आसनसोल: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र में सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार मलय घटक ने अपने चुनाव प्रचार को पूरी ताकत के साथ तेज कर दिया है।
मलय घटक लगातार क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं और मतदाताओं से सीधे जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वे घर-घर जाकर, सड़कों, बाजारों और दुकानों तक पहुंचकर लोगों से संवाद कर रहे हैं और अपने पक्ष में समर्थन मांग रहे हैं।
🚶♂️ डोर-टू-डोर कैंपेन से मजबूत पकड़
मलय घटक का प्रचार पूरी तरह जमीनी स्तर पर केंद्रित है। वे आम लोगों के बीच जाकर—
- उनकी समस्याएं सुन रहे हैं
- सरकारी योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं
- विकास कार्यों को लेकर भरोसा जता रहे हैं
इस रणनीति के जरिए वे मतदाताओं के साथ सीधा जुड़ाव बना रहे हैं।
⚡ ममता बनर्जी के लिए समर्थन की अपील
अपने प्रचार के दौरान मलय घटक ने लोगों से अपील की कि वे एक बार फिर ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि राज्य में जो विकास कार्य हुए हैं, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए तृणमूल सरकार का दोबारा आना जरूरी है।
📍 गिरजा मोड़ से राहा लाइन तक अभियान
बुधवार को मलय घटक ने गिरजा मोड़ से राहा लाइन तक व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनसे संवाद कर समर्थन मांगा।
इलाके में उनके इस अभियान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला, जहां समर्थकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
🗳️ चुनावी मुकाबला हुआ दिलचस्प
आसनसोल उत्तर सीट पर इस बार मुकाबला बेहद रोचक बन गया है। एक तरफ तृणमूल कांग्रेस अपने विकास कार्यों के दम पर जीत का दावा कर रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष भी पूरी ताकत के साथ चुनौती दे रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मलय घटक का यह आक्रामक प्रचार अभियान चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
🔍 निष्कर्ष
आसनसोल उत्तर में मलय घटक का तेज जनसंपर्क अभियान यह साफ संकेत देता है कि तृणमूल कांग्रेस इस सीट को किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहती। अब देखना होगा कि उनका यह डोर-टू-डोर कैंपेन मतदाताओं के दिल तक कितना असर डाल पाता है और चुनावी नतीजों में क्या बदलाव लाता है।















