Friday, 21 August 2026
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आसनसोल-दुर्गापुर

डीवीसी के सोलर प्रोजेक्ट पर फंसा पेंच! ग्रामीणों ने कहा- पहले दो मुफ्त बिजली और रोजगार

Moutushi · 21 August 2026, 8:58 PM

मैथन/कल्याणेश्वरी: डीवीसी के मैथन डैम जलाशय पर प्रस्तावित सोलर पावर प्रोजेक्ट को लेकर शुक्रवार को सालानपुर प्रखंड के कालीपत्थर और रामचंदपुर स्थित कम्युनिटी हॉल में आयोजित अहम समन्वय बैठक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। प्रशासनिक अधिकारियों, डीवीसी प्रबंधन और स्थानीय ग्रामीणों के बीच हुई इस बैठक में विस्थापित ग्रामीणों ने अपनी पुरानी मांगों के साथ सोलर प्रोजेक्ट से जुड़े कई नए मुद्दे भी उठाए। ग्रामीणों की प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बनने के बाद बैठक बेनतीजा रही और ग्रामीण प्रतिनिधियों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।

बैठक में सालानपुर बीडीओ कार्यालय के प्रतिनिधि, सालानपुर थाना प्रभारी, डीवीसी मैथन के अधिकारी तथा आसपास के गांवों के ग्रामीण प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक का उद्देश्य प्रस्तावित सोलर पावर प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय लोगों की आशंकाओं, मांगों और रोजगार समेत विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर सहमति बनाने का था। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि परियोजना शुरू करने से पहले विस्थापित परिवारों और आसपास के गांवों से किए गए पुराने वादों को पूरा किया जाना जरूरी है।

विस्थापित ग्रामीणों ने उठाए पुराने वादों के सवाल

बैठक में विस्थापित ग्रामीण प्रतिनिधियों ने कहा कि मैथन डैम के निर्माण के समय जिन परिवारों ने अपनी जमीन और घर छोड़े थे, उन्हें बेहतर भविष्य और कई सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। ग्रामीणों का दावा है कि स्थायी रोजगार, मुफ्त बिजली, बेहतर स्कूल और पेयजल जैसी कई मूलभूत सुविधाओं के वादे आज तक पूरी तरह जमीन पर नहीं उतर सके हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि अब उसी क्षेत्र में जलाशय पर एक बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। ऐसे में परियोजना से सबसे पहले आसपास के गांवों को लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने मांग रखी कि सोलर प्रोजेक्ट से उत्पन्न बिजली का लाभ स्थानीय लोगों को भी मिले और आसपास के गांवों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।

इसके अलावा स्थानीय शिक्षित युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर स्थायी रोजगार देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। ग्रामीण प्रतिनिधियों ने कहा कि क्षेत्र में बड़ी परियोजनाएं आती हैं, लेकिन स्थानीय युवाओं को पर्याप्त रोजगार का अवसर नहीं मिल पाता। उनका कहना है कि परियोजना में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलने से क्षेत्र के लोगों को वास्तविक आर्थिक लाभ मिलेगा।

अस्पताल, स्कूल और पेयजल की भी मांग

ग्रामीणों ने बैठक में केवल बिजली और रोजगार की मांग ही नहीं रखी, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़े मुद्दों को भी सामने रखा। उन्होंने इलाके में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, आसपास के गांवों के लोगों को इलाज के लिए दूर जाना पड़ता है, जिससे गरीब और बुजुर्ग परिवारों को काफी परेशानी होती है।

इसके साथ ही स्कूलों के विकास और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग भी की गई। ग्रामीणों ने कहा कि स्थानीय बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार जरूरी है।

पेयजल की समस्या भी बैठक में प्रमुख मुद्दा रही। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए स्थायी व्यवस्था होनी चाहिए। उनका कहना था कि सोलर प्रोजेक्ट जैसे बड़े विकास कार्य के साथ आसपास के गांवों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

डीवीसी ने कहा- सभी मांगें उच्च प्रबंधन तक पहुंचाई जाएंगी

बैठक में डीवीसी मैथन के डीजीएम प्रशासन सुखमय नायक ने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से सुनने की बात कही। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों द्वारा उठाई गई सभी मांगों को नोट कर लिया गया है और उन्हें डीवीसी के उच्च प्रबंधन के समक्ष रखा जाएगा।

मुफ्त बिजली की मांग को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का निर्णय स्थानीय स्तर पर नहीं लिया जा सकता, क्योंकि यह सरकारी नीति से जुड़ा विषय है। इसलिए इस संबंध में स्थानीय अधिकारी तत्काल कोई फैसला नहीं कर सकते।

हालांकि, रोजगार को लेकर डीवीसी प्रबंधन की ओर से ग्रामीणों को कुछ आश्वासन दिया गया। बताया गया कि प्रस्तावित परियोजना के ठेकेदार ओरियाना पावर लिमिटेड के माध्यम से होने वाले सभी अकुशल कार्यों में स्थानीय ग्रामीणों को अवसर देने का प्रयास किया जाएगा।

योग्य स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता

डीवीसी की ओर से यह भी बताया गया कि क्षेत्र के ऐसे स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके पास आईटीआई, डिप्लोमा या सोलर प्लांट में काम करने का अनुभव है। इससे तकनीकी योग्यता रखने वाले युवाओं को परियोजना से रोजगार का अवसर मिलने की उम्मीद है।

डीवीसी अधिकारी ने यह भी कहा कि कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व यानी सीएसआर के तहत डैम से सटे गांवों में स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके तहत मोबाइल मेडिकल वैन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, ओवरहेड टैंक के जरिए पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने तथा लेफ्ट बैंक स्थित हाई स्कूल में विकास कार्यों का विस्तार करने की योजना बताई गई।

अगली बैठक पर टिकी उम्मीदें

डीवीसी प्रबंधन ने कहा कि मैथन का प्रस्तावित सोलर प्रोजेक्ट केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजना है। इसलिए परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताओं और मांगों को नजरअंदाज करने के बजाय संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

ग्रामीणों की ओर से बैठक के बहिष्कार के बाद अब अगली बैठक को लेकर उम्मीदें बनी हुई हैं। डीवीसी प्रबंधन ने संकेत दिया है कि जल्द ही ग्रामीण प्रतिनिधियों के साथ अगले दौर की बैठक आयोजित की जाएगी। हालांकि, ग्रामीण अपनी प्रमुख मांगों को लेकर कितने संतुष्ट होते हैं और मुफ्त बिजली, स्थायी रोजगार तथा बुनियादी सुविधाओं पर क्या समाधान निकलता है, यह अगली बातचीत में स्पष्ट होगा।

फिलहाल मैथन सोलर प्रोजेक्ट को लेकर प्रशासन, डीवीसी प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच संवाद का दौर जारी रहने की संभावना है। परियोजना से विकास और रोजगार की उम्मीद रखने वाले ग्रामीण चाहते हैं कि इस बार केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पुराने वादों और नई मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाए।

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