जामुड़िया: पश्चिम बर्दवान जिले के जामुड़िया थाना क्षेत्र में कथित जाली लॉटरी टिकटों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। चुरुलिया फांड़ी पुलिस ने बड़ाकोला घाट इलाके में अभियान चलाकर करीब 20 लाख रुपये मूल्य के कथित जाली लॉटरी टिकट बरामद किए हैं। मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति इतनी बड़ी संख्या में टिकट लेकर इलाके से गुजर रहा था। बरामद टिकटों को लेकर अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इनका स्रोत क्या है और इन्हें कहां-कहां पहुंचाया जाना था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान बीरभूम जिले के कांकड़तला थाना क्षेत्र के बड़रा गांव निवासी शेख समीर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से बड़ी संख्या में लॉटरी टिकट बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद टिकटों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 20 लाख रुपये है। हालांकि, टिकट वास्तव में जाली हैं या नहीं, इसकी विस्तृत जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पुलिस द्वारा की जा रही है।
गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने बढ़ाई निगरानी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चुरुलिया फांड़ी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति बाराबनी की दिशा से बड़ी संख्या में कथित जाली लॉटरी टिकट लेकर बीरभूम की ओर जाने वाला है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध वाहनों तथा लोगों की जांच शुरू की।
इसी अभियान के दौरान पुलिस की नजर बड़ाकोला घाट इलाके में एक संदिग्ध व्यक्ति पर पड़ी। पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की और उसके सामान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में लॉटरी टिकट बरामद होने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद आरोपी को चुरुलिया फांड़ी ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ शुरू की गई।
दस्तावेज मांगने पर नहीं दे सका संतोषजनक जवाब
पुलिस का कहना है कि बरामद लॉटरी टिकटों से संबंधित वैध कागजात और दस्तावेज आरोपी से मांगे गए। हालांकि, पुलिस के अनुसार वह टिकटों की खरीद, बिक्री, परिवहन या उनके स्रोत से संबंधित संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
इसके बाद पुलिस ने टिकटों को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी संख्या में टिकट आरोपी के पास कहां से आए। साथ ही यह जांच की जा रही है कि इन टिकटों को बीरभूम या किसी अन्य इलाके में भेजने की योजना थी या नहीं।
असली कंपनी के नाम के इस्तेमाल की भी जांच
जांच के दौरान पुलिस इस पहलू को भी खंगाल रही है कि कथित तौर पर किसी लोकप्रिय या अधिकृत लॉटरी कंपनी के नाम का इस्तेमाल करके नकली टिकट तैयार किए गए थे या नहीं। यदि ऐसा पाया जाता है, तो मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ अलग-अलग कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद टिकटों की छपाई कहां हुई और उन्हें किस माध्यम से जामुड़िया तक पहुंचाया गया। इसके लिए आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ टिकटों की छपाई, पैकिंग और वितरण से जुड़े संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।
अदालत ने पुलिस हिरासत में भेजा
गिरफ्तार शेख समीर को शुक्रवार को आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने अदालत से आरोपी की हिरासत की मांग की, ताकि उससे पूछताछ कर कथित लॉटरी कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और टिकटों की आपूर्ति के स्रोत का पता लगाया जा सके। अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया।
अब पुलिस हिरासत के दौरान आरोपी से यह जानने की कोशिश करेगी कि उसे ये टिकट किसने दिए थे, इन्हें किस स्थान पर पहुंचाया जाना था और क्या वह पहले भी इस तरह के टिकटों की आपूर्ति कर चुका है। जांच में यदि किसी बड़े नेटवर्क के संकेत मिलते हैं, तो मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
पहले भी सामने आते रहे हैं ऐसे मामले
जामुड़िया और आसपास के इलाकों में कथित फर्जी लॉटरी टिकटों की बरामदगी का यह पहला मामला नहीं बताया जा रहा है। पुलिस पहले भी अलग-अलग स्थानों पर अभियान चलाकर संदिग्ध लॉटरी टिकट बरामद कर चुकी है। इसके बावजूद बड़ी मात्रा में टिकटों की आवाजाही की सूचना सामने आने के बाद पुलिस अब केवल टिकट बरामद करने तक सीमित न रहकर उनके कथित स्रोत और वितरण व्यवस्था की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
जांच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी मात्रा में टिकट आखिर किसके निर्देश पर ले जाए जा रहे थे और इनके पीछे कोई संगठित आपूर्ति श्रृंखला काम कर रही थी या नहीं। पुलिस आरोपी की भूमिका की भी जांच कर रही है कि वह केवल टिकट पहुंचाने वाला व्यक्ति था या कथित कारोबार में उसकी कोई अन्य भूमिका भी थी।
फिलहाल पुलिस ने बरामद टिकटों को जांच के लिए सुरक्षित रखा है और आरोपी से पूछताछ जारी है। टिकटों की वास्तविकता, उनके स्रोत और संभावित खरीदारों के बारे में जांच पूरी होने के बाद ही मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




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