कुल्टी: पश्चिम बर्दवान जिले के कुल्टी थाना क्षेत्र में सुबह के समय 72 वर्षीय वृद्धा के गले से सोने की चेन छिनतई की घटना की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले की जांच करते हुए कुल्टी थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दयामय सिन्हा और बाबलू दास के रूप में हुई है। दोनों आरोपी हीरापुर थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपियों को 20 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने दोनों को चार दिनों की पुलिस हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित रूप से छिनतई किए गए सोने के आभूषण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने दयामय सिन्हा के घर पर तलाशी अभियान चलाया और वहां से छिनतई किया गया सोने का हार बरामद कर लिया।
आभूषण की बरामदगी के बाद पुलिस अब पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात में दोनों आरोपियों की क्या भूमिका थी और क्या इनके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
12 अगस्त की सुबह हुई थी वारदात
पुलिस के अनुसार, घटना 12 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे कुल्टी थाना क्षेत्र के विराजपल्ली, जिसे सन्यासी थाना इलाके के नाम से भी जाना जाता है, में हुई थी।
बताया गया कि 72 वर्षीय मंजू मित्र अपनी नातिन को स्कूल की गाड़ी में बैठाने के बाद वापस अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान अचानक एक बदमाश उनके सामने पहुंचा और मौका पाकर उनके गले से सोने की चेन झपट ली।
आरोप है कि बदमाश ने कुछ ही क्षणों में वारदात को अंजाम दिया और वहां से फरार हो गया। छीनी गई चेन का वजन करीब 10 ग्राम बताया गया है। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, वारदात के समय आरोपी ने नीली शर्ट पहन रखी थी।
सुबह के समय इलाके में लोगों की आवाजाही होने के बावजूद वृद्धा को निशाना बनाए जाने से स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई थी। घटना के बाद आसपास के लोगों में भी सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी।
थाने में दर्ज कराई गई थी शिकायत
घटना के बाद मंजू मित्र ने कुल्टी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों को देखा गया। इसके अलावा पुलिस ने अन्य तकनीकी और स्थानीय सूत्रों से भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को संदिग्धों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने लगे। इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस ने हीरापुर थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए दयामय सिन्हा और बाबलू दास को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में सामने आया आभूषण का सुराग
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। अदालत से चार दिनों की पुलिस हिरासत मिलने के बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित तौर पर छिनतई किए गए सोने के आभूषण के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने दयामय सिन्हा के घर पर तलाशी ली।
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने वहां से सोने का हार बरामद किया। पुलिस के अनुसार, बरामद आभूषण वही है जिसे 12 अगस्त को वृद्धा के गले से छीनने का आरोप है। बरामदगी के बाद पुलिस अब आभूषण की पहचान और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की औपचारिक जांच कर रही है।
दयामय सिन्हा को मुख्य आरोपी मानकर जांच
पुलिस की प्रारंभिक जांच में दयामय सिन्हा को इस छिनतई की घटना का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस अभी इस बात की भी जांच कर रही है कि वारदात को अंजाम देने में बाबलू दास की क्या भूमिका रही और क्या घटना में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों का किसी अन्य छिनतई या चोरी की घटना से संबंध है या नहीं। यदि जांच के दौरान अन्य मामलों से कोई कड़ी सामने आती है, तो पुलिस उस दिशा में भी कार्रवाई कर सकती है।
सीसीटीवी फुटेज बनी जांच की अहम कड़ी
इस मामले में सीसीटीवी फुटेज को पुलिस की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। वारदात के बाद पुलिस ने आसपास के कैमरों की फुटेज की जांच कर संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरे अपराध की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस मामले में भी फुटेज और अन्य जांच सूत्रों के आधार पर पुलिस संदिग्धों तक पहुंचने में सफल रही।
पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। खासकर वृद्धा को दिनदहाड़े निशाना बनाए जाने के कारण इलाके में जो चिंता पैदा हुई थी, वह आरोपियों की गिरफ्तारी और आभूषण की बरामदगी के बाद कुछ कम हुई है।
पुलिस जांच अभी जारी
दो आरोपियों की गिरफ्तारी और सोने के आभूषण की बरामदगी के बावजूद पुलिस ने जांच पूरी नहीं की है। मामले में यह पता लगाया जा रहा है कि वारदात की पूरी योजना क्या थी और आरोपियों ने वृद्धा को ही निशाना क्यों बनाया।
इसके अलावा पुलिस यह भी जांच करेगी कि क्या दोनों आरोपियों के बीच पहले से कोई संपर्क था और घटना से पहले उन्होंने इलाके की रेकी की थी या नहीं।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई से एक ओर जहां शिकायतकर्ता को राहत मिली है, वहीं स्थानीय लोगों में भी सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है। पुलिस की ओर से मामले की जांच के अगले चरण में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।





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