कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजधानी कोलकाता में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा कर दिया गया है। चुनाव आयोग के सख्त निर्देशों के बाद कोलकाता पुलिस ने पूरे शहर में व्यापक तलाशी अभियान और ‘नाका चेकिंग’ शुरू कर दी है, जिसका असर अब दिखने लगा है।
👉 बीते 24 घंटों में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां अलग-अलग इलाकों से लाखों रुपये की बेहिसाब नकदी और अवैध हथियार बरामद किए गए हैं।
💰 27 लाख रुपये की नकदी बरामद—दो अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गुरुसदय दत्त लेन और आशुतोष चौधरी एवेन्यू के चौराहे पर एक संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई। इस दौरान वाहन से 25 लाख रुपये नकद बरामद हुए।
वहीं, शनिवार सुबह तपसिया मोड़ के पास एक अन्य वाहन से 2 लाख रुपये जब्त किए गए।
दोनों ही मामलों में वाहन चालक इन पैसों के स्रोत से जुड़े वैध दस्तावेज पेश करने में असफल रहे।
👉 पुलिस ने आशंका जताई है कि यह रकम चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से इस्तेमाल की जा सकती थी।
🔫 हथियारों के साथ आरोपी गिरफ्तार
सिर्फ नकदी ही नहीं, पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की है। राजाबाजार साइंस कॉलेज बस स्टॉप के पास से सोहेल अख्तर नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
👉 उसके पास से 6 आग्नेयास्त्र और 14 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।
🏨 होटलों और गेस्ट हाउसों पर सख्त नजर
इस बीच, लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय ने शहर के सभी होटलों और गेस्ट हाउसों पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं।
📌 सभी थानों को आदेश दिया गया है कि:
- बिना लाइसेंस या एक्सपायर्ड लाइसेंस वाले होटलों की सूची तैयार करें
- संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखें
- बाहर से आने वाले मेहमानों की पहचान और रिकॉर्ड की सख्ती से जांच करें
🚨 “कोई ढिलाई नहीं”—पुलिस का सख्त संदेश
पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
👉 उनका कहना है कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
🔎 चुनाव से पहले हाई अलर्ट पर शहर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव के करीब आते ही कोलकाता समेत पूरे बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की जा सकती है।
नकदी और हथियारों की बरामदगी यह संकेत देती है कि प्रशासन किसी भी संभावित गड़बड़ी को लेकर सतर्क है।















