बाराबनी: जामुड़िया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ईसीएल के श्रीपुर-सतग्राम क्षेत्र के गिरमिंट 10 नंबर इलाके में गुरुवार को जर्जर आवासों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। ईसीएल प्रबंधन ने बुलडोजर की मदद से आठ सी-टाइप क्वार्टरों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। लंबे समय से बेहद खराब और असुरक्षित स्थिति में पड़े इन क्वार्टरों को लेकर लगातार हादसे की आशंका बनी हुई थी। इसी को देखते हुए ईसीएल प्रबंधन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन आवासों को हटाने का निर्णय लिया।
बताया गया कि गिरमिंट इलाके में स्थित ये सी-टाइप क्वार्टर काफी समय से जर्जर अवस्था में थे। कई जगहों पर मकानों की स्थिति ऐसी हो चुकी थी कि दीवारों, छत और अन्य हिस्सों के कमजोर होने के कारण किसी भी समय दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई थी। खास बात यह थी कि इनमें से कुछ आवासों में लोग अभी भी रह रहे थे। ऐसे में ईसीएल प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों को सुरक्षित तरीके से वहां से हटाने की थी।
नोटिस के बाद खाली कराए गए आवास
ईसीएल प्रबंधन की ओर से कुछ दिन पहले ही संबंधित आवासों में रहने वाले लोगों को लिखित नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के माध्यम से उन्हें जर्जर और असुरक्षित मकानों को तत्काल खाली करने के लिए कहा गया था। प्रबंधन का कहना था कि इन मकानों की वर्तमान स्थिति लोगों के रहने के लिए सुरक्षित नहीं है और किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए आवास खाली करना जरूरी है।
नोटिस मिलने के बाद गुरुवार सुबह तक संबंधित निवासियों ने अपने-अपने क्वार्टर खाली कर दिए। इसके बाद ईसीएल प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कार्रवाई शुरू करने से पहले संबंधित मकान पूरी तरह खाली हो जाएं, ताकि बुलडोजर चलाए जाने के दौरान किसी व्यक्ति की जान को खतरा न हो।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला बुलडोजर
क्वार्टरों को ध्वस्त करने के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। किसी भी प्रकार के विरोध, विवाद या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जामुड़िया थाने की पुलिस मौके पर मौजूद रही। इसके अलावा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और ईसीएल की क्षेत्रीय सुरक्षा टीम के जवानों को भी तैनात किया गया था।
प्रशासन की ओर से पूरी कार्रवाई के दौरान आसपास के क्षेत्र पर नजर रखी गई। बुलडोजर से एक-एक कर जर्जर क्वार्टरों को गिराया गया। सुरक्षा बलों की मौजूदगी के कारण कार्रवाई के दौरान स्थिति नियंत्रण में रही और किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
जर्जर आवासों के खिलाफ अभियान जारी
ईसीएल के श्रीपुर-सतग्राम क्षेत्र में पुराने और जर्जर आवासों को हटाने की कार्रवाई को एक व्यापक सुरक्षा अभियान के रूप में देखा जा रहा है। कोयला क्षेत्रों में लंबे समय से इस्तेमाल में रहे कई आवास समय के साथ कमजोर हो जाते हैं। लगातार बारिश, नमी, रखरखाव की कमी और भवन की पुरानी संरचना के कारण ऐसे मकानों की स्थिति और खराब हो सकती है।
ईसीएल प्रबंधन का प्रयास है कि अत्यधिक जर्जर और रहने के लिहाज से असुरक्षित आवासों को चिन्हित कर उन्हें खाली कराया जाए तथा आवश्यकता के अनुसार ध्वस्त किया जाए। इसका मुख्य उद्देश्य किसी संभावित हादसे को होने से पहले रोकना है। खासकर उन इलाकों में जहां जर्जर मकानों के आसपास आबादी रहती है, वहां सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी मानी जाती है।
ईसीएल अधिकारी ने क्या कहा?
ईसीएल की उप प्रबंधक, मानव संसाधन, जयश्री यादव ने बताया कि गिरमिंट इलाके में आठ सी-टाइप क्वार्टरों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई है। उनके अनुसार, ये सभी आवास पूरी तरह क्षतिग्रस्त और असुरक्षित हो चुके थे। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी अभियान के तहत कई आवासों को ध्वस्त किया जा चुका है।
ईसीएल अधिकारी के बयान से स्पष्ट है कि जर्जर आवासों को लेकर प्रबंधन चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई कर रहा है। ऐसे मकानों को पहले चिन्हित किया जाता है, फिर वहां रहने वाले लोगों को आवश्यक सूचना देकर आवास खाली कराया जाता है और इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था के बीच ध्वस्तीकरण किया जाता है।
निवासियों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता
गिरमिंट में आठ सी-टाइप क्वार्टरों को गिराए जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसे अन्य कितने आवास अभी भी जर्जर स्थिति में हैं और उनमें लोग रह रहे हैं। पुराने श्रमिक आवासों की नियमित जांच और समय रहते मरम्मत या पुनर्वास की व्यवस्था किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
ईसीएल की इस कार्रवाई से यह संदेश भी सामने आया है कि बेहद जर्जर और असुरक्षित भवनों को केवल इसलिए उपयोग में नहीं रखा जा सकता कि वे लंबे समय से आवास के रूप में इस्तेमाल होते रहे हैं। मानव जीवन की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। हालांकि, ऐसे मामलों में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की व्यवस्था भी एक अहम विषय बन जाता है।
गिरमिंट 10 नंबर इलाके में हुई यह कार्रवाई इसी सुरक्षा अभियान की कड़ी मानी जा रही है। फिलहाल आठ जर्जर सी-टाइप क्वार्टरों को बुलडोजर से पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया है। आने वाले दिनों में ईसीएल के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के असुरक्षित आवासों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।




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