Friday, 6 November 2026
Advertisement
ब्रेकिंग न्यूज़
आसनसोल में उद्योगों की वापसी की उम्मीद! नई उद्योग नीति के समर्थन में उतरा एफओएसबीईसीसीआई अंडाल में रेलवे का लोहा चोरी कर भाग रहा था आरोपी, हादसे ने बिगाड़ा खेल; गाड़ी समेत गिरफ्तार काली पूजा की खुशियों के बीच दुर्गापुर में बड़ी चोरी! घर से सोने के गहने और नकदी गायब, 3 लाख का नुकसान दुर्गापुर के नामी होटलों में खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा, सड़े-बासी खाने मिले; कई पर लगा जुर्माना! 70 से 80 हजार करोड़ का निवेश, 10 हजार नौकरियां! आसनसोल के लिए मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणा दुर्गापुर में काली पूजा का भव्य आगाज! मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने किया न्यूटन यंग कॉर्नर के पंडाल का उद्घाटन आसनसोल में उद्योगों की वापसी की उम्मीद! नई उद्योग नीति के समर्थन में उतरा एफओएसबीईसीसीआई अंडाल में रेलवे का लोहा चोरी कर भाग रहा था आरोपी, हादसे ने बिगाड़ा खेल; गाड़ी समेत गिरफ्तार काली पूजा की खुशियों के बीच दुर्गापुर में बड़ी चोरी! घर से सोने के गहने और नकदी गायब, 3 लाख का नुकसान दुर्गापुर के नामी होटलों में खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा, सड़े-बासी खाने मिले; कई पर लगा जुर्माना! 70 से 80 हजार करोड़ का निवेश, 10 हजार नौकरियां! आसनसोल के लिए मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणा दुर्गापुर में काली पूजा का भव्य आगाज! मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने किया न्यूटन यंग कॉर्नर के पंडाल का उद्घाटन
आसनसोल-दुर्गापुर

आसनसोल में उद्योगों की वापसी की उम्मीद! नई उद्योग नीति के समर्थन में उतरा एफओएसबीईसीसीआई

Moutushi · 6 November 2026, 5:12 PM

आसनसोल, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़ : पश्चिम बंगाल में उद्योगों के विकास और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से घोषित नई उद्योग नीति को लेकर औद्योगिक जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। उद्योग जगत से जुड़े संगठन एफओएसबीईसीसीआई ने राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति का स्वागत करते हुए इसे पश्चिम बर्दवान और विशेष रूप से आसनसोल के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। शुक्रवार को संगठन की ओर से आयोजित पत्रकार सम्मेलन में उद्योगपति सचिन राय ने कहा कि नई नीति से उद्योग जगत में नई उम्मीद जगी है। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार की पहल से राज्य में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

पत्रकार सम्मेलन में सचिन राय ने कहा कि उद्योग जगत से जुड़े लोग नई नीति को लेकर काफी उत्साहित हैं। उनका कहना था कि संगठन हमेशा सरकार के साथ खड़ा रहा है और भविष्य में भी उद्योगों के विकास के लिए सरकार को सहयोग देता रहेगा। उद्योगों की तरक्की केवल कारोबारियों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों, श्रमिकों, छोटे व्यापारियों और युवाओं को भी मिलता है। जब किसी क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित होते हैं या पुराने कारखाने दोबारा शुरू होते हैं, तो रोजगार के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।

नई उद्योग नीति से आसनसोल को बड़ी उम्मीद

सचिन राय ने कहा कि आसनसोल की पहचान लंबे समय से एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र के रूप में रही है। यहां कई बड़े कारखाने और औद्योगिक प्रतिष्ठान रहे हैं, जिनसे हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई थी। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में एक के बाद एक कई कारखानों के बंद होने से क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ा है। इसका प्रभाव केवल कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों पर ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े छोटे कारोबार और स्थानीय बाजार पर भी पड़ा है।

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि आसनसोल के औद्योगिक क्षेत्र को फिर से मजबूत बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। नई उद्योग नीति इस दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर सकती है। यदि सरकार निवेशकों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराती है और पुराने औद्योगिक प्रतिष्ठानों को फिर से चालू करने की दिशा में पहल करती है, तो आसनसोल की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।

