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कोलकाता में जुटेगा दुनिया भर का ऊर्जा जगत, 75 हजार से ज्यादा दिग्गज होंगे शामिल

Moutushi · 29 September 2026, 12:52 PM

कोलकाता में जुटेगा दुनिया भर का ऊर्जा जगत, 75 हजार से ज्यादा दिग्गज होंगे शामिल

कोलकाता में जनवरी 2027 में ऊर्जा क्षेत्र का बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन होने जा रहा है। इंडिया एनर्जी वीक के पांचवें संस्करण की मेजबानी पहली बार कोलकाता को मिली है। 28 से 31 जनवरी 2027 तक न्यूटाउन स्थित न्यू टाउन कन्वेंशन सेंटर में होने वाले इस चार दिवसीय आयोजन में 75 हजार से अधिक ऊर्जा पेशेवरों और 700 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को आयोजित कर्टेन रेजर कार्यक्रम में कोलकाता को मेजबान शहर घोषित किया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार आयोजन की थीम ‘अनलॉकिंग इनोवेशन, सिक्योरिंग एनर्जी, शेपिंग टुमारो’ रखी गई है।

वैश्विक ऊर्जा जगत की नजर कोलकाता पर

इंडिया एनर्जी वीक को भारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मंचों में गिना जाता है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संरक्षण में होने वाले इस आयोजन में सरकारों, ऊर्जा कंपनियों, निवेशकों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं के बीच वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा, टिकाऊ विकास और तकनीकी बदलाव पर चर्चा होगी। आयोजकों के अनुसार 2027 में 75 हजार से अधिक ऊर्जा पेशेवर और 700 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक जुटेंगे।

तेल-गैस से एआई तक पर फोकस

चार दिनों के आयोजन में ऊर्जा क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण धाराओं पर चर्चा होने की संभावना है। तेल और गैस, एलएनजी, रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल, हाइड्रोजन, जैव ईंधन, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। इंडिया एनर्जी वीक की आधिकारिक जानकारी के अनुसार हाइड्रोजन, जैव ईंधन, डिजिटलाइजेशन एवं एआई, नवीकरणीय ऊर्जा, एलएनजी और नेट-जीरो रणनीतियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

2026 के आयोजन में दिखी थी बड़ी भागीदारी

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2026 में गोवा में आयोजित चौथे संस्करण में 75 हजार से अधिक ऊर्जा पेशेवर, 700 से अधिक प्रदर्शक, 120 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और 6500 से अधिक सम्मेलन प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इस आयोजन में संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, नीदरलैंड और ओमान समेत कई देशों के 17 मंत्री और उपमंत्री भी शामिल हुए थे।

बंगाल में निवेश और रोजगार पर जोर

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि कोलकाता में इंडिया एनर्जी वीक के आयोजन से बंगाल में निवेश, औद्योगिक विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में राज्य को अधिक बुनियादी ढांचे, निवेश और रोजगार के अवसर मिलने की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया की प्रमुख ऊर्जा कंपनियों और निवेशकों की कोलकाता में मौजूदगी से राज्य में नई परियोजनाओं और साझेदारियों के लिए अवसर बन सकते हैं।

हल्दिया में 175 एकड़ जमीन की मांग

मुख्यमंत्री ने हल्दिया में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की विस्तार योजनाओं का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार कंपनी ने गतिविधियों के विस्तार के लिए 175 एकड़ जमीन की मांग की है। हल्दिया विकास प्राधिकरण के पास 85 एकड़ जमीन उपलब्ध होने और बाकी जमीन के लिए बंदरगाह प्राधिकरण से बातचीत किए जाने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने इंडियन ऑयल से बंगाल में एक और पेट्रोकेमिकल संयंत्र लगाने का आग्रह किया और कहा कि इसके लिए राज्य सरकार जमीन उपलब्ध कराने को तैयार है।

अशोकनगर और हल्दिया परियोजनाओं का भी जिक्र

मुख्यमंत्री ने उत्तर 24 परगना के अशोकनगर में तेल परियोजना और हल्दिया रिफाइनरी के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद अशोकनगर परियोजना को गति मिली और पिछले महीने वहां तेल उत्पादन शुरू हुआ। इन दावों के साथ मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार पर कुछ औद्योगिक परियोजनाओं को राजनीतिक कारणों से आगे नहीं बढ़ने देने का आरोप भी लगाया।

उज्ज्वला योजना को लेकर भी दावा

मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला योजना के लाभ को लेकर भी पिछली सरकार पर आरोप लगाया। उनका दावा था कि राज्य में उज्ज्वला योजना के 15 लाख लाभार्थियों को लाभ से वंचित रखा गया। दूसरी ओर, मौजूदा सरकार ऊर्जा परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाकर निवेश और रोजगार बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है, ऐसा उन्होंने कहा। इन दावों के संबंध में संबंधित पूर्ववर्ती सरकार की प्रतिक्रिया इस कार्यक्रम में सामने नहीं आई।

सुंदरबन में मैंग्रोव पहल का उल्लेख

कार्यक्रम के दौरान सुंदरबन में बड़े पैमाने पर मैंग्रोव पौधारोपण की इंडियन ऑयल की पहल का भी उल्लेख किया गया। ऊर्जा विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने की दिशा में ऐसी पहल भी इस आयोजन के व्यापक एजेंडे का हिस्सा बन सकती है।

भारत की बढ़ती ऊर्जा भूमिका पर जोर

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा व्यवस्था में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उनके अनुसार ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा के बीच संतुलन बनाते हुए भारत आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बंगाल में उद्योग और निवेश की संभावनाओं पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में इंडिया एनर्जी वीक 2027 का लोगो भी जारी किया गया।

वैश्विक साझेदारी का बड़ा मंच

इंडिया एनर्जी वीक का आयोजन फेडरेशन ऑफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री द्वारा किया जा रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह मंच वैश्विक ऊर्जा मूल्य शृंखला से जुड़े उद्योगों को निवेश, तकनीक और साझेदारी के अवसर उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। 2027 में कोलकाता में होने वाला आयोजन पूर्वी भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहली बार इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन का केंद्र इस क्षेत्र में बनेगा।

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