कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार देबाशीष कुमार के घर पर आयकर विभाग ने बड़ा छापा मारा। सुबह 5 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई करीब 16 घंटे तक चली, जिसके बाद अधिकारी बैग और एक संदिग्ध सूटकेस लेकर बाहर निकले।
⚡ सूटकेस में क्या है? बना रहस्य
👉 शाम करीब 6 बजे आयकर अधिकारियों की टीम
👉 बैग और सूटकेस लेकर घर से बाहर निकली
👉 अधिकारियों ने बताया:
- बैग में प्रिंटर है
👉 लेकिन सूटकेस में क्या है,
👉 इस पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई
👉 इससे पूरे मामले में सस्पेंस और गहरा गया है।
🚨 सुबह से शुरू हुआ था ऑपरेशन
👉 छापेमारी की शुरुआत सुबह करीब 5 बजे हुई
👉 स्थान: मनोहरपुकुर रोड स्थित आवास
👉 इसके अलावा:
- एक पार्टी कार्यालय
- सास के फ्लैट
👉 इन जगहों पर भी आयकर विभाग ने एक साथ कार्रवाई की।
🔥 समर्थकों का हंगामा और नारेबाजी
👉 छापे की खबर मिलते ही
👉 बड़ी संख्या में तृणमूल कार्यकर्ता और समर्थक मौके पर पहुंच गए
👉 जैसे ही अधिकारी बाहर निकले:
- जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई
👉 प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया:
- “फाइल चोरी हो रही है”
- और नारे लगाए—
👉 “स्वपन दासगुप्ता जवाब दो!”
⚖️ वकील को नहीं मिली एंट्री
👉 छापेमारी के दौरान
👉 एक वकील खुद मौके पर पहुंचा
👉 उसने ‘गाइडलाइन’ को लेकर सवाल उठाए
👉 लेकिन केंद्रीय बलों ने
👉 उसे अंदर जाने की अनुमति नहीं दी
👉 उसे गेट से ही वापस लौटा दिया गया।
🔎 ED कनेक्शन ने बढ़ाया शक
👉 इस छापेमारी से पहले
👉 प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)
👉 देबाशीष कुमार को कई बार तलब कर चुका है
👉 मामला:
- जमीन कब्जे से जुड़ा
👉 पूछताछ के लिए उन्हें
👉 सीजीओ कॉम्प्लेक्स, साल्टलेक बुलाया गया था
👉 हालांकि, देबाशीष कुमार ने इस पर कोई सीधा बयान नहीं दिया।
🗳️ चुनावी मुकाबले के बीच कार्रवाई
👉 रसबिहारी सीट से
👉 देबाशीष कुमार (तृणमूल)
👉 उनके खिलाफ भाजपा ने
👉 स्वपन दासगुप्ता को उम्मीदवार बनाया है
👉 ऐसे में चुनाव से ठीक पहले यह छापा
👉 राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
🏢 पार्टी ऑफिस में भी छापा
👉 मोतीलाल नेहरू रोड स्थित पार्टी कार्यालय में भी
👉 आयकर विभाग ने तलाशी ली
👉 कार्यकर्ताओं का आरोप:
- बिना सूचना ताला तोड़कर अंदर घुसे
- बीएलए और एजेंटों की फाइलों की कॉपी की गई
👉 उनका दावा:
👉 यह विपक्ष को फायदा पहुंचाने की साजिश है।
⚡ ममता बनर्जी के बयान से जुड़ा कनेक्शन?
👉 दिलचस्प बात यह है कि
👉 एक दिन पहले ही
👉 तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा था:
👉 “किसे कब गिरफ्तार किया जाएगा, इसके निर्देश दिए जा चुके हैं।”
👉 अब IT रेड के बाद
👉 इस बयान को लेकर नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।
📊 क्या पड़ेगा चुनाव पर असर?
👉 देबाशीष कुमार का दावा:
👉 “इन केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”
👉 लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है:
👉 इस घटना का असर
👉 मतदाताओं के मनोविज्ञान पर जरूर पड़ सकता है।
🔥 बंगाल की राजनीति में बढ़ी गर्मी
👉 ED और IT की लगातार कार्रवाई
👉 और चुनावी माहौल
👉 इन दोनों के बीच
👉 पश्चिम बंगाल की राजनीति
👉 और ज्यादा गरमा गई है।














