आसनसोल: शहर को साफ-सुथरा रखने और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने की आदत पर रोक लगाने के लिए आसनसोल नगर निगम ने निगरानी तेज करने की पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में नगर निगम के बोरो-6 अंतर्गत उषाग्राम और कालिपहाड़ी इलाके में नगर निगम आयुक्त सहित अधिकारियों ने औचक निरीक्षण किया। अचानक हुए इस निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने इलाके की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंके जाने की स्थिति को भी देखा।
नगर निगम की ओर से पहले ही लोगों से अपील की जा चुकी है कि वे सार्वजनिक स्थानों, सड़क किनारे या खुले इलाकों में कचरा न फेंकें। इसके बावजूद कहीं-कहीं खुले में कचरा जमा होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। इसी स्थिति को देखते हुए निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर यह समझने का प्रयास किया कि जारी किए गए निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना पालन हो रहा है।
अचानक निरीक्षण से अधिकारियों ने देखी जमीनी स्थिति
उषाग्राम और कालिपहाड़ी क्षेत्र में हुए निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर साफ-सफाई की स्थिति देखी। सड़क किनारे कचरा जमा होने, सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंके जाने तथा सफाई व्यवस्था से जुड़े अन्य पहलुओं का भी जायजा लिया गया।
औचक निरीक्षण का उद्देश्य केवल सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था देखना ही नहीं, बल्कि यह समझना भी था कि आम लोग नगर निगम की ओर से जारी स्वच्छता संबंधी निर्देशों का कितना पालन कर रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने से न केवल इलाके की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि लंबे समय तक कचरा पड़ा रहने पर दुर्गंध और अन्य परेशानी भी पैदा हो सकती है।
नगर निगम अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों से भी बातचीत की और उन्हें सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के लिए जागरूक किया।
निर्धारित स्थान पर ही कचरा डालने की अपील
नगर निगम की ओर से लोगों से स्पष्ट रूप से अपील की गई कि वे घरों या दुकानों का कचरा सड़क किनारे, नालियों के पास या किसी खुले सार्वजनिक स्थान पर नहीं डालें। कचरे को निर्धारित स्थान पर ही रखने या नगर निगम की निर्धारित कचरा संग्रहण व्यवस्था का उपयोग करने की बात कही गई।
अधिकारियों ने लोगों को यह भी समझाने का प्रयास किया कि शहर को साफ रखना केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है। सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने में नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। यदि लोग कचरा निर्धारित स्थान पर डालें और सार्वजनिक जगहों पर गंदगी फैलाने से बचें, तो सफाई व्यवस्था को बेहतर तरीके से बनाए रखना आसान हो सकता है।
सड़क किनारे कचरा जमा होने पर चिंता
शहर के अलग-अलग हिस्सों में सड़क किनारे कचरा जमा होने की समस्या समय-समय पर सामने आती है। कई बार लोग घर या दुकान से निकलने वाला कचरा खुले स्थान पर डाल देते हैं। इसके कारण धीरे-धीरे वहां कचरे का ढेर बनने लगता है।
नगर निगम की ओर से अब इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए निगरानी और जागरूकता दोनों पर जोर दिया जा रहा है। उषाग्राम और कालिपहाड़ी में किया गया औचक निरीक्षण इसी दिशा में उठाया गया एक कदम माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सफाई व्यवस्था को लेकर आवश्यक जानकारी ली और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने पर जोर दिया। निगम की कोशिश है कि सफाई केवल एक दिन की कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि नियमित व्यवस्था के रूप में इसे लागू किया जाए।
निगरानी के साथ चलेगा जागरूकता अभियान
नगर निगम की ओर से संकेत दिया गया है कि आने वाले दिनों में भी सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही लोगों को जागरूक करने का अभियान भी जारी रखने की बात कही गई है।
नगर निगम की इस पहल में दो स्तरों पर काम करने की कोशिश दिखाई दे रही है। एक तरफ सार्वजनिक स्थानों की सफाई व्यवस्था पर निगरानी रखी जाएगी, वहीं दूसरी तरफ नागरिकों को अपनी जिम्मेदारी समझाने का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि केवल सफाई कर्मचारियों के माध्यम से पूरे शहर को लंबे समय तक साफ रखना मुश्किल है। नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।
स्वच्छ आसनसोल के लिए नागरिकों की भूमिका अहम
उषाग्राम और कालिपहाड़ी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में सार्वजनिक स्थानों की सफाई का महत्व और बढ़ जाता है। सड़क, बाजार, गलियों और अन्य सार्वजनिक जगहों पर यदि कचरा नियमित रूप से जमा होता है, तो इससे स्थानीय लोगों के लिए परेशानी पैदा हो सकती है।
ऐसे में नगर निगम की ओर से की जा रही निगरानी के साथ नागरिकों का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहेगा। लोग यदि कचरा इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित व्यवस्था का पालन करें, तो सफाई अभियान का असर अधिक प्रभावी हो सकता है।
औचक निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त और अधिकारियों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता को लेकर निगम प्रशासन गंभीरता से काम कर रहा है। आने वाले दिनों में निरीक्षण और जागरूकता अभियान किस तरह आगे बढ़ता है, इस पर स्थानीय लोगों की भी नजर रहेगी।
फिलहाल उषाग्राम और कालिपहाड़ी में हुए इस निरीक्षण के बाद नगर निगम की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने की कोशिश तेज होती दिखाई दे रही है। निगम प्रशासन की अपील साफ है कि शहर को साफ रखने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की भी है। यदि नागरिक और नगर निगम मिलकर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करें, तो आसनसोल के सार्वजनिक स्थानों को अधिक साफ और व्यवस्थित बनाए रखने में मदद मिल सकती है।




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