Tuesday, 25 August 2026
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आसनसोल-दुर्गापुर

आसनसोल में महिलाओं का सड़क जाम, बेबी सरकार पर गंभीर आरोप; मंत्री के नाम के इस्तेमाल का दावा

Moutushi · 25 August 2026, 9:40 AM

आसनसोल: पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल में सोमवार को उस समय हलचल मच गई, जब मनोज सिनेमा हॉल के पास बड़ी संख्या में महिलाओं ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बेबी सरकार नाम की एक महिला के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। महिलाओं के सड़क पर उतरने से इलाके में कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बेबी सरकार कथित तौर पर राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पाल के घर पर काम करती हैं और मंत्री के नाम का प्रभाव दिखाकर स्थानीय लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश करती हैं। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि बेबी सरकार कथित तौर पर मंत्री के यहां काम करने वाले पंकज दास का नाम लेकर भी लोगों के बीच अपना प्रभाव कायम करने का प्रयास करती हैं।

हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल प्रदर्शनकारी महिलाओं के दावों और शिकायतों पर आधारित हैं। मामले में पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

मंत्री और सहयोगी के नाम पर पैसे लेने का आरोप

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने आरोप लगाया कि बेबी सरकार ने कथित तौर पर मंत्री अग्निमित्रा पाल और पंकज दास के नाम का इस्तेमाल करते हुए लोगों को काम करवाने का भरोसा दिया। महिलाओं का दावा है कि इसी तरह के कथित प्रभाव का इस्तेमाल कर कुछ लोगों से बड़ी रकम लिए जाने की बात सामने आई है।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि यदि किसी व्यक्ति ने राजनीतिक या प्रशासनिक प्रभाव का नाम लेकर लोगों से पैसे लिए हैं अथवा उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

महिलाओं का कहना था कि इस तरह के आरोप केवल शिकायत से जुड़े लोगों को प्रभावित नहीं करते, बल्कि जिन सार्वजनिक व्यक्तियों के नाम कथित तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे हैं, उनकी छवि पर भी इसका असर पड़ सकता है। इसलिए मामले की सच्चाई सामने आना जरूरी है।

80 हजार रुपये उधार देने के बाद वापस मांगने पर मारपीट का आरोप

प्रदर्शन के दौरान एक बुजुर्ग महिला ने भी अपनी शिकायत सामने रखी। महिला ने आरोप लगाया कि उनके बेटे ने बेबी सरकार को करीब 80 हजार रुपये उधार दिए थे। महिला के अनुसार, उनके बेटे और बेटी की मृत्यु हो चुकी है और वर्तमान में वह अपने पोते-पोतियों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

बुजुर्ग महिला का आरोप है कि जब उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को देखते हुए उधार दिए गए पैसे वापस मांगे, तो कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने पुलिस से इस मामले की भी जांच करने और यदि आरोप सही पाए जाएं तो उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

वहीं, प्रदर्शन में मौजूद एक अन्य महिला ने अपने पति से जुड़े पुराने मामले का उल्लेख करते हुए बेबी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने भी पुलिस से पूरे मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की।

पुराने राजनीतिक संपर्कों को लेकर भी सवाल

प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बेबी सरकार के कथित पुराने राजनीतिक संपर्कों को लेकर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि अतीत में उनके कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस से जुड़े वसूली संबंधी मामलों से संपर्क रहे हैं।

महिलाओं का आरोप है कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में भाजपा सरकार और मंत्री के नाम का कथित रूप से इस्तेमाल कर लोगों पर प्रभाव डालने या उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है।

हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। बेबी सरकार की ओर से भी फिलहाल इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसी तरह मंत्री अग्निमित्रा पाल की ओर से भी इस विशेष मामले को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने आने की जानकारी नहीं है।

इस कारण मामले से जुड़े सभी आरोपों को फिलहाल शिकायतकर्ताओं के दावों के रूप में ही देखा जा रहा है।

पहले भी शिकायत किए जाने का दावा

प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि बेबी सरकार के खिलाफ पहले भी पुलिस के पास शिकायतें की गई थीं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।

महिलाओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल के खिलाफ आंदोलन करना नहीं, बल्कि अपनी शिकायतों पर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग करना है। उन्होंने पुलिस से यह भी आग्रह किया कि पैसों के लेन-देन, धमकी और कथित मारपीट से जुड़े प्रत्येक आरोप की अलग-अलग जांच की जाए।

पुलिस के आश्वासन के बाद सड़क जाम समाप्त

सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारी महिलाओं से बातचीत की। पुलिस की ओर से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद महिलाओं ने सड़क जाम समाप्त कर दिया।

इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बेबी सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच करने और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

अब पुलिस के सामने शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करना बड़ी चुनौती होगी। जांच के दौरान कथित पैसों के लेन-देन, धमकी, मारपीट और मंत्री या उनके कर्मचारियों के नाम के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं को देखा जा सकता है।

जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर

आसनसोल की इस घटना के बाद अब सबकी नजर पुलिस की जांच पर है। शिकायतकर्ताओं के आरोप कितने सही हैं, वास्तव में किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन हुआ था या नहीं और क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति के नाम का कथित रूप से गलत इस्तेमाल किया गया—इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

फिलहाल पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले को गंभीरता से देखने का आश्वासन दिया है। वहीं प्रदर्शनकारी महिलाएं निष्पक्ष जांच और जल्द कार्रवाई की मांग पर कायम हैं।

इस पूरे मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि बेबी सरकार, अग्निमित्रा पाल या पंकज दास की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही आरोपों का दूसरा पक्ष स्पष्ट हो सकेगा। इसलिए फिलहाल सामने आए सभी आरोपों को शिकायतकर्ताओं के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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