नियामतपुर: साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के बीच कुल्टी थाना क्षेत्र के नियामतपुर में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। हरिजन पाड़ा इलाके में साइबर अपराध से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सात ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो जांच के दौरान पुलिस की नजर में चल रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी नियामतपुर के मुचीपाड़ा इलाके के रहने वाले बताए गए हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उनके पास से छह मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिल भी जब्त की हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुजीत रुईदास, आकाश रुईदास, जितेन रुईदास, राजकुमार रुईदास, उज्ज्वल दास, सुनील रुईदास और राज रुईदास के रूप में हुई है। पुलिस अब इन सभी से पूछताछ कर साइबर अपराध से जुड़े संभावित संपर्कों, वित्तीय लेनदेन और अन्य संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है।
पहले भी हरिजन पाड़ा में हुई थी बड़ी कार्रवाई
बताया जा रहा है कि नियामतपुर के हरिजन पाड़ा इलाके में साइबर अपराध से संबंधित शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पहले भी बड़े स्तर पर अभियान चलाया था। उस कार्रवाई के दौरान कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य सामान बरामद किए थे।
प्रारंभिक कार्रवाई के बाद जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को साइबर अपराध से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन और बैंक खातों के इस्तेमाल से संबंधित कई सुराग मिलने की बात सामने आई। पुलिस ने बरामद सामान और गिरफ्तार लोगों से मिली जानकारी को जांच का आधार बनाया।
11 गिरफ्तारियों के बाद सामने आए नए सुराग
पुलिस सूत्रों का दावा है कि कार्रवाई के पहले चरण में कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान करीब तीन लाख रुपये समेत कई सामान बरामद किए जाने की बात कही गई थी। इसके बाद गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद सामग्री की जांच की गई।
इसी जांच के दौरान पुलिस को कुछ अन्य लोगों के नाम और साइबर लेनदेन से जुड़े सुराग मिलने की बात सामने आई। पुलिस ने इन जानकारियों को आगे की जांच से जोड़ते हुए उन लोगों की तलाश शुरू की, जिनकी भूमिका को लेकर पुलिस को संदेह था।
अलग-अलग अभियान चलाकर सात गिरफ्तार
जांच के इसी क्रम में पुलिस ने सात आरोपियों की तलाश शुरू की थी। इसके बाद अलग-अलग स्तर पर अभियान चलाकर पुलिस ने सातों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद हरिजन पाड़ा इलाके में एक बार फिर साइबर अपराध से जुड़े मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि, किसी आरोपी की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके कथित संपर्कों की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
छह मोबाइल फोन की होगी जांच
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान छह मोबाइल फोन जब्त किए हैं। साइबर अपराध के मामलों में मोबाइल फोन को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जाता है, क्योंकि इनके माध्यम से संपर्क, संदेश, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल जानकारी की जांच की जा सकती है। पुलिस सूत्रों के अनुसार जब्त मोबाइल फोन में मौजूद जानकारी की जांच की जा रही है।
जांचकर्ताओं की नजर इस बात पर भी है कि इन मोबाइल फोन से किन लोगों के साथ संपर्क किया गया था और क्या इनमें साइबर लेनदेन से संबंधित कोई जानकारी मौजूद है। डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद ही मामले में आगे की तस्वीर और स्पष्ट होने की संभावना है।
दो मोटरसाइकिल भी पुलिस के कब्जे में
कार्रवाई के दौरान दो मोटरसाइकिल भी जब्त की गई हैं। पुलिस इन वाहनों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। जांच का हिस्सा यह पता लगाना है कि जब्त मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल किसी संदिग्ध गतिविधि में हुआ था या नहीं। इस संबंध में भी पुलिस उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
साइबर नेटवर्क की तलाश में जांच आगे बढ़ी
साइबर अपराध के मामलों में केवल एक या दो आरोपियों तक जांच सीमित नहीं रहती। वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और डिजिटल संपर्कों की कड़ियां कई लोगों तक पहुंच सकती हैं। इसी वजह से नियामतपुर मामले में भी पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है।
पुलिस की मौजूदा कार्रवाई को पहले हुए अभियान की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। सात गिरफ्तारियों के बाद अब जांचकर्ताओं के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि साइबर अपराध से जुड़े कथित लेनदेन में इन लोगों की क्या भूमिका रही और इनके संपर्क किन लोगों से थे।
जांच जारी, आगे और कार्रवाई की संभावना
हरिजन पाड़ा में साइबर अपराध के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई के बीच सात आरोपियों की गिरफ्तारी को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। छह मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिल की जब्ती के बाद डिजिटल और वित्तीय सुरागों की जांच तेज होने की संभावना है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में सामने आने वाली जानकारी के आधार पर साइबर अपराध से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और संभावित भूमिका की भी पड़ताल की जा सकती है। पुलिस का पूरा ध्यान मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन, डिजिटल संपर्कों और अन्य सुरागों को जोड़कर पूरे कथित नेटवर्क की जानकारी हासिल करने पर है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्ष और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।




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