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आसनसोल-दुर्गापुर

आईएसपी यूनियन चुनाव पर बड़ा अपडेट, 24 सितंबर को होगा मतदान; 3,517 कर्मचारी डालेंगे वोट

Moutushi · 11 September 2026, 4:22 PM

बर्नपुर: बर्नपुर स्थित इस्को स्टील प्लांट (आईएसपी) में यूनियन चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म होने की दिशा में है। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) से संबद्ध बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ की ओर से दावा किया गया है कि आईएसपी में 24 सितंबर को यूनियन चुनाव के लिए मतदान कराया जाएगा। चुनाव की तारीख सामने आने के साथ ही प्लांट के कर्मचारियों और विभिन्न यूनियनों के बीच राजनीतिक एवं संगठनात्मक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

बीएमएस की ओर से आयोजित बैठक में चुनाव की तैयारियों, मतदान प्रक्रिया और कर्मचारियों से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। संगठन के पदाधिकारियों संजीत बनर्जी और श्रीकांत साह ने कहा कि आईएसपी के 107 वर्ष के इतिहास में यह पहली बार है जब कर्मचारियों के लिए यूनियन चुनाव होने जा रहा है। संगठन के अनुसार, इस चुनाव तक पहुंचना आसान नहीं रहा और इसके पीछे लंबे समय तक कानूनी तथा संगठनात्मक संघर्ष चला है।

चार यूनियनों के बीच सहमति नहीं बनने से अटका था चुनाव

बैठक में बीएमएस पदाधिकारियों ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया शुरू करने को लेकर पहले डिप्टी सीएलसी कार्यालय में चार यूनियनों के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया गया था। हालांकि, संगठन के अनुसार, आपसी सहमति नहीं बनने के कारण चुनाव की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

इसके बाद भारतीय मजदूर संघ की ओर से मामले को लेकर उच्च न्यायालय का रुख किया गया। बीएमएस नेताओं के मुताबिक, वर्ष 2025 में चुनाव की तारीख तय किए जाने के बाद कुछ यूनियनों की ओर से चुनाव प्रक्रिया को चुनौती दी गई। मामला आगे चलकर उच्च न्यायालय और फिर डिवीजन बेंच तक पहुंचा।

बीएमएस की ओर से कहा गया कि लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अब चुनाव का रास्ता साफ हुआ है और 24 सितंबर को मतदान कराया जाएगा। हालांकि, चुनाव को लेकर अलग-अलग यूनियनों के बीच मतभेद और कानूनी गतिविधियों के आरोपों ने पूरे मामले को काफी महत्वपूर्ण बना दिया है।

3,517 कर्मचारी करेंगे गुप्त मतदान

यूनियन चुनाव को लेकर सबसे महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए श्रीकांत साह ने बताया कि इस चुनाव में कुल 3,517 कर्मचारी अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान को लेकर पूरे आईएसपी परिसर में सात मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

बताया गया कि मतदान प्रक्रिया सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन मतगणना की जाएगी। इस वजह से 24 सितंबर का दिन आईएसपी के श्रमिक संगठनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गुप्त मतदान के जरिए कर्मचारी अपनी पसंद की यूनियन के पक्ष में वोट करेंगे। चुनाव परिणाम यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा कि कर्मचारियों के प्रतिनिधित्व और श्रमिक हितों से जुड़े मामलों में कौन-सा संगठन आगे प्रमुख भूमिका निभाएगा।

51 प्रतिशत से अधिक वोट मिलने पर मान्यता

बीएमएस की बैठक में यूनियन की मान्यता को लेकर भी जानकारी दी गई। संगठन की ओर से बताया गया कि यदि किसी यूनियन को 51 प्रतिशत से अधिक वोट प्राप्त होते हैं, तो उसे मान्यता प्राप्त यूनियन का दर्जा मिलेगा।

ऐसे में चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं होगा, बल्कि कर्मचारियों के बीच किसी संगठन की स्वीकार्यता और भविष्य की भूमिका भी इससे तय होगी। यही कारण है कि चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ विभिन्न यूनियनों की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

39 महीने के एरियर और लंबित भुगतान का मुद्दा

बैठक में आईएसपी कर्मचारियों से जुड़े आर्थिक और सेवा संबंधी मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। संजीत बनर्जी ने कर्मचारियों के 39 महीने के एरियर, 58 महीने के लंबित भुगतान और अन्य मांगों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि यदि इन मुद्दों को लेकर कोई यूनियन अदालत का दरवाजा खटखटाती है, तो बीएमएस से संबद्ध बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ उसका समर्थन करेगा। इससे साफ है कि आगामी चुनाव में केवल यूनियन की मान्यता ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के लंबित आर्थिक मुद्दे भी महत्वपूर्ण विषय बन सकते हैं।

चुनाव प्रक्रिया रोकने की कोशिश का आरोप

बैठक के दौरान बीएमएस की ओर से आरोप लगाया गया कि कुछ यूनियन चुनाव प्रक्रिया को रोकने के लिए कानूनी रास्ता अपना रही हैं। संगठन का कहना है कि लंबे कानूनी संघर्ष के बाद आखिरकार मतदान की तारीख तय हुई है।

हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अन्य यूनियनों का पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित पक्षों और प्रशासनिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।

24 सितंबर पर टिकी कर्मचारियों की नजर

आईएसपी जैसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान में यूनियन चुनाव का महत्व केवल संगठनात्मक राजनीति तक सीमित नहीं रहता। कर्मचारियों के वेतन, एरियर, लंबित भुगतान, सेवा संबंधी मांगों और श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों पर यूनियन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

ऐसे में 24 सितंबर को होने वाला चुनाव लंबे समय से चले आ रहे विवाद और कानूनी प्रक्रिया के बाद एक निर्णायक पड़ाव माना जा रहा है। 3,517 कर्मचारियों के वोट, सात मतदान केंद्र और उसी दिन होने वाली मतगणना के कारण चुनाव परिणाम पर सभी की निगाहें रहेंगी।

बैठक में अजय सिंह, दीपक सिंह, संजीत प्रसाद, अमित सिंह, रवि रजक और सचिन कुमार सहित संगठन से जुड़े अन्य लोग मौजूद रहे। अब देखना होगा कि 24 सितंबर को आईएसपी के कर्मचारी किस संगठन के पक्ष में अपना मत देते हैं और चुनाव के बाद कर्मचारियों से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर कौन-सी यूनियन कितनी प्रभावी भूमिका निभाती है।

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