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बाराबनी में टोटो को लेकर बस मालिकों का बड़ा फैसला, परिवहन सेवा ठप करने की चेतावनी

Moutushi · 11 September 2026, 4:18 PM

बाराबनी: बाराबनी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में टोटो के लगातार बढ़ते परिचालन को लेकर मिनी बस मालिकों और चालकों के बीच नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। मिनी बस एसोसिएशन का आरोप है कि क्षेत्र के कई मार्गों पर बिना परमिट और आवश्यक दस्तावेजों के टोटो का परिचालन किया जा रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह के वाहनों के बढ़ते परिचालन का सीधा असर वैध रूप से चल रही मिनी बस सेवाओं पर पड़ रहा है और बस मालिकों तथा कर्मचारियों की आमदनी लगातार प्रभावित हो रही है।

मामला अब केवल टोटो और बसों के बीच यात्रियों को लेकर प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं रह गया है। मिनी बस मालिकों का कहना है कि यदि प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से जल्द ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो उन्हें अपनी परिवहन सेवा बंद करने का निर्णय लागू करना पड़ सकता है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि वह बिना परमिट या नियमों का पालन किए चलने वाले टोटो के खिलाफ कार्रवाई चाहता है।

बसों के आगे चलकर यात्रियों को बैठाने का आरोप

मिनी बस एसोसिएशन के अनुसार, बाराबनी विधानसभा क्षेत्र के कई मार्गों पर टोटो बसों के आगे-आगे चलते हैं। आरोप है कि रास्ते में बस से पहले यात्रियों को रोककर टोटो चालक उन्हें अपने वाहनों में बैठा लेते हैं। इससे जब मिनी बस निर्धारित स्थानों पर पहुंचती है, तब उसमें पर्याप्त यात्री नहीं मिलते।

बस मालिकों का कहना है कि यात्री ही उनकी आमदनी का मुख्य आधार हैं। यदि लगातार यात्रियों की संख्या कम होती रहती है, तो बस का परिचालन आर्थिक रूप से मुश्किल हो जाता है। ईंधन, रखरखाव, चालक और अन्य कर्मचारियों का वेतन तथा परमिट और संबंधित खर्चों के बावजूद यदि पर्याप्त आय नहीं होती, तो बस मालिकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।

एसोसिएशन का दावा है कि पिछले कुछ समय से इसी तरह की स्थिति के कारण कई बस मालिकों और चालकों की परेशानी बढ़ी है।

परमिट और लाइसेंस वाले बस मालिकों की दलील

मिनी बस एसोसिएशन का कहना है कि बस मालिक नियमों के तहत परमिट और लाइसेंस लेकर यात्रियों को परिवहन सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। बसों को सड़क पर चलाने के लिए विभिन्न प्रकार के खर्च उठाने पड़ते हैं। वाहन का रखरखाव, कर्मचारियों का वेतन, परमिट से जुड़े खर्च और दूसरी जिम्मेदारियां बस मालिकों के ऊपर होती हैं।

एसोसिएशन का आरोप है कि दूसरी ओर यदि बिना आवश्यक दस्तावेजों या परमिट के टोटो का परिचालन होता है और उनके खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जाती, तो नियमों का पालन करने वाले परिवहन संचालकों के साथ असमान स्थिति पैदा होती है।

बस मालिकों का कहना है कि उनका विरोध टोटो से नहीं, बल्कि नियमों का उल्लंघन कर चलने वाले वाहनों से है। उनका कहना है कि यदि सभी वाहन नियमों के अनुसार संचालित हों, तो परिवहन व्यवस्था में बेहतर संतुलन बनाया जा सकता है।

परिवहन मंत्री के आश्वासन का हवाला

मिनी बस एसोसिएशन की ओर से यह भी कहा गया है कि परिवहन मंत्री की ओर से पहले स्पष्ट किया गया था कि सड़कों पर अवैध टोटो का परिचालन नहीं होने दिया जाएगा। इसके बावजूद बाराबनी विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में बिना उचित अनुमति या आवश्यक दस्तावेजों के टोटो चलने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

एसोसिएशन का कहना है कि यदि सरकार और प्रशासन ने अवैध परिचालन पर रोक लगाने की बात कही है, तो जमीन पर भी उसका असर दिखाई देना चाहिए। केवल घोषणा या आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए नियमित जांच और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई आवश्यक है।

बस कर्मचारियों पर भी पड़ रहा असर

मिनी बस मालिकों की परेशानी का असर केवल वाहन मालिकों तक सीमित नहीं है। एसोसिएशन के अनुसार, यात्रियों की संख्या घटने से बसों में काम करने वाले चालक और अन्य कर्मचारियों की आय तथा रोजगार की स्थिति भी प्रभावित हो रही है।

बस मालिकों का कहना है कि कई मामलों में बस से होने वाली आमदनी से कर्मचारियों का वेतन तक ठीक से निकालना मुश्किल हो रहा है। यदि यही स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो बसों के संचालन से जुड़े अनेक परिवारों के सामने आर्थिक परेशानी पैदा हो सकती है।

यही वजह है कि एसोसिएशन अब प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहा है।

परिवहन सेवा बंद करने का फैसला

लगातार बढ़ती शिकायतों के बीच मिनी बस एसोसिएशन ने परिवहन सेवा ठप करने का फैसला लिया है। एसोसिएशन का कहना है कि यदि बिना परमिट और नियमों का पालन किए चल रहे टोटो के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो बस संचालकों के लिए मौजूदा परिस्थितियों में सेवा जारी रखना मुश्किल होगा।

एसोसिएशन की प्रमुख मांग है कि प्रशासन और परिवहन विभाग क्षेत्र में टोटो परिचालन की जांच करे। जिन वाहनों के पास आवश्यक परमिट या दस्तावेज नहीं हैं, उनके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही वैध परमिट और लाइसेंस के आधार पर चल रही मिनी बस सेवाओं को संरक्षण दिया जाए।

टोटो और बसों के बीच बढ़ते विवाद पर नजर

बाराबनी क्षेत्र में टोटो की संख्या बढ़ने के साथ ही स्थानीय यात्रियों के लिए परिवहन के विकल्प भी बढ़े हैं। छोटे मार्गों और घर के नजदीक यात्रियों को पहुंचाने में टोटो की भूमिका कई जगह महत्वपूर्ण रही है। लेकिन मिनी बस संचालकों की शिकायतों ने अब इस परिवहन व्यवस्था के नियमन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल पूरा मामला प्रशासन और परिवहन विभाग की कार्रवाई पर निर्भर करता है। यदि शिकायतों के आधार पर जांच होती है और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, तो विवाद को नियंत्रित करने की दिशा में कदम बढ़ सकता है। वहीं, यदि बस एसोसिएशन की मांगों पर जल्द कोई समाधान नहीं निकला, तो परिवहन सेवा बंद होने से आम यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन बस मालिकों की शिकायतों को किस तरह लेता है और टोटो तथा मिनी बसों के बीच बढ़ते विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। बाराबनी में परिवहन व्यवस्था को लेकर बना यह तनाव आने वाले दिनों में और बड़ा मुद्दा बन सकता है।

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