सालानपुर: पश्चिम बंगाल के सालानपुर इलाके में रविवार को उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब डीवीसी (दामोदर वैली कॉरपोरेशन) के बेदखली अभियान के दौरान स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कार्रवाई के खिलाफ लोगों ने सड़क जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
🚧 बेदखली अभियान बना विवाद की वजह
जानकारी के अनुसार—
👉 डीवीसी ने भारी सुरक्षा व्यवस्था और राज्य पुलिस की मौजूदगी में
👉 करीब 110 डीवीसी क्वार्टरों को ध्वस्त करने का अभियान शुरू किया
लेकिन इसी दौरान विवाद तब बढ़ गया जब—
👉 स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने
👉 निजी घरों और दुकानों को भी बिना नोटिस गिराने की धमकी दी
😡 लोगों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम
👉 इस चेतावनी के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया
👉 गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया
👉 घंटों तक यातायात प्रभावित रहा और माहौल तनावपूर्ण बना रहा
🗣️ स्थानीय नेताओं का आरोप
स्थानीय सीपीएम नेता शिप्रा मुखर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा—
👉 “बिना किसी नोटिस के हमारे घरों को तोड़ने की बात कही गई, जो पूरी तरह गलत है।”
उन्होंने मांग की—
👉 डीवीसी पहले यह साबित करे कि जमीन वास्तव में उसके अधिकार में है
👉 उनका दावा था कि—
- यह जमीन वन विभाग और सरकार की वेस्टेड भूमि है
- यहां कई परिवार करीब 50 वर्षों से रह रहे हैं
👮 पुलिस ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ते देख—
👉 मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया
👉 डीवीसी अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच बातचीत कराई
🤝 बातचीत के बाद मिला आश्वासन
चर्चा के दौरान डीवीसी अधिकारियों ने—
👉 आश्वासन दिया कि बिना कानूनी प्रक्रिया और नोटिस के कोई कार्रवाई नहीं होगी
👉 फिलहाल निजी घरों और दुकानों को नहीं तोड़ा जाएगा
✅ प्रदर्शन समाप्त, स्थिति सामान्य
👉 इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हो गए
👉 सड़क जाम हटा लिया गया और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई
⚠️ आगे भी जारी रहेगा विरोध?
हालांकि—
👉 स्थानीय लोगों ने साफ कहा कि वे इस मुद्दे पर नजर बनाए रखेंगे
👉 और किसी भी कार्रवाई से पहले कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने की मांग करेंगे
❗ बड़ा सवाल
👉 क्या विकास के नाम पर लोगों को बेदखल करना सही है?
👉 क्या प्रशासन बिना स्पष्ट दस्तावेज और नोटिस के कार्रवाई कर सकता है?
👉 फिलहाल, सालानपुर की यह घटना एक बार फिर विकास बनाम अधिकार की बहस को तेज कर रही है।

