Sunday, 23 August 2026
Advertisement
ब्रेकिंग न्यूज़
चलबलपुर में आधी रात पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लोहे की रॉड लदा ट्रक जब्त कल्याणेश्वरी में होटल मालिकों की पुलिस के साथ बैठक, सुरक्षा नियमों पर सख्ती आसनसोल में सड़क हादसे के मददगारों का सम्मान, आठ राह वीरों को मिला पुरस्कार अन्नपूर्णा योजना का पैसा नहीं आया तो सड़क पर उतरीं महिलाएं, बराकर में सड़क जाम डीवीसी के सोलर प्रोजेक्ट पर फंसा पेंच! ग्रामीणों ने कहा- पहले दो मुफ्त बिजली और रोजगार अन्नपूर्णा योजना की राशि नहीं मिली तो सालानपुर बीडीओ कार्यालय पहुंचीं महिलाएं, जमकर हुआ हंगामा चलबलपुर में आधी रात पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लोहे की रॉड लदा ट्रक जब्त कल्याणेश्वरी में होटल मालिकों की पुलिस के साथ बैठक, सुरक्षा नियमों पर सख्ती आसनसोल में सड़क हादसे के मददगारों का सम्मान, आठ राह वीरों को मिला पुरस्कार अन्नपूर्णा योजना का पैसा नहीं आया तो सड़क पर उतरीं महिलाएं, बराकर में सड़क जाम डीवीसी के सोलर प्रोजेक्ट पर फंसा पेंच! ग्रामीणों ने कहा- पहले दो मुफ्त बिजली और रोजगार अन्नपूर्णा योजना की राशि नहीं मिली तो सालानपुर बीडीओ कार्यालय पहुंचीं महिलाएं, जमकर हुआ हंगामा
आसनसोल-दुर्गापुर

आसनसोल में सड़क हादसे के मददगारों का सम्मान, आठ राह वीरों को मिला पुरस्कार

Moutushi · 22 August 2026, 3:26 PM

आसनसोल: सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने और समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले आम नागरिकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को आसनसोल साउथ ट्रैफिक गार्ड कार्यालय में ‘राह वीर योजना’ को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ‘राह वीर योजना’ यानी अच्छे नागरिक सहायता योजना के तहत आयोजित इस बैठक में सड़क दुर्घटना के दौरान लोगों की मदद करने वाले राह वीरों को योजना की सुविधाओं और सुरक्षा प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

बैठक में आसनसोल के सहायक पुलिस आयुक्त यातायात, ट्रैफिक इंस्पेक्टर द्वितीय और आठ राह वीर मौजूद रहे। इस दौरान राह वीरों को सम्मानित भी किया गया। बैठक का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के बाद घायलों की तत्काल मदद करने की संस्कृति को बढ़ावा देना और आम लोगों को यह भरोसा दिलाना था कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने पर उन्हें अनावश्यक कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

हादसे के बाद मदद करने वालों को प्रोत्साहन

सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती कुछ मिनट घायल व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं। कई बार दुर्घटना स्थल पर मौजूद लोग मदद करना चाहते हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई, कानूनी प्रक्रिया या अस्पताल से जुड़े सवालों को लेकर पीछे हट जाते हैं। इसी तरह की आशंकाओं को दूर करने और लोगों को दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आने के उद्देश्य से ‘राह वीर योजना’ के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा रही है।

आसनसोल साउथ ट्रैफिक गार्ड कार्यालय में हुई बैठक में राह वीरों को बताया गया कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले व्यक्ति के अधिकार और सुरक्षा क्या हैं। बैठक में यह भी चर्चा की गई कि किसी दुर्घटना के बाद मदद करने वाले नागरिक को किस प्रकार की सहायता और प्रोत्साहन मिल सकता है।

आठ राह वीरों को मिला सम्मान

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू रहा कि सड़क दुर्घटना के दौरान लोगों की सहायता करने वाले आठ राह वीरों को योजना के तहत पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि सड़क पर दुर्घटना होने के बाद पीड़ित की मदद करना केवल सामाजिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण मानवीय योगदान भी है।

बैठक में मौजूद अधिकारियों ने राह वीरों के कार्यों की सराहना की और अन्य नागरिकों से भी जरूरत के समय दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। अधिकारियों ने बताया कि यदि आम लोग दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता दिलाने में सहयोग करें, तो कई गंभीर परिस्थितियों में जान बचाने की संभावना बढ़ सकती है।

वित्तीय पुरस्कार और कानूनी सुरक्षा की जानकारी

बैठक में ‘राह वीर योजना’ की प्रमुख विशेषताओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई। राह वीरों को बताया गया कि योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले नागरिकों के लिए वित्तीय पुरस्कार का प्रावधान है। इसका उद्देश्य लोगों को आर्थिक रूप से प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं के बाद सहायता के लिए आगे आने का भरोसा देना है।

इसके साथ ही कानूनी सुरक्षा के प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। आम नागरिकों के मन में अक्सर यह आशंका रहती है कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने या पुलिस को सूचना देने के बाद उन्हें गवाह, पूछताछ या अन्य कानूनी प्रक्रिया में उलझना पड़ सकता है। बैठक में ऐसे मामलों से संबंधित सुरक्षा प्रावधानों को समझाया गया।

पहचान गोपनीय रखने के अधिकार पर भी चर्चा

बैठक में राह वीरों की पहचान से जुड़े अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी गई। योजना के तहत दुर्घटना पीड़ित की सहायता करने वाले व्यक्ति को अपनी पहचान गोपनीय रखने के अधिकार से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी गई।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मदद करने वाले नागरिक को अनावश्यक डर या सामाजिक दबाव के कारण पीछे न हटना पड़े। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि दुर्घटना के बाद घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को सुरक्षा और सम्मान का भरोसा मिलना जरूरी है।

अस्पताल से जुड़े नियम भी बताए गए

बैठक में अस्पताल से संबंधित नियमों और राह वीरों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाना सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक है। कई बार लोग अस्पताल की औपचारिकताओं को लेकर भी भ्रमित रहते हैं। इसलिए बैठक में अस्पताल से जुड़े नियमों और राह वीरों को मिलने वाली सुरक्षा के बारे में जानकारी साझा की गई।

अधिकारियों ने यह भी समझाया कि सड़क हादसे के बाद मदद करने वाले व्यक्ति का मुख्य उद्देश्य घायल को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करना होना चाहिए। ऐसी मानवीय पहल सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

अधिकारियों ने राह वीरों को किया प्रोत्साहित

बैठक में सहायक पुलिस आयुक्त यातायात और ट्रैफिक इंस्पेक्टर द्वितीय ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। अधिकारियों ने राह वीरों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी बेहद महत्वपूर्ण है।

आसनसोल साउथ ट्रैफिक गार्ड की ओर से आयोजित इस बैठक के माध्यम से आम लोगों तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया कि सड़क दुर्घटना के समय मानवीय संवेदना के साथ आगे आना समाज के लिए बेहद जरूरी है।

बैठक की जानकारी एसआई चिरंजीब गुहा रे, प्रभारी अधिकारी, आसनसोल साउथ ट्रैफिक गार्ड की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। कार्यक्रम के जरिए सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले नागरिकों के सम्मान के साथ-साथ अन्य लोगों को भी राह वीर बनने के लिए प्रेरित करने की कोशिश की गई।

Advertisement