नई दिल्ली: संसद मार्च के दौरान सोमवार को राजधानी दिल्ली में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। भारी सुरक्षा के बावजूद हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए, जिससे कई इलाकों में अफरातफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग, लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लिया, जबकि कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया।
⚡ बैठक हुई, लेकिन नहीं टूटा आंदोलन
इसी बीच केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सीजेपी प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक की।
👉 बैठक में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका शामिल हुए।
लेकिन बातचीत के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल सका।
📢 सीजेपी ने साफ कहा— “जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।”
📍 सोनम वांगचुक का बड़ा ऐलान—अनशन जारी रहेगा
प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने अस्पताल से ही अपना अनशन जारी रखने की घोषणा की।
📢 उन्होंने कहा—
“जब तक आंदोलनकारियों को संसद में जाकर अपनी बात रखने की अनुमति नहीं मिलेगी, तब तक मेरा अनशन जारी रहेगा।”
👉 उन्होंने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे शांतिपूर्ण आंदोलन पर दमन बताया।
🚨 संसद मार्च में हंगामा और टकराव
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन ही—
- करीब 20 हजार प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे
- बारिश के बावजूद लोग रेनकोट पहनकर तिरंगा और संविधान लेकर मार्च में शामिल हुए
- पुलिस ने श्रम शक्ति भवन के पास लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया
👉 इसके बावजूद कई प्रदर्शनकारी संसद के नजदीक तक पहुंच गए।
❗ पुलिस का दावा—हिंसा और तोड़फोड़
दिल्ली पुलिस के अनुसार—
- प्रदर्शनकारियों ने दो बसों में तोड़फोड़ की
- करीब 50 पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें 7 आईपीएस अधिकारी शामिल हैं
- अब तक 70 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया
👉 कई धाराओं में एफआईआर दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
🔥 सीजेपी की तीन बड़ी मांगें
बैठक के दौरान सीजेपी ने सरकार के सामने रखीं ये प्रमुख मांगें—
- सोनम वांगचुक को तुरंत अस्पताल से रिहा किया जाए
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें
- नीट परीक्षार्थियों के मृतकों के परिवार को 1-1 करोड़ मुआवजा मिले
🏛️ जंतर-मंतर से हटाया गया धरना मंच
दिल्ली पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए—
👉 जंतर-मंतर पर बना धरना मंच हटा दिया
पुलिस का कहना है कि यह प्रदर्शन बिना अनुमति के किया जा रहा था, इसलिए इसे हटाना जरूरी था।
⚖️ सरकार की अपील, लेकिन असर नहीं
बैठक के बाद जगत प्रकाश नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन खत्म करने की अपील की।
📢 उन्होंने कहा—
“सरकार बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अब प्रदर्शन समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग करें।”
👉 हालांकि प्रदर्शनकारियों ने इस अपील को ठुकरा दिया।
🌟 क्या आगे और बढ़ेगा टकराव?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि—
- यह आंदोलन अब राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है
- अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो हालात और बिगड़ सकते हैं
👉 दिल्ली की सड़कों पर जारी यह संघर्ष अब सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि सिस्टम और युवाओं के बीच सीधी टक्कर बनता जा रहा है।

