ईसीएल कुनुस्तोड़िया में हरित क्रांति! 2,000 पौधों से गूंजा पर्यावरण बचाओ अभियान

जामुड़िया: पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के कुनुस्तोड़िया क्षेत्र में मंगलवार को वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत क्षेत्र के विभिन्न कार्यालयों, परियोजनाओं और इकाइयों में कुल 2,000 पौधे लगाए गए, जिससे पूरे इलाके में हरियाली का संदेश फैल गया।

🌱 हरित भविष्य की ओर मजबूत कदम

इस अभियान की शुरुआत कुनुस्तोड़िया क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में क्षेत्रीय महाप्रबंधक अमित कुमार सिन्हा ने स्वयं पौधरोपण कर की।

उन्होंने कहा—
📢 “वृक्षारोपण सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हर व्यक्ति को पौधे लगाकर उन्हें पेड़ बनने तक संभालना चाहिए।”

🌍 बढ़ते प्रदूषण के बीच अहम पहल

महाप्रबंधक ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि—

  • जलवायु परिवर्तन और
  • बढ़ते प्रदूषण

के इस दौर में वृक्षारोपण का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है।

👉 उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों से इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की अपील की।

👷‍♂️ सभी ने लिया संकल्प

इस कार्यक्रम में—

  • क्षेत्रीय संरक्षा अधिकारी उमेश पंडित
  • क्षेत्रीय अभियंता (वैद्युतिकी एवं यांत्रिकी) राहुल बाबू
  • विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी
  • श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि

सभी ने मिलकर पौधरोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

🌿 पर्यावरण अधिकारी की देखरेख में सफल आयोजन

यह पूरा अभियान क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी विभांशु कुमार की निगरानी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
👉 उन्होंने सुनिश्चित किया कि लगाए गए पौधों की सही देखभाल और संरक्षण की व्यवस्था भी की जाए।

🚀 आगे भी जारी रहेगा हरित अभियान

ईसीएल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि—
🌳 भविष्य में भी इस तरह के वृक्षारोपण अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे।

👉 उद्देश्य है:

  • हरित आवरण बढ़ाना
  • प्रदूषण कम करना
  • और एक स्वच्छ व संतुलित पर्यावरण का निर्माण करना

🌟 क्यों है यह पहल खास?

विशेषज्ञों के अनुसार, खनन क्षेत्रों में इस तरह के अभियान बेहद जरूरी होते हैं क्योंकि—

  • वहां पर्यावरण पर दबाव अधिक होता है
  • हरियाली कम हो जाती है

👉 ऐसे में 2,000 पौधों का यह अभियान हरित संतुलन बहाल करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

निष्कर्ष:
ईसीएल का यह वृक्षारोपण अभियान सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक संदेश है—
👉 “अगर आज पेड़ लगाएंगे, तभी कल सुरक्षित रहेगा।”

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