ताकत झोंक दी
👉 लेकिन उत्तर 24 परगना, हुगली, दक्षिण 24 परगना और पूर्व बर्धमान में तनाव बना रहा
👉 छिटपुट हिंसा की घटनाओं ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया
🔶 मोदी का बड़ा दावा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर 24 परगना के जगदल में रैली करते हुए कहा—
👉 “भाजपा बंगाल को तुष्टिकरण की राजनीति से मुक्त करेगी”
👉 जनता से अपील—अब भाजपा को मौका दें
👉 भरोसा जताया—4 मई के बाद बंगाल में भाजपा सरकार बनेगी
🔵 ममता का ‘बदला’ वाला संदेश
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बार नया नारा दिया—
👉 “दुरंत खेला होगा”
👉 कहा—अब बदलाव नहीं, ‘बदला’ जरूरी है
👉 चुनाव आयोग और केंद्रीय एजेंसियों पर भी सवाल उठाए
👉 आखिरी दिन उन्होंने रैली नहीं, बल्कि दक्षिण कोलकाता में तीन पदयात्राएं कीं
🟠 अमित शाह की चेतावनी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तृणमूल पर हमला बोलते हुए कहा—
👉 अगर मतदाताओं या कार्यकर्ताओं को डराया गया
👉 तो 4 मई के बाद जवाब मिलेगा
👉 बेहाला पश्चिम, हुगली और कोलकाता में रोड शो कर शक्ति प्रदर्शन
🟢 अभिषेक बनर्जी का पलटवार
तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा—
👉 गोघाट में सांसद पर हमले को लेकर नाराजगी
👉 दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन
👉 चेतावनी—4 मई के बाद हर घटना का हिसाब होगा
⚡ योगी आदित्यनाथ का ‘डबल इंजन’ फॉर्मूला
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने—
👉 तारकेश्वर मंदिर में पूजा के बाद जनसभा की
👉 कहा—डबल इंजन सरकार से विकास तेज होगा
👉 तृणमूल पर जमकर हमला बोला
🚨 हिंसा की घटनाओं से बढ़ी चिंता
मतदान से पहले—
👉 जगदल, गोघाट, पूर्वस्थली और भांगड़ में हिंसा
👉 कई लोग घायल, कुछ गिरफ्तार
👉 चुनाव आयोग लगातार निगरानी में
👉 पहले चरण की तुलना में इस बार माहौल ज्यादा तनावपूर्ण
🧭 निर्णायक मुकाबले की उलटी गिनती शुरू
👉 सभी दलों ने संकेत दिया—असली लड़ाई 4 मई के नतीजों में दिखेगी
👉 जनता के मन में सवाल—कौन जीतेगा बंगाल की सियासी जंग?
🔍 क्या कहता है सियासी माहौल?
👉 एक तरफ भाजपा का “परिवर्तन” का दावा
👉 दूसरी तरफ तृणमूल का “बदला” और “खेला” का नारा
👉 हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप ने चुनाव को और भी हाई-वोल्टेज बना दिया है
👉 अब सबकी नजर 29 अप्रैल की वोटिंग और 4 मई के नतीजों पर टिकी है, जहां तय होगा—बंगाल की सत्ता किसके हाथ जाएगी!














