दुर्गापुर, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़ : पश्चिम बंगाल के औद्योगिक शहर दुर्गापुर में लोगों की सेहत और खानपान की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शहर के सिटी सेंटर इलाके में स्थित कई नामी होटलों और रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा विभाग, प्रशासन तथा दुर्गापुर नगर निगम की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाकर औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में सड़े और बासी खाद्य पदार्थ पाए गए। इसके बाद संबंधित होटलों के खिलाफ आर्थिक जुर्माना लगाया गया। वहीं, अभियान के दौरान प्रतिबंधित पॉलिथीन का इस्तेमाल किए जाने का मामला भी सामने आया, जिसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले कुछ अन्य प्रतिष्ठानों पर भी जुर्माने की कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई के बाद शहर के होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के बीच हलचल मच गई है। खास बात यह है कि जिन प्रतिष्ठानों में जांच की गई, उनमें शहर के जाने-माने होटल और रेस्टोरेंट भी शामिल थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आम लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है और खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
सिटी सेंटर के नामी होटलों में अचानक पहुंची जांच टीम
जानकारी के अनुसार, दुर्गापुर के सिटी सेंटर इलाके में खाद्य सुरक्षा विभाग, प्रशासन और दुर्गापुर नगर निगम के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से यह अभियान चलाया। टीम ने विभिन्न होटलों और रेस्टोरेंट में पहुंचकर वहां तैयार किए जा रहे तथा ग्राहकों को परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की स्थिति की जांच की।

अभियान के दौरान अधिकारियों ने रसोईघर, खाद्य पदार्थों के भंडारण की व्यवस्था, साफ-सफाई और भोजन तैयार करने के तरीके का निरीक्षण किया। इसके अलावा यह भी देखा गया कि प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल किए जा रहे खाद्य पदार्थ निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
जांच के दौरान कुछ होटलों में सड़े और बासी खाद्य पदार्थ मिलने से अधिकारियों ने नाराजगी जताई। खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से रखने और उनकी गुणवत्ता बनाए रखने में लापरवाही पाए जाने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ आर्थिक जुर्माना लगाया गया।
ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई
होटल और रेस्टोरेंट में भोजन करने वाले ग्राहकों को अक्सर इस बात की जानकारी नहीं होती कि उनके लिए तैयार किया जा रहा खाना किस गुणवत्ता के खाद्य पदार्थों से बनाया गया है। खाद्य सामग्री कितनी पुरानी है, उसे किस तापमान पर रखा गया है और रसोईघर में स्वच्छता का कितना ध्यान रखा जा रहा है, ये सभी बातें सीधे तौर पर लोगों की सेहत से जुड़ी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक गलत तरीके से रखे गए खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पेट संबंधी संक्रमण, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर गर्मी और उमस वाले मौसम में खाद्य पदार्थों के खराब होने की आशंका अधिक रहती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करता है। दुर्गापुर में हुई इस कार्रवाई का उद्देश्य भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करना बताया गया है।
प्रतिबंधित पॉलिथीन के इस्तेमाल पर भी लगा जुर्माना
इस अभियान के दौरान केवल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि पर्यावरण से जुड़े नियमों की भी जांच की गई। निरीक्षण के समय कुछ होटलों में प्रतिबंधित पॉलिथीन का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया।
इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ आर्थिक जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने होटल संचालकों को नियमों का पालन करने और प्रतिबंधित पॉलिथीन के इस्तेमाल से बचने की हिदायत दी।
दरअसल, प्रतिबंधित प्लास्टिक और पॉलिथीन का इस्तेमाल पर्यावरण के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है। इसके कारण नालियां जाम होने, जल निकासी प्रभावित होने और कचरा प्रबंधन में परेशानी जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन भी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए जरूरी है।

रसोईघर से लेकर खाद्य सामग्री के भंडारण तक हुई जांच
संयुक्त अभियान के दौरान अधिकारियों ने होटलों और रेस्टोरेंट में साफ-सफाई की स्थिति का भी जायजा लिया। रसोईघर में खाद्य पदार्थ रखने की व्यवस्था, भोजन तैयार करने वाले स्थानों की स्वच्छता और इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया।
खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत किसी भी होटल या रेस्टोरेंट के लिए यह जरूरी है कि ग्राहकों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से समझौता न किया जाए। खाद्य पदार्थों को उचित तरीके से सुरक्षित रखना, खराब सामग्री का इस्तेमाल नहीं करना और रसोईघर को साफ रखना व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी है।
अधिकारियों की इस कार्रवाई से होटल संचालकों को भी स्पष्ट संदेश मिला है कि केवल प्रतिष्ठान की लोकप्रियता या ग्राहकों की संख्या के आधार पर खाद्य सुरक्षा नियमों से छूट नहीं मिल सकती।
आगे भी जारी रहेगा औचक निरीक्षण
खाद्य सुरक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, दुर्गापुर शहर के विभिन्न होटलों और रेस्टोरेंट में इस तरह के अभियान आगे भी चलाए जाएंगे। विभाग का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है।

अधिकारियों ने संकेत दिया है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए समय-समय पर औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है।
शहर में बड़ी संख्या में लोग होटल और रेस्टोरेंट में भोजन करने पहुंचते हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। खासकर परिवारों, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को देखते हुए होटल संचालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

ग्राहकों के लिए भी जरूरी है सावधानी
दुर्गापुर में हुई इस कार्रवाई के बाद ग्राहकों के लिए भी यह जरूरी हो गया है कि वे भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर सतर्क रहें। किसी होटल या रेस्टोरेंट में खराब भोजन, गंदगी अथवा खाद्य सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लापरवाही दिखाई देने पर संबंधित विभाग में शिकायत की जा सकती है।
फिलहाल, सिटी सेंटर के कई नामी प्रतिष्ठानों में हुई इस संयुक्त कार्रवाई ने शहर के खाद्य कारोबारियों को सतर्क कर दिया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में खाद्य सुरक्षा विभाग के अभियान का दायरा किन अन्य इलाकों तक पहुंचता है। अधिकारियों की इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि होटल और रेस्टोरेंट संचालक स्वच्छता तथा खाद्य गुणवत्ता को लेकर अधिक जिम्मेदारी दिखाएंगे।




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