कोलकाता: अवैध घुसपैठ और वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद शहर में रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए कोलकाता पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने इस दिशा में एक नई स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ-डी) का गठन किया है और इसके लिए विस्तृत गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है।
🚨 4 सदस्यीय स्पेशल टीम का गठन
👉 नई एसटीएफ-डी टीम में—
- एक डिप्टी कमिश्नर रैंक के अधिकारी
- तीन इंस्पेक्टर शामिल होंगे
👉 यह टीम—
- अवैध प्रवासियों की पहचान
- दस्तावेजों की जांच
- और पूरी कार्रवाई की निगरानी करेगी
🔍 कैसे होगी पहचान?
👉 गाइडलाइन के अनुसार—
- लंबे समय से अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान की जाएगी
- जिनका वीजा खत्म हो चुका है, उन पर विशेष नजर रखी जाएगी
👉 इसके लिए—
- जमीनी स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया जाएगा
- हर संदिग्ध व्यक्ति के दस्तावेजों की जांच होगी
⚖️ कानून के तहत सख्त कार्रवाई
👉 कार्रवाई ‘इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025’ के तहत की जाएगी
👉 प्रक्रिया में शामिल—
- हिरासत (डिटेंशन)
- प्रत्यर्पण (डिपोर्टेशन)
- और पूरी कार्रवाई का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना
🤝 विभागों के बीच समन्वय
👉 एसटीएफ-डी काम करेगी—
- डिविजनल डीसी
- इंटेलिजेंस ब्रांच
- कोलकाता पुलिस के अन्य विभागों के साथ मिलकर
👉 सभी विभागों को इस टास्क फोर्स को पूरा सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं
📊 रिपोर्टिंग और निगरानी
👉 एसटीएफ-डी अपनी प्रगति रिपोर्ट—
- संयुक्त पुलिस आयुक्त को सौंपेगी
- जो आगे पुलिस आयुक्त को जानकारी देंगे
👉 साथ ही—
- संबंधित रिपोर्ट एफआरआरओ और पुलिस विभाग को भी भेजी जाएगी
⏳ लंबित मामलों का जल्द निपटारा
👉 गाइडलाइन में स्पष्ट निर्देश—
- सभी लंबित मामलों की जांच तेजी से पूरी की जाए
- अधिकारियों को समय-समय पर रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा
🚔 कड़ी निगरानी, कोई ढील नहीं
👉 आवश्यकता पड़ने पर—
- एसटीएफ-डी अन्य पुलिस बल या अधिकारियों की मदद ले सकेगी
👉 संदेश साफ है—
अब कोलकाता में अवैध रूप से रहना आसान नहीं होगा।
🌟 बड़ा संदेश
👉 इस कदम से—
- शहर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी
- अवैध प्रवास पर रोक लगेगी
👉 कोलकाता पुलिस की यह नई पहल अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत है, जिससे कानून व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

