कोलकाता, पश्चिम बंगाल: विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के बाद चुनाव आयोग ने एक बड़ा और निर्णायक फैसला लिया है। आयोग ने साफ कर दिया है कि राज्य के किसी भी बूथ पर पुनर्मतदान नहीं कराया जाएगा, जिससे चुनावी माहौल में नई चर्चा शुरू हो गई है।
⚡ एक भी बूथ पर नहीं होगा री-पोल
👉 गुरुवार को पश्चिम बंगाल में कुल 44,376 बूथों पर मतदान हुआ
👉 आयोग ने समीक्षा के बाद फैसला लिया कि
👉 किसी भी बूथ पर पुनर्मतदान की जरूरत नहीं है
👉 यह फैसला उस समय आया है जब चुनाव से पहले आयोग ने चेतावनी दी थी कि:
- डराने-धमकाने
- फर्जी मतदान
- या मतदान में बाधा
👉 जैसी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ी तो पुनर्मतदान कराया जाएगा।
📊 रिकॉर्ड 92.88% वोटिंग
👉 गुरुवार रात 12 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार:
👉 पहले चरण में कुल 92.88% मतदान दर्ज किया गया
👉 जिला स्तर पर मतदान का हाल:
- कूचबिहार – 96.04% (सबसे ज्यादा)
- दक्षिण दिनाजपुर – 95.44%
- जलपाईगुड़ी, मालदा, बीरभूम, उत्तर दिनाजपुर – 94% से अधिक
- दार्जिलिंग और कालिम्पोंग – 90% से कम
👉 बाकी जिलों में भी 90% से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो एक रिकॉर्ड की ओर इशारा करता है।
🚨 मुर्शिदाबाद में उठे थे सवाल
👉 पहले चरण के दौरान
- भरतपुर और बहरामपुर (मुर्शिदाबाद) में अनियमितताओं के आरोप लगे
👉 कांग्रेस नेता निलय प्रमाणिक ने
- मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल को लिखित शिकायत दी
- और पुनर्मतदान या समय बढ़ाने की मांग की
👉 लेकिन आयोग ने इन शिकायतों को गंभीर अनियमितता नहीं माना।
⚖️ कानून क्या कहता है?
👉 जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 के तहत
- किन परिस्थितियों में पुनर्मतदान होगा, यह तय है
👉 आमतौर पर:
- प्रिसाइडिंग अधिकारी की रिपोर्ट
- और जमीनी हालात के आधार पर फैसला लिया जाता है
👉 अंतिम निर्णय का अधिकार चुनाव आयोग के पास ही होता है।
🔎 इस बार क्यों नहीं हुआ पुनर्मतदान?
विशेषज्ञों के अनुसार:
👉 इस बार आयोग का रुख काफी सख्त था
👉 उम्मीद थी कि ज्यादा मामलों में री-पोल हो सकता है
👉 लेकिन:
- अब तक आई शिकायतों में गंभीर गड़बड़ी साबित नहीं हुई
👉 इसलिए आयोग ने कोई भी बूथ दोबारा मतदान के लिए नहीं चुना
🌍 तमिलनाडु में भी यही फैसला
👉 आयोग ने यह भी साफ किया कि
👉 तमिलनाडु के किसी भी बूथ पर भी पुनर्मतदान नहीं होगा
👉 वहां कुल 75,064 बूथों पर मतदान हुआ था।
⚡ क्या है इसका राजनीतिक मतलब?
👉 इस फैसले से साफ संकेत मिलता है कि
👉 आयोग चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और संतुलित मान रहा है
👉 हालांकि:
- विपक्ष इस फैसले पर सवाल उठा सकता है
- और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है
🗓️ अब आगे क्या?
👉 अब सभी की नजर अगले चरणों और अंतिम नतीजों पर है
👉 भारी मतदान और बिना पुनर्मतदान का यह ट्रेंड
👉 चुनावी परिणामों को दिलचस्प बना सकता है














