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आसनसोल-दुर्गापुर

दुर्गापुर में नाबालिग को बंधक बनाकर यौन उत्पीड़न का आरोप, 74 वर्षीय बुजुर्ग गिरफ्तार

Moutushi · 28 October 2026, 7:38 PM

दुर्गापुर,बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़ : पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक नाबालिग के साथ कथित यौन उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में 74 वर्षीय बुजुर्ग शिवाजी साउ को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। घटना दुर्गापुर के ए-जोन फांड़ी क्षेत्र की बताई जा रही है। आरोप है कि बुजुर्ग ने नाबालिग को रोककर रखा और उसके साथ शारीरिक अत्याचार किया। नाबालिग की चीख सुनकर परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और उसे बचाया। इसके बाद परिवार ने दुर्गापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और मंगलवार रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

बुधवार को आरोपी को पुलिस हिरासत की मांग के साथ दुर्गापुर महकमा अदालत में पेश किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद नाबालिग की सुरक्षा और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जरूरत को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

नाबालिग की चीख सुनकर मौके पर पहुंचे परिजन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना दुर्गापुर के ए-जोन फांड़ी क्षेत्र की है। आरोप है कि शिवाजी साउ ने एक नाबालिग को रोककर रखा और उसके साथ शारीरिक अत्याचार किया। इसी दौरान नाबालिग की चीख सुनकर परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। परिजनों ने हस्तक्षेप कर नाबालिग को बचाया।

घटना की परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नाबालिग के परिवार ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की है। इस शिकायत के बाद ही मामले में पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ी।

इस तरह के मामलों में पीड़ित की सुरक्षा, उसकी निजता और मानसिक स्थिति का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। परिवार के सदस्यों की समय पर मौजूदगी से नाबालिग को बचाए जाने की बात सामने आई है, लेकिन घटना से जुड़े सभी तथ्यों का पता लगाना अब पुलिस जांच का हिस्सा है।

परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच

घटना के बाद नाबालिग के परिवार ने दुर्गापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। परिवार ने अपनी शिकायत में कथित घटना की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी की भूमिका की पड़ताल की।

ऐसे संवेदनशील मामलों में शिकायत के आधार पर पुलिस को घटना की परिस्थितियों, संबंधित व्यक्तियों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करनी होती है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाती है।

इस मामले में भी पुलिस ने शिकायत के बाद कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। हालांकि, घटना से संबंधित विस्तृत जानकारी, कथित अपराध के समय और अन्य परिस्थितियों को लेकर अभी कोई अतिरिक्त आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए मामले में अपुष्ट दावों को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।

मंगलवार रात गिरफ्तारी, बुधवार को अदालत में पेशी

पुलिस ने मंगलवार रात शिवाजी साउ को गिरफ्तार किया। इसके बाद बुधवार को उसे दुर्गापुर महकमा अदालत में पेश किया गया। पुलिस की ओर से आरोपी की हिरासत की मांग की गई, ताकि मामले की जांच आगे बढ़ाई जा सके।

पुलिस हिरासत की मांग का उद्देश्य जांच के दौरान जरूरी पूछताछ और घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करना हो सकता है। हालांकि, अदालत में पेशी के बाद हिरासत को लेकर क्या आदेश दिया गया, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए आरोपी को हिरासत में दिए जाने या आगे की न्यायिक कार्रवाई के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जांच में जुटे अधिकारियों के सामने घटना की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए आवश्यक तथ्यों को जुटाने की जिम्मेदारी है।

नाबालिग की पहचान और निजता का ध्यान रखना जरूरी

नाबालिग से जुड़े यौन उत्पीड़न के आरोप अत्यंत संवेदनशील होते हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित बच्चे की पहचान सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए। उसके नाम, तस्वीर, स्कूल, घर या परिवार से जुड़ी ऐसी जानकारी साझा करने से बचना जरूरी है, जिससे उसकी पहचान उजागर हो सकती है।

घटना की रिपोर्टिंग करते समय भी पीड़ित की गरिमा और निजता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके साथ ही आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों और अदालत में दोष सिद्ध होने के बीच के अंतर को समझना आवश्यक है। गिरफ्तारी का अर्थ यह नहीं है कि आरोप न्यायिक रूप से साबित हो चुके हैं। अंतिम निर्णय कानूनी प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।

जांच पर टिकी नजरें

दुर्गापुर के ए-जोन फांड़ी क्षेत्र से जुड़े इस मामले में अब पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। परिवार की शिकायत के बाद आरोपी की गिरफ्तारी और अदालत में पेशी हो चुकी है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।

इस मामले में आगे की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित घटना किन परिस्थितियों में हुई और उपलब्ध साक्ष्य क्या संकेत देते हैं। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण है कि नाबालिग की सुरक्षा और निजता सुनिश्चित की जाए तथा मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो। पुलिस की ओर से आगे कोई आधिकारिक जानकारी सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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