सेनरेले से हिंदुस्तान केबल्स तक, बंद कारखानों को चालू करने की मांग

पत्रकार सम्मेलन के दौरान बंद पड़े पुराने कारखानों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सचिन राय ने कहा कि आसनसोल औद्योगिक क्षेत्र में सेनरेले फैक्ट्री, ग्लास फैक्ट्री, हिंदुस्तान केबल्स और इंडियन ऑक्सीजन जैसे कई पुराने औद्योगिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं। कभी इन कारखानों से क्षेत्र की औद्योगिक पहचान मजबूत होती थी और बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलता था। आज इन प्रतिष्ठानों के बंद रहने से औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर असर पड़ा है।

उन्होंने कहा कि इन कारखानों को किस तरह दोबारा चालू किया जा सकता है, इस पर विचार करने की जरूरत है। इसके लिए केवल घोषणा पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि प्रत्येक कारखाने की मौजूदा स्थिति, उपलब्ध संसाधनों, जमीन, मशीनरी और निवेश की संभावनाओं का आकलन करना होगा। यदि व्यवहारिक योजना तैयार की जाए और सरकार तथा निजी क्षेत्र मिलकर प्रयास करें, तो बंद पड़े प्रतिष्ठानों के भविष्य को लेकर नई संभावनाएं बन सकती हैं।

हालांकि, इन कारखानों को दोबारा शुरू करने के लिए आवश्यक निवेश, तकनीकी स्थिति और प्रशासनिक प्रक्रियाओं जैसी चुनौतियों पर भी ध्यान देना होगा। उद्योग जगत का मानना है कि इन विषयों पर गंभीर चर्चा के बाद ही कोई ठोस रास्ता निकल सकता है।

19 दिसंबर को आसनसोल में होगी महत्वपूर्ण बैठक

सचिन राय ने जानकारी दी कि आगामी 19 दिसंबर को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी आसनसोल आएंगे और उद्योगपतियों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और उद्योग जगत से जुड़े लोगों के साथ चर्चा होने की उम्मीद है। बैठक में क्षेत्र की औद्योगिक समस्याओं, निवेश की संभावनाओं और बंद कारखानों को फिर से शुरू करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जा सकता है।

इस प्रस्तावित बैठक को लेकर स्थानीय उद्योग जगत में उम्मीदें बढ़ गई हैं। लंबे समय से बंद पड़े कारखानों के भविष्य को लेकर चर्चा और पहल की मांग उठती रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री के साथ उद्योगपतियों की बैठक को क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सचिन राय ने उम्मीद जताई कि इस बैठक के माध्यम से बंद कारखानों को लेकर आगे की रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। यदि सरकार और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है, तो निवेश और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लिए जा सकते हैं।

रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल सकता है लाभ

आसनसोल और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार का सवाल लंबे समय से महत्वपूर्ण बना हुआ है। बड़े कारखानों के बंद होने से प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्रभावित हुए हैं। इसके साथ ही परिवहन, निर्माण, मरम्मत, आपूर्ति और छोटे व्यापार जैसे क्षेत्रों में भी इसका असर महसूस किया गया है।

यदि नई उद्योग नीति के तहत नए निवेश आते हैं और पुराने कारखानों को दोबारा शुरू करने की दिशा में पहल होती है, तो इसका लाभ व्यापक स्तर पर मिल सकता है। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। साथ ही छोटे कारोबारियों, ठेकेदारों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी नए काम मिलने की संभावना बनेगी।

सचिन राय ने कहा कि उद्योगों का विकास होने पर पूरे पश्चिम बंगाल को फायदा होगा। आसनसोल जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि संगठन उद्योगों के विकास के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।

आसनसोल के औद्योगिक गौरव की वापसी की उम्मीद

एफओएसबीईसीसीआई की ओर से नई उद्योग नीति का स्वागत ऐसे समय में किया गया है, जब आसनसोल में पुराने औद्योगिक प्रतिष्ठानों को फिर से शुरू करने की मांग एक बार फिर चर्चा में है। अब उद्योगपतियों की नजर 19 दिसंबर को होने वाली प्रस्तावित बैठक पर टिकी है। इस बैठक में क्या निर्णय सामने आते हैं और बंद कारखानों को लेकर सरकार की क्या योजना बनती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

सचिन राय ने विश्वास जताया कि सरकार, उद्योग जगत और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से आसनसोल के औद्योगिक क्षेत्र को नई दिशा मिल सकती है। संगठन की इच्छा है कि इस क्षेत्र का पुराना औद्योगिक गौरव फिर से लौटे और यहां के युवाओं को अपने ही इलाके में रोजगार के बेहतर अवसर मिलें। नई उद्योग नीति से जगी उम्मीदें अब कितनी ठोस योजनाओं में बदलती हैं, इसका जवाब आने वाले समय में मिलेगा।

Advertisement