दुर्गापुर, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़: पूजा के मौसम में औद्योगिक शहर दुर्गापुर और आसपास के इलाकों में सड़क दुर्घटनाओं तथा उनमें लोगों की मौत की घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ रही है। त्योहारों के दौरान सड़कों पर आवाजाही बढ़ने, तेज रफ्तार से वाहन चलाने और यातायात नियमों की अनदेखी से हादसों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने और आम लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक बार फिर अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में मंगलवार को दुर्गापुर के गांधी मोड़ से सिटी सेंटर तक सड़क सुरक्षा जागरूकता पदयात्रा निकाली गई। इसके साथ ही पानागढ़ बाजार इलाके में भी पदयात्रा के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया गया।
गांधी मोड़ से सिटी सेंटर तक निकली पदयात्रा
दुर्गापुर में सड़क सुरक्षा जागरूकता पदयात्रा की शुरुआत गांधी मोड़ से हुई। अभियान का नेतृत्व आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के एसीपी ट्रैफिक (3) राजकुमार मालाकार ने किया। इस दौरान दुर्गापुर ट्रैफिक गार्ड के प्रभारी अधिकारी चिन्मय मंडल और सब ट्रैफिक गार्ड के प्रभारी अधिकारी अनंत राय भी उपस्थित रहे।
पदयात्रा के जरिए वाहन चालकों और राहगीरों को सड़क पर सतर्क रहने, यातायात नियमों का पालन करने और अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य केवल नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों को यह समझाना भी है कि सड़क पर की गई छोटी-सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
पूजा के समय बाजारों, प्रमुख चौराहों और व्यस्त सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के साथ नागरिकों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
पानागढ़ बाजार में भी लोगों को किया गया जागरूक
सड़क सुरक्षा का संदेश दुर्गापुर तक सीमित नहीं रहा। पानागढ़ बाजार इलाके में भी जागरूकता पदयात्रा निकाली गई। इस दौरान लोगों को यातायात नियमों का पालन करने और सड़क पर सावधानी बरतने की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया गया।
पानागढ़ बाजार जैसे व्यस्त इलाके में वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही के बीच सावधानी बेहद जरूरी है। सड़क पार करते समय निर्धारित स्थान का इस्तेमाल करना, वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखना और यातायात संकेतों का पालन करना दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
पुलिस का यह अभियान ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब त्योहारों के दौरान लोग खरीदारी, पूजा दर्शन और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए बड़ी संख्या में घरों से निकलते हैं। व्यस्त सड़कों पर वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वालों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होती है।
तेज रफ्तार और लापरवाही बन सकती है हादसों की वजह
सड़क दुर्घटनाओं के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें तेज गति, गलत तरीके से ओवरटेक करना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल, हेलमेट या सीट बेल्ट की अनदेखी और यातायात संकेतों का उल्लंघन शामिल हैं। कई बार सड़क की स्थिति, कम दृश्यता और अचानक सामने आने वाले अवरोध भी दुर्घटना का खतरा बढ़ा देते हैं।
त्योहारों के मौसम में समय पर पहुंचने की जल्दबाजी में कुछ वाहन चालक गति बढ़ा देते हैं। लेकिन कुछ मिनट बचाने की कोशिश जानलेवा साबित हो सकती है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनना चाहिए और कार में सफर करने वालों को सीट बेल्ट का इस्तेमाल करना चाहिए।
नशे की हालत में वाहन चलाना भी गंभीर जोखिम पैदा करता है। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने या संदेश देखने से चालक का ध्यान सड़क से हट जाता है। इसलिए यात्रा के दौरान पूरी एकाग्रता बनाए रखना जरूरी है।
सड़क सुरक्षा में आम लोगों की भूमिका भी अहम
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की जिम्मेदारी केवल पुलिस और प्रशासन की नहीं है। आम नागरिकों की सतर्कता भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पैदल यात्रियों को सड़क पार करने से पहले दोनों ओर देखना चाहिए और चलते वाहनों के बीच से सड़क पार करने से बचना चाहिए। दोपहिया वाहन पर यात्रा करते समय चालक और पीछे बैठने वाले दोनों को सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना चाहिए।
इसी तरह वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा के भीतर वाहन चलाना चाहिए, ट्रैफिक सिग्नल का सम्मान करना चाहिए और पैदल यात्रियों को सुरक्षित रास्ता देना चाहिए। वाहन चलाते समय पर्याप्त दूरी बनाए रखना भी आवश्यक है, ताकि अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में टक्कर से बचा जा सके।
माता-पिता और अभिभावकों को भी बच्चों को सड़क सुरक्षा के बुनियादी नियम सिखाने चाहिए। कम उम्र के बच्चों को व्यस्त सड़कों पर अकेले छोड़ने से बचना चाहिए और उन्हें सुरक्षित स्थानों से सड़क पार करने की आदत डालनी चाहिए।
पूजा की खुशियों के बीच सुरक्षा को न भूलें
दुर्गापुर में पुलिस की जागरूकता पदयात्रा का उद्देश्य त्योहारों के दौरान सड़क पर सुरक्षित व्यवहार को बढ़ावा देना है। पूजा का समय परिवारों और दोस्तों के साथ खुशियां बांटने का अवसर होता है, लेकिन सड़क पर थोड़ी-सी असावधानी इन खुशियों को दुख में बदल सकती है।
गांधी मोड़ से सिटी सेंटर तक निकाली गई पदयात्रा और पानागढ़ बाजार में चलाए गए जागरूकता अभियान के जरिए पुलिस ने यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया। सड़क सुरक्षा का संदेश तभी प्रभावी होगा, जब लोग इसे अपनी रोजमर्रा की आदतों में शामिल करेंगे।
यात्रा पर निकलने से पहले वाहन की स्थिति जांचना, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करना, गति नियंत्रित रखना तथा यातायात संकेतों का पालन करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। त्योहारों के मौसम में सुरक्षित सफर ही परिवार और समाज की खुशियों को बनाए रखने का सबसे महत्वपूर्ण आधार है।




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